Fact Check: भारत में ‘दखल’ पर अमेरिका को चेतावनी देते हुए विदेश मंत्री जयशंकर के नाम से वायरल बयान FAKE है
भारत और अमेरिका के बीच तय समय के भीतर ट्रेड डील नहीं होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाए जाने की घोषणा की है, जो सात अगस्त से प्रभावी होगा। इसी संदर्भ में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के नाम से वायरल हो रहा यह बयान कि भारत रूस से तेल खरीदता रहेगा और भारत की अर्थव्यवस्था व्हाइट हाउस से संचालित नहीं होगी, फेक और मनगढ़ंत है।
- By: Abhishek Parashar
- Published: Aug 4, 2025 at 02:13 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाए जाने की आधिकारिक घोषणा और रूस से तेल व हथियार खरीदे जाने पर पेनल्टी लगाए जाने की धमकी दिए जाने के बाद सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर का एक कथित बयान शेयर कर रहे हैं, जिसमें दावा किया गया है कि उन्होंने अमेरिकी धमकी का जवाब देते हुए कहा है कि भारत की अर्थव्यवस्था व्हाइट हाउस से नहीं चलेगी और वह रूस से तेल की खरीदारी करता रहेगा।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को फेक पाया। विदेश मंत्री एस जयशंकर के नाम से वायरल हो रहा यह बयान फेक है। विदेश मंत्रालय ने भी इस दावे का खंडन किया है। भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाए जाने की घोषणा के बाद विदेश मंत्रालय ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह स्पष्ट रूप से कहा था कि जहां तक ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने का सवाल है तो वह अंतरराष्ट्रीय बाजार में उपलब्धता और वैश्विक परिस्थितियों के आधार पर तय होता है।
क्या है वायरल?
सोशल मीडिया यूजर ‘Neeraj Saxena’ ने वायरल पोस्ट (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “Our economy will not be run from the White House. Russian oil will continue to flow to India.” (“हमारी अर्थव्यवस्था व्हाइट हाउस से संचालित नहीं होगी। भारत रूस से तेल खरीदता रहेगा।”)
सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कई अन्य यूजर्स ने इसे शेयर किया है।
पड़ताल
वायरल पोस्ट में किए गए दावे के आधार पर हमें न्यूज सर्च में ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली, जिसमें एस जयशंकर के नाम से इस तरह के बयान (“हमारी अर्थव्यवस्था व्हाइट हाउस से संचालित नहीं होगी। भारत रूस से तेल खरीदता रहेगा।”) का जिक्र हो।
भारत का विदेश मंत्रालय सोशल मीडिया पर सक्रिय रूप से मौजूद है। सर्च में हमें विदेश मंत्रालय के फैक्ट चेक हैंडल से साझा किया हुआ पोस्ट मिला, जिसमें जयशंकर के नाम से वायरल हो रहे इस बयान को फेक बताते हुए उसका खंडन किया गया है।
मंत्रालय ने इस बयान को दुष्प्रचार बताया है।
एक अगस्त को विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक पत्रकार की तरफ से पूछे गए सवाल कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि भारत की तेल कंपनियों ने रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया है, का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा था कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए बाजार में उपलब्ध विकल्प और मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के आधार पर फैसले लेता है।
प्रवक्ता ने कहा था, “जहां तक ऊर्जा जरूरतों की सोर्सिंग (खरीदारी) की बात होती है, उस पर हमारा जो व्यापक रुख और रवैया है, उसे आप भलीभांति अवगत हैं कि जो बाजार में, अंतरराष्ट्रीय बाजार में जो तेल मिलता है, किस भाव पर मिलता है, और उस समय या इस समय जो भी वैश्विक माहौल है, इसको लेके हम इस पर निर्णय करते हैं।”
रूस से तेल खरीदना बंद किए जाने के बारे में उन्होंने कहा, “मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। मेरे पास इससे संबंधित विवरण उपलब्ध नहीं है।”
इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत-अमेरिका संबंधों के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने साफ और स्पष्ट रूप से कहा था कि भारत और अमेरिका के बीच एक समग्र वैश्विक साझेदारी है और यह कई बदलावों और चुनौतियों का सामना कर चुकी है। उन्होंने कहा, “ये वैश्विक साझेदारी हमारे साझा हितों, हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों और हमारे लोगों के बीच जो आत्मीयता है, इस पर आधारित है।”
वायरल दावे को लेकर हमने विदेश मंत्रालय को कवर करने वाले सीनियर जर्नलिस्ट मधुरेंद्र कुमार से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री की तरफ से ऐसा कोई बयान नहीं दिया गया है और आधिकारिक हैंडल से भी इस बयान का खंडन किया गया है।
30 जुलाई को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाए जाने की घोषणा की थी, जो एक अगस्त से प्रभावी होगा। ट्रंप ने इसके साथ ही भारत पर रूस से तेल और हथियार खरीदने पर टैरिफ के अतिरिक्त पेनल्टी लगाए जाने की चेतावनी दी थी। हालांकि, ट्रंप ने अपनी घोषणा में पेनल्टी की दर के बारे में कुछ स्पष्ट नहीं किया था।
व्हाइट हाउस की वेबसाइट पर इस ऑर्डर की कॉपी मौजूद है, जिसमें भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाए जाने का जिक्र है। इस ऑर्डर में भी पेनल्टी का कहीं कोई जिक्र नहीं है। इस आदेश के मुताबिक, ये टैरिफ सात अगस्त से प्रभावी होंगे।
गौरतलब है कि जिस एक्स हैंडल से विदेश मंत्री के जिस बयान को शेयर किया गया है, उससे भारत की विदेश नीति को लेकर लगातार फेक बयान को शेयर किया जाता रहा है। इससे पहले इसी हैंडल से अमेरिका के भारत पर 25% टैरिफ लगाए जाने की घोषणा के बाद भारत में आर्थिक आपातकाल या फाइनेंशियल इमरजेंसी लगाए जाने का फेक दावा किया गया था।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को फेक पाया था, जिसकी फैक्ट चेक रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है।
वायरल पोस्ट को शेयर करने वाले यूजर को फेसबुक पर करीब एक हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: भारत और अमेरिका के बीच तय समय के भीतर ट्रेड डील नहीं होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाए जाने की घोषणा की है, जो सात अगस्त से प्रभावी होगा। इसी संदर्भ में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के नाम से वायरल हो रहा यह बयान कि भारत रूस से तेल खरीदता रहेगा और भारत की अर्थव्यवस्था व्हाइट हाउस से संचालित नहीं होगी, फेक और मनगढ़ंत है।
- Claim Review : एस जयशंकर ने कहा कि भारत रूस से तेल खरीदता रहेगा और भारत की अर्थव्यवस्था व्हाइट हाउस से नहीं चलेगी।
- Claimed By : FB User-Neeraj Saxena
- Fact Check : झूठ
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