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Fact Check: तमिलनाडु से राम मंदिर के लिए भेजी गई घंटियों का निर्माण BHEL में किए जाने का दावा FAKE

राम मंदिर के लिए तमिलनाडु से भेजी गई घंटियों के सरकारी उपक्रम बीएचईएल के कारखानों में बनाए जाने का दावा गलत है। इन घंटियों का निर्माण नमक्कल स्थित अंडल मोल्डिंग वर्क्स ने किया है, जिसका स्वामित्व आर राजेंद्रन के हाथों में है। पिछली कई पीढ़ियों से राजेंद्रन का परिवार इस कारोबार में है।

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। इस महीने के आखिरी हफ्ते में राम मंदिर के अभिषेक समारोह से पहले सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में घंटियों से लदे एक ट्रक के आस-पास लोगों को ‘जय श्री राम’ का नारा लगाते हुए सुना जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि ये घंटियां राम मंदिर के लिए तमिलनाडु स अयोध्या भेजी जा रही हैं और इन्हें सरकारी कंपनी भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल), तिरुचिरापल्ली ने बनाया है।

विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को गलत पाया। वायरल वीडियो में नजर आ रही घंटियां अयोध्या राम मंदिर के लिए भेजी जाने वाली घंटियां हैं। हालांकि, इसका निर्माण बीएचईएल ने नहीं बल्कि नमक्कल स्थित एक स्थानीय कारखाने में किया गया है।

क्या है वायरल?

सोशल मीडिया यूजर ‘B.M. Gupta’ ने वायरल वीडियो (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “BHEL Trichy has made these bells for Ayodhya temple being despatched.” (“बीएचईएल त्रिची ने अयोध्या मंदिर के लिए इन घंटियों का निर्माण कराया है।”)

सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर कई अन्य यूजर्स ने इस वीडियो को समान दावे के साथ शेयर किया है।

पड़ताल

वायरल वीडियो के की-फ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च करने पर मोजो स्टोरी के वेरिफाइड यू-ट्यूब चैनल पर ऑरिजिनल वीडियो मिला, जिसे 25 दिसंबर 2023 को अपलोड किया गया है।

दी गई जानकारी के मुताबिक, तमिलनाडु से 42 घंटियों (2-2.5 टन वजनी) को अयोध्या राम मंदिर भेजा गया। इन बड़ी घंटियों के साथ कई छोटी-छोटी घंटियां भी हैं, जिनका इस्तेमाल पूजा के दौरान किया जाता है। इन घंटियों को रवाना किए जाने से पहले पुजारियों ने इसकी पूजा की और वहां मौजूद लोगों ने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए। लोगों को इन घंटियों को राम मंदिर में लगाए जाने का बेसब्री से इंतजार है।

यहां से मिली जानकारी के आधार पर सर्च करने पर हमें द हिंदू में 14 दिसंबर 2023 को प्रकाशित रिपोर्ट मिली, जिसमें इसका जिक्र है। रिपोर्ट के मुताबिक, राम मंदिर, अयोध्या के लिए इन घंटियों को नमक्कल में बनाया गया है। कुल 42 घंटियों को नमक्कल जिले में बनाया गया है, जिन्हें विशेष पूजा के बाद बेंगलुरु भेज दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, “राम मंदिर का अभिषेक समारोह जनवरी 2024 में होना है। बेंगलुरु के एक श्रद्धालु  राजेंद्र प्रसाद (69) ने नमक्कल जिला स्थित अंडल मोल्डिंग वर्क्स को 48 घंटियों का ऑर्डर दिया था, जिन्हें मंदिर में स्थापित किया जाना है।”

द हिंदू में 14 दिसंबर 2023 को प्रकाशित रिपोर्ट

घंटियों को बनाने वाले अंडल मोल्डिंग वर्क्स के व्यवस्थापक आर राजेंद्रन ने बताया कि उनका परिवार पिछली कई पीढ़ियों से इस पेशे में हैं। प्रसाद को हमारे काम के बारे में पता चला और उन्होंने हमसे चेन्नई स्थित एक ट्रेडर के जरिए संपर्क किया। उन्होंने बताया, “प्रसाद को राम मंदिर प्रशासन से इन घंटियों को आपूर्ति करने  की अनुमति मिली है।”

अन्य न्यूज रिपोर्ट्स में भी इसका जिक्र है। सीएनबीसीटीवी18 डॉटकॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, बेंगलुरु के एक श्रद्धालु राजेंद्र प्रसाद ने पिछले महीने राम मंदिर के लिए 48 घंटियों को बनाने का ऑर्डर दिया था, जिसमें से 42 घंटियों की आपूर्ति पिछले हफ्ते कर दी गई।

ऑर्गनाइजर की रिपोर्ट में घंटियों के निर्माता के तौर पर अंडल मोल्डिंग वर्क्स का जिक्र है, जो नमक्कल जिले में स्थित है, जिसका स्वामित्व राजेंद्रन के पास है।

हमारी जांच से स्पष्ट है कि तमिलनाडु के नमक्कल जिले में राम मंदिर के लिए बनाई गई घंटियों का निर्माण वहां स्थित अंडल मोल्डिंग वर्क्स नाम की कंपनी ने किया है, जो वर्षों से इस पेशे में हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह दावा गलत है कि इन घंटियों का निर्माण सरकारी कंपनी बीएचईल में किया गया।

वायरल वीडियो क्लिप को लेकर विश्वास न्यूज ने द हिंदू में इस रिपोर्ट को लिखने वाले रिपोर्टर एम सबरी से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया कि इन घंटियों का निर्माण बीएचईएल (BHEL), तिरुचिरापल्ली   में नहीं किया गया है। उन्होंने बताया किया इन घंटियों का निर्माण नमक्कल जिला स्थित एक कारखाने में किया गया है, जो कई पीढ़ियों से घंटी निर्माण के व्यवसाय में हैं।

राम मंदिर से संबंधित अन्य वायरल दावों की फैक्ट चेक रिपोर्ट्स को यहां पढ़ा जा सकता है।

निष्कर्ष: राम मंदिर के लिए तमिलनाडु से भेजी गई घंटियों के सरकारी उपक्रम बीएचईएल के कारखानों में बनाए जाने का दावा गलत है। इन घंटियों का निर्माण नमक्कल स्थित अंडल मोल्डिंग वर्क्स ने किया है, जिसका स्वामित्व आर राजेंद्रन के हाथों में है। पिछली कई पीढ़ियों से राजेंद्रन का परिवार इस कारोबार में है।

  • Claim Review : अयोध्या राम मंदिर में लगाई जाने वाली घंटियों का निर्माण BHEL, त्रिचिरापल्ली में हुआ।
  • Claimed By : FB User-B.M. Gupta
  • Fact Check : झूठ

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