Fact Check: नोएडा प्रदर्शन में मौतों का फर्जी दावा, पहले भी अफवाह फैलाने में शामिल रहा है यह हैंडल
नोएडा में हिंसक प्रदर्शन में मौतों का दावा गलत है। जिस एक्स अकाउंट से यह पोस्ट की गई है, उससे कुछ अन्य फेक पोस्ट भी की गई थी। इस अकाउंट से कुछ पाकिस्तानी यूजर्स को भी फॉलो किया जाता है।
- By: Sharad Prakash Asthana
- Published: Apr 14, 2026 at 05:53 PM
- Updated: Apr 14, 2026 at 06:36 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। उत्तर प्रदेश के नोएडा में वेतन वृद्धि को लेकर कुछ दिनों से चल रहा श्रमिकों का प्रदर्शन 13 अप्रैल 2026 को उग्र हो गया। इस दौरान आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं भी हुईं। इससे जोड़कर दो एक्स हैंडल्स से वीडियो शेयर कर दावा किया गया कि इस प्रदर्शन में उत्तर प्रदेश पुलिस की फायरिंग में 14 लोगों की मौत हो गई।
विश्वास न्यूज की जांच में वायरल दावा फर्जी निकला। यूपी पुलिस ने भी इसका खंडन किया है। इसे पोस्ट करने वाले एक्स यूजर ‘@Proudindiannavi’ और ‘@Mir_Ilyas_INC’ एक खास विचारधारा से प्रभावित हैं। एक यूजर का अकाउंट साउथ एशिया और दूसरे का यूनाइटेड किंगडम आधारित है। एक्स अकाउंट @Proudindiannavi से कुछ अन्य फेक पोस्ट भी फैलाई गई थी।
क्या है वायरल पोस्ट?
एक्स यूजर ‘Anushi Tiwari (Proud Indian) @Proudindiannavi’ ने 13 अप्रैल 2026 को चार वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “उत्तर प्रदेश के नोएडा में हजारों Gen Z प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। हिंसक झड़पें हुईं, यूपी पुलिस ने गोलियां चलाईं। अब तक 14 लोग मारे गए हैं और 32 घायल हैं। उत्तर प्रदेश के लोग सीधी गोलीबारी का सामना कर रहे हैं। सिर्फ कांग्रेस ही भारत को बचा सकती है।” (अनुवाद)

एक्स यूजर ‘Mir Ilyas @Mir_Ilyas_INC’ ने भी 13 अप्रैल 2026 को इन वीडियो को पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए इसी तरह का दावा किया है।

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने सबसे पहले कीवर्ड से इस बारे में गूगल पर सर्च किया। एनडीटीवी की वेबसाइट पर 14 अप्रैल 2026 को छपी रिपोर्ट के अनुसार, “नोएडा में हजारों कर्मचारी सड़क पर उतरे और कई जगह उपद्रव किया। इस दौरान 100 से ज्यादा गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई और कई वाहनों में आग लगा दी गई। पुलिस ने 300 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है।” रिपोर्ट में कहीं भी नहीं लिखा कि इस उग्र प्रदर्शन के दौरान किसी की मौत हुई है।

दैनिक जागरण के 14 अप्रैल 2026 के एडिशन में भी इस खबर को देखा जा सकता है। इसमें भी प्रदर्शन के दौरान किसी की मौत के बारे में नहीं लिखा है।

नोएडा पुलिस के एक्स हैंडल से इन पोस्ट्स के जवाब में 13 अप्रैल को पोस्ट कर जानकारी दी गई थी, “श्रमिकों द्वारा अन्य राज्य से दुष्प्रेरित होकर नोएडा में कई जगह प्रदर्शन किया गया है। मात्र एक जगह हिंसक प्रदर्शन होने पर पुलिस द्वारा न्यूनतम बल प्रयोग कर स्थितियां नियंत्रित की गई हैं। पुलिस द्वारा कहीं भी फायरिंग नहीं की गई है। उक्त प्रदर्शन में किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं हुई है। अफवाह व भ्रामक सूचना न फैलाएं।”
इस बारे में हमने नोएडा में दैनिक जागरण के ब्यूरो चीफ धर्मेंद्र चंदेल से बात की। उन्होंने कहा कि वायरल पोस्ट गलत है।
एक्स हैंडल ‘Anushi Tiwari (Proud Indian)’ की जांच
इसके बाद एक्स यूजर ‘@Proudindiannavi’ की प्रोफाइल (आर्काइव लिंक) को हमने स्कैन किया। इसमें लोकेशन इंडिया, बिहार दी गई है, लेकिन अकाउंट के बारे में जानकारी दी गई है कि यह साउथ एशिया बेस्ड है। हालांकि, एक्स पर दी गई जानकारी के अनुसार, जिस देश या क्षेत्र में यह अकाउंट है, उस पर हाल की यात्रा या कुछ समय के लिए दूसरी जगह जाने का असर पड़ सकता है। यह डेटा सही नहीं हो सकता है और समय-समय पर बदल सकता है।

