X
X

Fact Check : गोरखपुर के थाने में गालियां देते दारोगा का वीडियो 2016 का है, हालिया बताकर वायरल

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल पोस्‍ट की जांच की। यह भ्रामक साबित हुई। वर्ष 2016 की घटना का वीडियो अभी का बताकर भ्रम फैलाया जा रहा है।

नई दिल्‍ली (Vishvas News)। सोशल मीडिया पर एक पुलिसकर्मी का 45 सेकंड का वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें इस पुलिसकर्मी को गालियां देते हुए सुना जा सकता है। सोशल मीडिया पर यूजर्स इस वीडियो को अभी का बताकर वायरल कर रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि वीडियो गोरखपुर के चिलुआताल थाने का है।

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल पोस्‍ट की जांच की। यह भ्रामक साबित हुई। वर्ष 2016 की घटना का वीडियो अभी का बताकर भ्रम फैलाया जा रहा है। उस वक्‍त संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई भी हुई थी। हाल-फिलहाल में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।

क्‍या हो रहा है वायरल

फेसबुक यूजर डा रविन्द्र कुमार ने 6 अप्रैल को एक वीडियो पोस्‍ट करते हुए दावा किया, “ये है दारोगा जी यह वीडियो गोरखपुर के चिलुआताल थाने की है जो जनता की रक्षक है वहीं कैसे भ्रक्षक बना है इनको जरा फेमस करिए भाई लोग।”

वायरल पोस्‍ट के कंटेंट को यहां ज्‍यों का त्‍यों ही लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्‍ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।

पड़ताल

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल पोस्‍ट की जांच के लिए सबसे पहले गूगल ओपन सर्च टूल का इस्‍तेमाल किया। इसके लिए वायरल दावे के आधार पर कीवर्ड बनाए और फिर इसे सर्च किया।

हमें इंडिया टीवी के यूट्यूब चैनल पर एक रिपोर्ट मिली। 22 मई 2016 की इस रिपोर्ट में वायरल वीडियो का इस्‍तेमाल करते हुए बताया गया कि यूपी के गोरखपुर में एचएसओ SHO राम पाल ने बेटी के सामने ही उसकी मां को गंदी गंदी गालियां दीं।

सर्च के दौरान हमें यूपी पुलिस के फैक्‍ट चेक एक्‍स हैंडल पर एक पोस्‍ट मिली। इसमें बताया गया कि प्रकरण 2016 से संबंधित है, जिसमें तत्समय आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा चुकी है। गोरखपुर पुलिस द्वारा इस भ्रामक पोस्ट का खंडन किया गया है। कृपया बिना सत्यापन के भ्रामक पोस्ट कर अफवाह न फैलाएं।

हमें 12 अप्रैल 2025 को गोरखपुर पुलिस के एक्‍स हैंडल पर खंडन मिला।

आजतक की वेबसाइट पर मौजूद एक खबर में बताया गया कि गोरखपुर के चिलुआताल थाने के दरोगा रामपाल यादव को महिला से बदसलूकी करने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया। यह खबर 22 मई 2016 को पब्लिश की गई थी।

अब तक की पड़ताल से यह साबित हो गया कि वायरल घटना पुरानी है। इस मामले में कार्रवाई भी की जा चुकी है।

विश्‍वास न्‍यूज ने पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए दैनिक जागरण, गोरखपुर के संवाददाता सतीश पांडेय से संपर्क किया। उन्‍होंने जानकारी देते हुए बताया कि वायरल वीडियो काफी पुराना है। इस पर कार्रवाई भी चुकी है।

जांच के अंत में पुरानी घटना को अभी का बताकर वायरल करने वाले यूजर की जांच की गई। डा रविन्द्र कुमार (The Doctor) नाम के इस यूजर को 22 हजार से ज्‍यादा लोग फॉलो करते हैं। यूजर गोरखपुर का रहने वाला है।

निष्‍कर्ष : विश्‍वास न्‍यूज की जांच में वायरल पोस्‍ट भ्रामक साबित हुई। वर्ष 2016 की घटना को अभी का बताकर वायरल किया गया। उस वक्‍त वीडियो वायरल होने के बाद संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई भी हुई थी।

  • Claim Review : गोरखपुर में महिला को गाली देते पुलिसकर्मी का वीडियो
  • Claimed By : FB User Ravindra Kumar
  • Fact Check : भ्रामक

पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं

सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...

टैग्स

अपनी प्रतिक्रिया दें

No more pages to load

संबंधित लेख

Next pageNext pageNext page

Post saved! You can read it later