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Fact Check: दारुल उलूम ने नहीं जारी किया केमिकल मिलाकर फल-सब्ज़ी बेचने वाला फतवा, वायरल पोस्ट फर्जी है

विश्वास न्यूज़ ने वायरल पोस्ट की पड़ताल में पाया कि यह दावा पूरी तरह फर्जी है। दारुल उलूम देवबंद ने ऐसा कोई फतवा जारी नहीं किया है। यह पूरी तरह से फर्जी फतवा है।

  • By Vishvas News
  • Updated: April 6, 2022

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज़)। नवरात्र और रमजान के बीच सोशल मीडिया पर एक फ़र्ज़ी फतवा वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि दारुल उलूम देवबंद ने एक फतवा जारी करते हुए मुसलमानों से अपील की है कि काफिरों की बस्ती में जाकर वहां केमिकल मिलाकर फल-सब्ज़ी बेचें, ताकि लोग बीमार पड़ सकें। जब विश्वास न्यूज़ ने इस वायरल पोस्ट की पड़ताल की तो हमने पाया कि यह दावा पूरी तरह फर्जी है। दारुल उलूम देवबंद ने ऐसा कोई फतवा जारी नहीं किया है। यह फर्जी फतवा एक फेक ट्विटर हैंडल की तरफ से ट्वीट किया गया था, जिसे अब डिलीट किया जा चुका है।

क्या है वायरल पोस्ट में?

फेसबुक यूजर ने एक ट्वीट का स्क्रीनशॉट शेयर किया, जिसमें ‘मौलाना गयूर शेख’ यूजर नेम लिखा हुआ है, ‘‘फतवा: तमाम मुस्लिम भाइयों से इल्तिजा है हिन्दू कोफिर बस्ती व गांव, इलाकों में केमिकल मिला कर घटिया क्वालिटी के फल, सब्ज़ी, दूध पनीर, आइसक्रीम आदि चीज़ें बेचे ताकि कोफिर जमात व उनके बच्चे भरी तादाद में बीमारी की गिरफ्त में आएं: फरमान मदरसा उलूम देवबंद” . वहीँ यूजर ने लिखा है, ”सभी हिन्दुओं से अपील है, किसी मुस्लिम से कोई चीज़ न खरीदें अपने बच्चों को भी सावधान करें।”

पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहाँ देखें।

पड़ताल

विश्वास न्यूज़ ने वायरल हो रहे इस फर्जी फतवे का इससे पहले भी फैक्ट चेक किया है। पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हम दारुल उलूम देवबंद की वेबसाइट पर पहुंचे और वहां हमें ऐसा कोई फतवा नहीं मिला।

वायरल दावे की पुष्टि के लिए हमने दारुल उलूम देवबंद के पीआरओ अशरफ उस्मानी से संपर्क किया और वायरल पोस्ट से जुडी जानकारी उन्हें दी। उन्होंने हमें बताया कि ऐसा कोई फतवा दारुल उलूम देवबंद ने जारी नहीं किया है। यह फतवा बहुत सालों से वायरल हो रहा है, जिसका खंडन दारुल उलूम देवबंद की तरफ से कई बार किया जा चुका है।

वायरल पोस्ट को @gayur_shiekh नाम के ट्विटर हैंडल की तरफ से किया गया है। सर्च में हमें इस नाम का कोई ट्विटर हैंडल नहीं मिला।

अब बारी थी फर्जी पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर Sunil Negi Premi की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि यूजर उत्तराखंड का रहने वाला है।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज़ ने वायरल पोस्ट की पड़ताल में पाया कि यह दावा पूरी तरह फर्जी है। दारुल उलूम देवबंद ने ऐसा कोई फतवा जारी नहीं किया है। यह पूरी तरह से फर्जी फतवा है।

  • Claim Review : फतवा: तमाम मुस्लिम भाइयों से इल्तिजा है हिन्दू कोफिर बस्ती व गांव, इलाकों में केमिकल मिला कर घटिया क्वालिटी के फल, सब्ज़ी, दूध पनीर, आइसक्रीम आदि चीज़ें बेचे ताकि कोफिर जमात व उनके बच्चे भरी तादाद में बीमारी की गिरफ्त में आएं: फरमान मदरसा उलूम देवबंद”
  • Claimed By : Sunil Negi Premi
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