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Fact Check : संविधान को जलाने के इस वीडियो का नहीं है मध्‍य प्रदेश से कोई संबंध, चार साल पहले दिल्‍ली में हुई थी यह घटना

विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में मध्‍य प्रदेश में संविधान जलाने के नाम से वायरल पोस्‍ट फर्जी साबित हुई। दिल्‍ली में 2018 को हुई घटना के वीडियो को कुछ लोग मध्‍य प्रदेश का हालिया वीडियो समझकर वायरल कर रहे हैं।

  • By Vishvas News
  • Updated: September 4, 2022

नई दिल्‍ली (विश्‍वास न्‍यूज)। सोशल मीडिया के विभिन्‍न प्‍लेटफार्म पर 2:26 मिनट का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें कुछ लोगों को संविधान जलाओ, देश बचाओ जैसे भड़काऊ नारे लगाते हुए देखा जा सकता है। इतना ही नहीं, ये लोग एससी/एसटी एक्‍ट, आरक्षण, भीम राव अंबेडकर के खिलाफ आपत्तिजनक नारेबाजी कर रहे हैं। सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो को मध्‍य प्रदेश का बताकर वायरल कर रहे हैं। विश्‍वास न्‍यूज ने दावे की जांच की। यह गलत साबित हुआ। वीडियो का मध्‍य प्रदेश से कोई संबंध नहीं है। अगस्‍त 2018 में दिल्‍ली के संसद मार्ग पर यह घटना हुई थी, लेकिन कुछ लोग इसे अभी का समझकर मध्‍य प्रदेश के नाम पर वायरल कर रहे हैं।

क्‍या हो रहा है वायरल

फेसबुक यूजर अक्‍की सोलंकी ने 30 अगस्‍त को एक वीडियो को पोस्‍ट करते हुए दावा किया : ‘एमपी का यह वीडियो है! इसमें यह लोग संविधान को जला रहे हैं और डॉक्टर बी आर अंबेडकर मुर्दाबाद के नारे लगा रहे हैं
ऐसे लोगों पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।’

फैक्ट चेक के उद्देश्य से पोस्ट के कंटेंट को यहां हूबहू लिखा गया है। इसे दूसरे यूजर्स भी अभी का मानकर वायरल कर रहे हैं।

पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखा जा सकता है।

पड़ताल

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल वीडियो की जांच करने के लिए सबसे पहले गूगल सर्च टूल का सहारा लिया। संबंधित कीवर्ड टाइप करके सर्च करने पर हमें एक भी ऐसी खबर नहीं मिली, जो इस बात की पुष्टि करे कि मध्‍य प्रदेश में ऐसी कोई घटना हुई है, जैसा कि वायरल वीडियो के साथ किए गए दावे में किया गया है।

जांच को आगे बढ़ाते हुए सर्च जारी रखा गया। हमें कई यूट्यूब चैनलों पर वायरल वीडियो, उससे जुड़ी खबरें मिलीं। नेशनल दस्‍तक ने 10 अगस्‍त 2018 को इस वीडियो को लेकर एक न्‍यूज अपलोड किया था। इसे आप नीचे देख सकते हैं । इसमें बताया गया कि दिल्‍ली के संसद मार्ग पर संविधान की प्रति जलाया गया।

सर्च के दौरान सिटिजन फॉर जस्टिस एंड पीस के यूट्यूब चैनल पर भी वायरल वीडियो से जुड़ी खबर मिली। इसे 13 अगस्‍त 2018 को अपलोड किया गया था। इसमें बताया गया कि संविधान जलाने वालों के खिलाफ अखिल भारतीय भीम सेना ने शिकायत दर्ज करवाई। यूथ फॉर इक्वलिटी फ़ाउंडेशन (आज़ाद सेना) और आरक्षण विरोधी पार्टी के खिलाफ यह शिकायत दर्ज करवाई गई।

विश्‍वास न्‍यूज ने पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए अखिल भारतीय भीम सेना के राष्‍ट्रीय प्रभारी अनिल तंवर से संपर्क किया। उन्‍होंने जानकारी देते हुए बताया कि 9 अगस्‍त 2018 को संसद मार्ग में दो संगठनों के कार्यकर्ताओं ने संविधान को जलाते हुए बाबा साहब के खिलाफ नारेबाजी की थी। इसके बाद 10 अगस्‍त को इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने इस मामले में छह लोगों को अरेस्‍ट किया था।

अनिल तंवर की ओर से विश्‍वास न्‍यूज को एफआईआर की कॉपी और उस वक्‍त की मीडिया कवरेज भी उपलब्‍ध कराई गई। जो इस बात की पुष्टि करती है कि वायरल वीडियो 2018 का है। इसका मध्‍य प्रदेश से कोई संबंध नहीं है। संविधान जलाने की घटना नई दिल्‍ली में हुई थी।

पड़ताल के अंत में फर्जी पोस्‍ट करने वाले यूजर की जांच की गई। फेसबुक यूजर अक्‍की सोलंकी गुजरात के रहने वाले हैं। इस यूजर के चार हजार से ज्‍यादा फेसबुक फ्रेंड हैं।

निष्कर्ष: विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में मध्‍य प्रदेश में संविधान जलाने के नाम से वायरल पोस्‍ट फर्जी साबित हुई। दिल्‍ली में 2018 को हुई घटना के वीडियो को कुछ लोग मध्‍य प्रदेश का हालिया वीडियो समझकर वायरल कर रहे हैं।

  • Claim Review : मध्‍य प्रदेश में संविधान जलाया गया
  • Claimed By : फेसबुक यूजर अक्‍की सोलंकी
  • Fact Check : भ्रामक
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