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Fact Check: लखनऊ में फिर लोगों ने मानसिक रूप से बीमार आदमी को बच्चा चोरी के शक में पकड़ा

नई दिल्ली (विश्वास टीम)।मॉब लिंचिंग या भीड़ द्वारा पिटाई/हत्या की घटनाएं आज कल आए दिन सुनने को मिल रही हैं। विश्वास न्यूज़ ने पिछले 2 महीनों में ही बच्चा चोरी की अफवाहों के आधार पर भीड़ द्वारा पिटाई की लगभग 20 खबरें जांच-पड़ताल करके पब्लिश की हैं। इन सभी ख़बरों में पीड़ित बेगुनाह थे, पर भीड़ ने उन्हें बच्चा चोर के शक में पीटा।
ऐसी ही एक खबर लखनऊ से आ रही है, जहाँ लोगों ने एक आदमी को बच्चा चोर समझ कर पकड़ कर पीटा और पुलिस के हवाले कर दिया। हमने अपनी पड़ताल में पाया कि ये दावा गलत है। असल में ये व्यक्ति मानसिक रूप से बीमार है जिसे गलत अफवाहों के चलते लोगों ने पकड़ लिया था और पुलिस के हवाले कर दिया था। पुलिस ने जाँच में पाया कि ये व्यक्ति मानसिक रूप से बीमार था, बच्चा चोर नहीं।

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वायरल वीडियो में एक व्यक्ति को भीड़ ले जाती दिख रही है। वीडियो में कुछ लोग इस व्यक्ति को पीट भी रहे हैं। वीडियो के साथ डिस्क्रिप्शन लिखा है, “Baccha chor pakda gaya khanti muftiganj.” हिंदी: बच्चा चोर पकड़ा गया खांटी मुफ्तीगंज।

Baccha chor pakda gaya khanti muftiganj

Posted by Zaman Hussain on Wednesday, September 18, 2019

Fact Check

इस वीडियो की जाँच के लिए हमने मुफ्तीगंज पुलिस चौकी में कॉल किया। वहां हमें बताया गया कि ये घटना मुफ्तीगंज की नहीं है।

हमने इस वीडियो के स्क्रीनशॉट्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। जांच में हमारे हाथ फेसबुक की एक और पोस्ट लगी। जिसमें लिखा था, ‘ ठाकुरगंज में बच्चा चोर पकड़ा गया।’ हमने इसके बाद लखनऊ के ठाकुरगंज पुलिस थाने के SHO नीरज ओझा से फ़ोन पर बात की। उन्होंने कहा, ये घटना ठाकुरगंज की ही है। यह व्यक्ति मानसिक रूप से अस्वस्थ है| लोगों ने बच्चा चोर समझ कर इसे पुलिस के हवाले कर दिया। हमने इसकी डॉक्टरी जाँच कराई तो ये सुनिश्चित हुआ कि यह व्यक्ति मानसिक रूप से बीमार है। गांव वालों ने कोई भी शिकायत दर्ज नहीं कराई है।”

हमने इस विषय में दिल्ली के मशहूर साइकियाट्रिस्ट डॉ मनीष अवस्थी से भी बात की।उन्होंने कहा, “अक्सर भीड़ जब ऐसी हरकत करती है तो इस भीड़ का मकसद एक या एक से अधिक व्यक्तियों को भयभीत करना, अपमानित करना और खुद को बचाना होता है। अक्सर जब भीड़ शक के आधार पर किसी को पीटती है तो उससे जुडी अफवाह उसे सीधे तौर पर नुकसान पहुंचने वाली होती है या फिर वो भीड़ उस विषय में भावुक होती है।
बच्चा चोरी एक ऐसा ही विषय है। इसको लेकर लोग भावुक भी हैं और सजग भी। भावुक होने के कारण अक्सर लोग इस विषय से जुडी अफवाहों पर बिना पड़ताल के भरोसा कर लेते हैं और कथित आरोपी पर अपना गुस्सा उतार देते हैं।”

इस खबर को Zaman Hussain नाम के एक फेसबुक यूजर ने शेयर किया था। इनके प्रोफाइल के मुताबिक, ये सऊदी अरब के रियाद में रहते हैं।

निष्कर्ष: हमने अपनी पड़ताल में पाया कि ये दावा गलत है। असल में ये व्यक्ति मानसिक रूप से बीमार है, जिसे गलत अफवाहों के चलते लोगों ने पकड़ लिया था और पुलिस के हवाले कर दिया था। पुलिस ने जाँच में पाया कि ये व्यक्ति मानसिक रूप से बीमार था, बच्चा चोर नहीं।

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