Fact Check: दो रंगों की धाराओं के मिलने का वीडियो प्रयागराज के संगम का नहीं, बल्कि विदेश का है
दो अलग-अलग रंगों की धाराओं के मिलने का यह वीडियो प्रयागराज के संगम का नहीं है।
- By: Sharad Prakash Asthana
- Published: Jan 15, 2025 at 05:22 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। प्रयागराज में 13 जनवरी से महाकुंभ की शुरुआत हो चुकी है। प्रयागराज में गंगा-यमुना के संगम से जोड़कर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें दो रंगों की धाराओं को मिलते देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इसे शेयर कर दावा कर रहे हैं कि यह प्रयागराज में गंगा-यमुना के संगम का वीडियो है।
विश्वास न्यूज की जांच में पता चला कि यह वीडियो प्रयागराज के संगम का नहीं है। हालांकि, इस वीडियो के सटीक स्थान के बारे में पुष्टि नहीं की जा सकती है। इससे पहले भी यह वीडियो समान दावे के साथ वायरल हो चुका है। विश्वास न्यूज की रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है।
वायरल पोस्ट
फेसबुक यूजर Sadabahar ने 13 जनवरी को वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए इसे प्रयागराज के संगम का बताया।

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने इसका कीफ्रेम निकालकर उसे गूगल लेंस से सर्च किया। फेसबुक यूजर Geology Page ने इस वीडियो को पोस्ट करते हुए इसे अलास्का की खाड़ी का बताया है। पोस्ट के अनुसार, यह वीडियो गल्फ ऑफ अलास्का में ग्लेशियर के पिघलने से निकले पानी और समुद्र से मिलने का है। पानी के घनत्व, तापमान और उसमें घुले हुए लवण की मात्रा के कारण दोनों के रंग अलग-अलग होते हैं।

वेबसाइट atinkanews पर इस वीडियो के स्क्रीनशॉट का प्रयोग करते हुए इसे लीबिया और इटली के बीच भूमध्य सागर का बताया है।

एक्स यूजर Massimo ने 2 अक्टूबर 2023 को इस वीडियो को पोस्ट करते हुए लिखा कि यह घटना दुनिया के कई हिस्सों में होती है। एक उदाहरण वह जगह है, जहां फ्रेजर नदी का पानी और जॉर्जिया की खाड़ी का समुद्री पानी आपस में नहीं मिलते।
आलमी वेबसाइट पर भी इस तरह की एक तस्वीर को अपलोड करते हुए इसे ब्राजील में अमेजन नदी और रियो तपाजोस नदी के मिलने का बताया गया है।

नासा के वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, अमेज़न का पानी हल्का भूरा है, क्योंकि इसमें बहुत ज्यादा मात्रा में मिट्टी होती है। तपजोस का पानी साफ है, क्योंकि यह निचले वर्षावन से निकलता है।

इससे पहले जब यह वीडियो वायरल हुआ था, तब विश्वास न्यूज ने प्रयागराज में गंगा प्रदूषण मुक्ति अभियान के अध्यक्ष स्वामी हरिचैतन्य ब्रह्मचारी से संपर्क किया था। उन्होंने कहा था कि यह संगम का वीडियो नहीं है। गंगा-यमुना के पानी का रंग ऐसा नहीं है।
हालांकि, विश्वास न्यूज यह पुष्टि नहीं करता है कि यह वीडियो विदेश में कहां का है, लेकिन इतना तय है कि यह प्रयागराज के संगम का नहीं है।
विदेश के वीडियो को प्रयागराज का बताकर शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। यूजर के करीब 14 लाख फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: दो अलग-अलग रंगों की धाराओं के मिलने का यह वीडियो प्रयागराज के संगम का नहीं है।
- Claim Review : यह प्रयागराज में गंगा-यमुना के संगम का वीडियो है।
- Claimed By : Fb User- Sadabahar
- Fact Check : झूठ
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