यह अकाउंट सितंबर 2025 में बना था और अब तक दो बार इसका नाम बदल चुका है। आखिरी बार इसका नाम दिसंबर 2025 में बदला था।

स्कैनिंग में हमने पाया कि वायरल पोस्ट के जवाब में कुछ यूजर्स ने एक स्क्रीनशॉट शेयर कर इसे पाकिस्तान आधारित बताया है।
स्कैनिंग में पता चला कि यह यूजर कुछ पाकिस्तानी अकाउंट्स को भी फॉलो करता है।



इस अकाउंट से 7 अप्रैल 2026 को एक वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा गया, “मणिपुर में लोगों ने भारतीय सेना के ट्रकों में आग लगा दी और 22 भारतीय सैनिक मारे गए।”
गूगल पर ओपन सर्च में हमें ऐसी कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली। 8 अप्रैल 2026 को पीआईबी की फैक्ट चेक यूनिट ने इसे ‘पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा’ अकाउंट बताते हुए दावे को फेक बताया था।
इसी अकाउंट से 9 अप्रैल 2026 को वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा गया, “मणिपुर में गुस्साई भीड़ ने गवर्नर हाउस और इंडियन आर्मी हेडक्वार्टर में आग लगा दी। गुस्साई भीड़ ने मणिपुर पुलिस के 117 जवानों को अगवा कर लिया है, और इंडियन आर्मी का ऑपरेशन जारी है। कल रात से अब तक झड़पों में 92 लोग मारे गए हैं।”
मणिपुर पुलिस के एक्स अकाउंट से 10 अप्रैल 2026 को इस पोस्ट का स्क्रीनशॉट लेकर दावे को फर्जी बताया गया। पोस्ट के अनुसार, “यह फर्जी और झूठी जानकारी है। यह वीडियो 7 अप्रैल 2026 को बिष्णुपुर जिले के गेलमोल गांव में मौजूद CRPF कैंप पर हुई हिंसक भीड़ की घटना से जुड़ा है। इस संबंध में केस दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। गलत जानकारी फैलाने में शामिल लोगों/हैंडल्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है।”
इस अकाउंट से 26 मार्च 2026 को पोस्ट (आर्काइव लिंक) किया गया, “भारत के पेट्रोलियम मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि India में अब केवल 2 दिन का पेट्रोल बचा है, जबकि तेल की खेप को पहुंचने में 8 दिन तक लग सकते हैं। मोदी की नाकाम सरकार ने 1.5 अरब लोगों की ज़िंदगी को मुश्किल में डाल दिया है।”
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड ने इस दावे को अफवाह बताया था।
पीआईबी द्वारा 26 मार्च 2026 को जारी रिपोर्ट के अनुसार, देश में कहीं भी पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है।
इससे पता चलता है कि इस एक्स अकाउंट से फेक और देश विरोधी पोस्ट की गई हैं।
एक्स अकाउंट ‘Mir Ilyas’ की स्कैनिंग
इसके बाद हमने दूसरे एक्स अकाउंट ‘Mir Ilyas‘ की स्कैनिंग की। इसके अनुसार, अकाउंट यूनाइटेड किंगडम बेस्ड है और फरवरी 2020 में बना था। अप्रैल 2026 में यह वेरिफाई हुआ है। अब तक चार बार इसका यूजरनेम बदल चुका है। आखिरी बार अक्टूबर 2024 में इसका यूजरनेम बदला गया था।

इंडियन एक्सप्रेस में 14 अप्रैल 2026 को छपी रिपोर्ट के अनुसार, “पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नोएडा पुलिस ने 50 से ज्यादा बॉट हैंडल की पहचान की है, जो विरोध प्रदर्शन से पहले बनाए गए थे और जिनका इस्तेमाल अफवाहें फैलाने के लिए किया गया था।”
निष्कर्ष: नोएडा में हिंसक प्रदर्शन में मौतों का दावा गलत है। जिस एक्स अकाउंट से यह पोस्ट की गई है, उससे कुछ अन्य फेक पोस्ट भी की गई थी। इस अकाउंट से कुछ पाकिस्तानी यूजर्स को भी फॉलो किया जाता है।
- Claim Review : नोएडा में हिंसक प्रदर्शन में उत्तर प्रदेश पुलिस की फायरिंग में 14 लोगों की मौत हो गई।
- Claimed By : X User- Anushi Tiwari (Proud Indian)
- Fact Check : झूठ
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