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Fact Check: सलमान रुश्दी की मृत्यु को लेकर किया जा रहा दावा निकला फर्जी

विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की पड़ताल में पाया कि सलमान रुश्दी की मृत्यु को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। उनकी सेहत को लेकर ऐसी कोई खबर नहीं आई है।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज़)।  भारतीय मूल के प्रसिद्ध लेखक सलमान रुश्दी की मृत्यु को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है। इस पोस्ट में रुश्दी की तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि उनका निधन हो गया है।

विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में पाया कि यह दावा पूरी तरह से झूठा है। 1989 में उनकी विवादित किताब ‘द सैटेनिक वर्सेज’ के कारण उनके खिलाफ फतवा जारी किया गया था। इसके बाद, 2022 में उन पर जानलेवा हमला भी हुआ, लेकिन वह जीवित हैं।

क्या है वायरल पोस्ट में ?

‘Ali Zakir’ नाम के एक फेसबुक पेज ने 30 अगस्त 2025 को सलमान रुश्दी की तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा, ”ये काना दज्जाल मर गया, अब दूसरे की बारी है।”

पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल

अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने न्यूज सर्च किया। सर्च में हमें सलमान रुश्दी को लेकर ऐसी कोई खबर नहीं मिली। रुश्दी एक बहुत जाने-माने और प्रसिद्ध व्यक्ति हैं और यदि उनकी सेहत को लेकर ऐसी कोई खबर आती, तो वो ज़रूर सुर्खियां बनती।

रुश्दी को लेकर न्यूज़ सर्च करने पर भी हमें कहीं ऐसी कोई खबर नहीं मिली।

इस मामले में हमने दैनिक जागरण के लिए अंतरराष्ट्रीय खबरों को कवर करने वाले पत्रकार जेपी रंजन से भी बात की। उन्होंने भी कन्फर्म  किया कि रुश्दी की सेहत को लेकर ऐसी कोई हालिया जानकारी  सामने नहीं आयी है।  उन्होंने कहा, “2022 में हुए घातक हमले के बाद सलमान रुश्दी की सेहत को लेकर ऐसी कोई जानकारी सामने नहीं आयी है।”

2022 में सलमान रुश्दी पर हुआ था हमला:

 12 अगस्त 2022 को भारतीय मूल के ब्रिटिश-अमेरिकी लेखक सलमान रुश्दी पर न्यूयॉर्क में एक साहित्यिक कार्यक्रम के दौरान जानलेवा हमला हुआ था। न्यूजर्सी के एक 27 वर्षीय युवक हादी मातर ने मंच पर चढ़कर रुश्दी पर कई बार चाकू से वार किए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस हमले में रुश्दी की एक आंख की रोशनी भी चली गई और उन्हें कई दिनों तक अस्पताल में रहना पड़ा था। विभिन्न हिंदी ख़बरों के अनुसार, यह हमला रुश्दी के 1988 के उपन्यास ‘द सैटेनिक वर्सेज’ से संबंधित था, जिसके बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खुमैनी ने उनके खिलाफ मौत का फतवा जारी किया था। मई 2025 में, अदालत ने हादी मातर को हत्या के प्रयास का दोषी मानते हुए 25 साल की जेल की सजा सुनाई है।

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खुमैनी का रुश्दी के खिलाफ फतवा:

रुश्दी के 1988 के उपन्यास ‘द सैटेनिक वर्सेज’ के प्रकाशन के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खुमैनी ने 14 फरवरी 1989 को रुश्दी के खिलाफ एक फतवा जारी किया था, जिसमें उनकी हत्या करने का आह्वान किया गया था। इस फतवे के कारण रुश्दी को कई सालों तक छिपकर रहना पड़ा था।

फर्जी पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर Ali Zakir की सोशल स्कैनिंग में हमने पाया कि यूजर के 14000 से अधिक फॉलोअर्स हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की पड़ताल में पाया कि सलमान रुश्दी की मृत्यु को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। उनकी सेहत को लेकर ऐसी कोई खबर नहीं आई है।

  • Claim Review : सलमान रुश्दी का निधन हो गया है
  • Claimed By : FB User Ali Zakir’
  • Fact Check : झूठ

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