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Fact Check: झारखंड में हुई मॉक ड्रिल के वीडियो को यूपी में हुए प्रदर्शन का बताकर किया जा रहा शेयर

विश्वास न्यूज ने जांच में वायरल दावे को गलत पाया। पता चला कि कुछ लोग दशहरा के दौरान बोकारो पुलिस द्वारा आयोजित की गई मॉक ड्रिल के वीडियो को यूपी का बताकर शेयर कर रहे हैं। यह वीडियो असली घटना का नहीं है, बल्कि मॉक ड्रिल का है। 

  • By: Jyoti Kumari
  • Published: Oct 7, 2025 at 10:26 AM
  • Updated: Oct 7, 2025 at 11:15 AM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें कुछ लोगों को नारे लगाते हुए देखा जा सकता है। वहीं, दूसरी तरफ पुलिस वाले नजर आ रहे हैं। तभी एक पुलिस वाला लोगों पर कुछ फेंकता है और भीड़ तितर-बितर हो जाती है। अब कुछ यूजर्स इस वीडियो को उत्तर प्रदेश का बताकर शेयर कर रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि नेपाल की तरह यूपी में प्रदर्शन किया तो पुलिस ने लोगों को सबक सिखाया।

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल वीडियो की विस्तार से पड़ताल की और दावे को गलत पाया। वीडियो दशहरा पर्व के मद्देनजर बोकारो में पुलिस द्वारा आयोजित की गई मॉक ड्रिल का है। जिसे कुछ यूजर्स असली घटना का समझकर उत्तर प्रदेश के नाम से शेयर कर रहे हैं। वीडियो का यूपी से कोई संबंध नहीं है।

वायरल पोस्ट

फेसबुक यूजर गुप्ता पारुल ने 2 अक्टूबर 2025 को वीडियो को शेयर (आर्काइव लिंक) किया है। इस पर लिखा है, “भारत को नेपाल समझ रहे थे यहाँ बाबा जी का राज है…यूपी की पुलिस धुआँ धुआँ कर के छोड़ेंगे!”

सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इस वीडियो को यूपी का बताते हुए शेयर किया है।

पड़ताल

वायरल वीडियो की जांच के लिए हमने वीडियो का स्क्रीनशॉट निकाला और उसे गूगल लेंस से सर्च किया। adhura_ishq06 नाम के इंस्टा यूजर के हैंडल पर वीडियो पोस्ट किया हुआ मिला। 1 अक्टूबर 2025 को अपलोड वीडियो में दी गई जानकारी के अनुसार, यह वीडियो बोकारो में हुई मॉक ड्रिल का है। वीडियो में हमें इस मॉक ड्रिल के कई और दृश्य भी मिले।

हमें sp_bokaro नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर इस मॉक ड्रिल से जुड़ी तस्वीरें मिली। 27 सितंबर 2025 को शेयर की गई पोस्ट के कैप्शन में लिखा हुआ है,”आगामी दशहरा पर्व 2025 के मद्देनज़र सेक्टर 12 स्थित पुलिस लाइन बोकारो के परेड मैदान तथा माराफारी थानांतर्गत रितुडीह, बोकारो में पुलिस अधीक्षक, बोकारो के समक्ष पुलिस उपा० (नगर), सार्जेंट मेजर 1 एवं 2, परिचारी एवं अन्य पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों की उपस्थिति में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस के जवानों को किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने एवं दंगा विरोधी हालात पर काबू पाने का प्रशिक्षण दिया गया।”

इस मॉक ड्रिल के वीडियो को बोकारो पुलिस ने अपने एक्स हैंडल पर शेयर किया है। 27 सितंबर 2025 को की गई पोस्ट में वायरल वीडियो के साथ-साथ अन्य वीडियो क्लिप भी मिले। पोस्ट में लिखा गया है,”आगामी दशहरा पर्व 2025 को मद्देनज़र सेक्टर 12 स्थित पुलिस लाइन बोकारो के परेड मैदान तथा माराफारी थानांतर्गत रितुडीह, बोकारो में पुलिस अधीक्षक, बोकारो के समक्ष पुलिस उपा० (नगर), सार्जेंट मेजर 1 एवं 2, परिचारी एवं अन्य पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों की उपस्थिति में मॉक ड्रिल (1/2)”

MUKHAR SAMVAD नाम के एक यूट्यूब चैनल पर इस मॉक ड्रिल का पूरा वीडियो मिला। 28 सितंबर 2025 को अपलोड वीडियो में बताया गया,”दशहरा पर्व को लेकर बोकारो पुलिस ने सुरक्षा तैयारियों को लेकर एक पहल की। इसी के तहत पुलिस लाइन सेक्टर 12 परेड मैदान तथा माराफारी थाना अंतर्गत रितुडीह में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया था।”

वायरल वीडियो से जुड़ी खबर दैनिक भास्कर की एक खबर में भी मिली। 8 दिन पहले प्रकाशित हुई खबर में इसे बोकारो में हुई मॉक ड्रिल का बताया गया है।

 वायरल वीडियो से जुड़ी अन्य पोस्ट यहां देखें।

हमने वीडियो को हमने लखनऊ के चीफ रिपोर्टर राजीव बाजपेयी के साथ शेयर किया। उन्होंने बताया कि वीडियो यूपी का नहीं है।

हमने दैनिक जागरण धनबाद में डिप्टी चीफ रिपोर्टर बीरेंद्र कुमार पांडेय के साथ वीडियो शेयर किया। उन्होंने बताया,”यह वीडियो बोकारो में जिला प्रशासन के मॉक ड्रील का 29 सितंबर का है। यह कार्यक्रम रितुडीह में हुआ था। जो पब्लिक की भीड़ दिखाई जा रही है, वे सभी स्थानीय आदिवासी समुदाय से हैं। मॉक ड्रिल माराफारी थाना क्षेत्र में हुआ था, पब्लिक में पुलिस वाले भी शामिल हैं।”

जांच के अंत में हमने पोस्‍ट करने वाले यूजर की जांच की। पता चला कि फेसबुक यूजर को करीबन 4 हजार लोग फॉलो करते हैं। यूजर ने स्वयं को कानपुर का निवासी बताया है।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने जांच में वायरल दावे को गलत पाया। पता चला कि कुछ लोग दशहरा के दौरान बोकारो पुलिस द्वारा आयोजित की गई मॉक ड्रिल के वीडियो को यूपी का बताकर शेयर कर रहे हैं। यह वीडियो असली घटना का नहीं है, बल्कि मॉक ड्रिल का है। 

  • Claim Review : यूपी में नेपाल की तरह प्रदर्शन कर रहे लोगों को पुलिस ने पीटा।
  • Claimed By : फेसबुक यूजर -गुप्ता पारुल
  • Fact Check : झूठ

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