Fact Check : पुलिसकर्मी का वायरल वीडियो साल 2023 का है, हालिया बताकर भ्रामक दावे से किया जा रहा वायरल
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि पुलिसकर्मी और युवक के बीच बहस के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा भ्रामक है। वीडियो हाल-फिलहाल में हुई घटना का नहीं है, बल्कि साल 2023 में मेरठ में हुई घटना का है,जिसे हालिया बताकर भ्रम फैलाया जा रहा है। वीडियो का हाल-फिलहाल से कोई संबंध नहीं है।
- By: Jyoti Kumari
- Published: Mar 26, 2025 at 12:44 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें एक पुलिसकर्मी और एक युवक को बहस करते देखा जा सकता है। वीडियो में एक महिला भी पुलिसकर्मी से लड़ते हुए नजर आ रही है। अब कुछ यूजर्स इस वीडियो को हालिया बताकर शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने जांच में वायरल दावे को भ्रामक पाया। वीडियो हाल-फिलहाल में हुई घटना का नहीं है, बल्कि साल 2023 में मेरठ का है। उसी वीडियो को अब हाल में वायरल किया जा रहा है। जिससे यह भ्रम हो रहा है कि घटना हाल-फिलहाल की है।
क्या हो रहा है वायरल
फेसबुक यूजर Er Sukhpal Yadav ने 24 मार्च को एक वीडियो अपलोड करते हुए दावा किया, “यूपी की पुलिस क़ानून से ऊपर हो चुकी है,ये सिर्फ अमीरों की और नेताओं की बात सुनती है, गरीबों को तो यह खाने को दौड़ती है, खुद सुन लीजिए बोल रहा है ठोक दूंगा एक मिनट भी नहीं लगेगी । कौन सा कानून इनको यह अधिकार देता है की जनता अगर आपसे कोई बात कहे तो आप उसे ठोक दोगे??”
एक्स यूजर Atiqur Rahman ने 24 मार्च 2025 को इस वीडियो को शेयर किया है और लिखा है,”अपना उत्तर प्रदेश !!काश यही आवाज बड़ों के सामने निकलती ऐसे ही धमकी देते वहां तो मार खा के और खाली खा के आ जाते हैं #जंगलराज”
पड़ताल
वायरल वीडियो की पड़ताल के लिए हमने संबंधित कीवर्ड से सर्च किया। हमें वीडियो से जुड़ी रिपोर्ट abplive.com की अधिकारिक वेबसाइट पर मिली। रिपोर्ट 19 जुलाई 2023 को प्रकाशित की गई है। दी गई जानकारी के अनुसार, “यह घटना मेरठ के थाना सदर बाजार क्षेत्र के करिअप्पा रोड की है, जहां एक महिला का मकान बेहद ही जर्जर अवस्था में पहुंच गया था। इसके बाद महिला ने छावनी परिषद में मकान को तोड़ने के लिए अनुरोध किया था। जब कैंट बोर्ड की टीम दल बल के साथ महिला के मकान पर पहुंची और कार्रवाई कर रही थी, उसी समय यह घटना हुई थी।”
वायरल वीडियो से जुड़ी वीडियो रिपोर्ट UP Tak के अधिकारिक यूट्यूब चैनल पर मिली। 19 जुलाई 2023 को अपलोड वीडियो में बताया गया,” मेरठ के सदर थाना के रजबन इलाके में एक घर में कुछ दिन पहले आग लग गई थी। जांच के बाद पता चला कि मकान की हालत खराब है और इसे गिराने की आवश्यकता है। अगर ऐसा नहीं किया तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। जिसके बाद पुलिस और कैंट बोर्ड की टीम जेसीबी लेकर मौके पर गई। वहां मौजूद एक लड़के ने घर तोड़ने का विरोध किया और इसी बीच युवक की बहस एसआई स्वराज सिंह से हो गई थी।
वायरल वीडियो से जुड़ी रिपोर्ट अमर उजाला की वेबसाइट पर भी मिली। 19 जुलाई 2023 को प्रकाशित खबर में बताया गया, मेरठ के सदर थाना क्षेत्र में एक मकान के ध्वस्तीकरण के लिए टीम पहुंची थी, इस दौरान मकान के मलिक और उनके बेटे ने इसका विरोध किया था। वीडियो उसी समय का है।
दरअसल,मकान मालिक शैलेंद्र सिंह के मकान में आग लग गई थी। जिसकी बाद में रंगाई-पुताई कराई गई थी। मंगलवार को जब वह अपने परिवार के साथ कहीं बाहर गए, तो कैंट बोर्ड के जेई अवधेश यादव सदर पुलिस और कैंट बोर्ड की टीम को साथ लेकर उनके घर पहुँच गए और अवैध निर्माण का आरोप लगाते हुए बुलडोजर से आगे का हिस्सा तोड़ डाला। जब शैलेंद्र सिंह को यह बात पता चली तो वो परिवार के साथ वापस लौटे और उनके बेटे ने कैंट बोर्ड की टीम का विरोध किया। इस दौरान श्यौराज सिंह अपना आपा खो बैठे और उनके बेटे को धमकी दे डाली।” पूरी खबर यहां पढ़ें।
वायरल वीडियो से जुड़ी अन्य रिपोर्ट्स यहां पढ़ी जा सकती हैं।
अधिक जानकारी के लिए हमने मेरठ दैनिक जागरण के क्राइम रिपोर्टर लोकेश पंडित से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल वीडियो मेरठ में हुई एक घटना का था और यह वीडियो पुराना है।
अंत में हमने वीडियो को शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। पता चला कि यूजर को 17 हजार लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि पुलिसकर्मी और युवक के बीच बहस के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा भ्रामक है। वीडियो हाल-फिलहाल में हुई घटना का नहीं है, बल्कि साल 2023 में मेरठ में हुई घटना का है,जिसे हालिया बताकर भ्रम फैलाया जा रहा है। वीडियो का हाल-फिलहाल से कोई संबंध नहीं है।
- Claim Review : पुलिसकर्मी का वायरल वीडियो हालिया है।
- Claimed By : फेसबुक यूजर -Er Sukhpal Yadav
- Fact Check : भ्रामक
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