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Fact Check: मुनव्वर फारूकी के प्लाकार्ड पर मदरसों को लेकर नहीं लिखे थे अपमानजनक शब्द, वायरल तस्वीर फेक

विश्वास न्यूज की पड़ताल में सामने आया कि मुनव्वर फारूकी की वायरल तस्वीर एडिट की गई है। असली तस्वीर 2019 की है, जब फारूकी मुंबई के आजाद मैदान में सीएए विरोधी प्रदर्शन में शामिल हुए थे। प्लाकार्ड पर लिखा था, “मैं गुजरात से हूं और मेरे डॉक्युमेंट साल 2002 में जल गए।”

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)।  सोशल मीडिया पर कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी  की एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है। तस्वीर में वो एक प्लाकार्ड  लेकर खड़े हैं, जिस पर अपमानजनक शब्द लिखे हुए हैं। इस फोटो को सोशल मीडिया यूजर्स असली समझ शेयर कर रहे हैं।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि मुनव्वर फारूकी  की वायरल तस्वीर एडिटेड है। असली तस्वीर 2019 की है, जब मुनव्वर फारूकी मुंबई के आजाद मैदान में सीएए को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। असली प्लाकार्ड  पर लिखा था, “मैं गुजरात से हूं और मेरे डॉक्युमेंट साल 2002 में जल गए।”

क्या हो रहा है वायरल ?

थ्रेड्स यूजर the.saffronite_ ने 3 दिसंबर 2024 को वायरल तस्वीर को शेयर किया।

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल

वायरल तस्वीर की सच्चाई जानने के लिए हमने फोटो को गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च करना शुरू किया। हमें वायरल तस्वीर ड्रीमटाइम नामक एक स्टॉक वेबसाइटपर मिली। मौजूद जानकारी के मुताबिक, वायरल तस्वीर 27 दिसंबर 2019 को ली गई है। सीएए को लेकर मुंबई की आजाद मैदान में विरोध प्रदर्शन हुआ था। इसी प्रदर्शन में शामिल होने के लिए कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी  एक प्लाकार्ड लेकर पहुंचे थे। और इस तस्वीर में प्लाकार्ड के ऊपर लिखा था, “मैं गुजरात से हूं और मेरे डॉक्युमेंट साल 2002 में जल गए।”

हमें यह असली तस्वीर 2019 में कई सोशल मीडिया पोस्ट्स में मिली। सभी जगह तस्वीर में लिखा था, “मैं गुजरात से हूं और मेरे डॉक्युमेंट साल 2002 में जल गए।”

अधिक जानकारी के लिए हमने मुनव्वर की पीआर टीम से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल तस्वीर एडिटेड है। असली तस्वीर 2019 की थी और उसपर कुछ और लिखा था।

अंत में हमने तस्वीर को भ्रामक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि थ्रेड्स यूजर the.saffronite_ को लगभग 2000 यूजर फॉलो करते हैं।  

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की पड़ताल में सामने आया कि मुनव्वर फारूकी की वायरल तस्वीर एडिट की गई है। असली तस्वीर 2019 की है, जब फारूकी मुंबई के आजाद मैदान में सीएए विरोधी प्रदर्शन में शामिल हुए थे। प्लाकार्ड पर लिखा था, “मैं गुजरात से हूं और मेरे डॉक्युमेंट साल 2002 में जल गए।”

  • Claim Review : : मुनव्वर फारूकी के प्लाकार्ड पर मदरसों को लेकर लिखे अपमानजनक शब्द
  • Claimed By : Threads user he.saffronite
  • Fact Check : झूठ

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