Fact Check: लखनऊ में भाजपा कार्यालय के बाहर अक्टूबर 2020 में महिला ने किया था आत्मदाह, हाल का नहीं है वीडियो
अक्टूबर 2020 में लखनऊ में भाजपा कार्यालय के बाहर महिला ने आत्मदाह किया था। उस घटना के वीडियो को हाल का बताकर शेयर किया जा रहा है। पुलिस ने पुराना वीडियो शेयर करने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
- By: Sharad Prakash Asthana
- Published: Apr 4, 2025 at 02:36 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का बताकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें महिला को एक भवन के सामने आत्मदाह की कोशिश करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में दिख रहा है कि वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने आग को बुझाया और महिला को गाड़ी में बैठाया। कुछ यूजर्स इस वीडियो को शेयर कर दावा कर रहे हैं कि लखनऊ में भाजपा कार्यालय के बाहर महिला ने आत्मदाह की कोशिश की है। इसके साथ में यूजर्स योगी सरकार पर निशाना साध रहे हैं।
विश्वास न्यूज की जांच में पता चला कि वायरल वीडियो अक्टूबर 2020 का है। महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी मौत हो गई थी।
वायरल पोस्ट
एक्स यूजर @dbabuadvocate ने 3 अप्रैल 2025 को वीडियो को पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए इस हालिया बताया है।
(वीडियो के दृश्य आपको विचलित कर सकते हैं।)

फेसबुक यूजर ‘शैलेन्द्र समाजवादी’ ने वीडियो को शेयर (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा,
“बताया जा रहा है ये वीडियो भारतीय जनता पार्टी कार्यालय लखनऊ का है जहाँ महिला ने आग लगकर आत्मदाह करने की कोशिश की है। MYogiAdityanath के शासन, प्रशासन मे फैले जंगलराज एवं अपराधियों के संरक्षण देने वाली मानसिकता से न्याय न मिलना आत्मादाह का कारण है।“

पड़ताल
एक्स यूजर @dbabuadvocate की पोस्ट पर लखनऊ पुलिस के एक्स हैंडल से पोस्ट कर जानकारी दी गई है कि वीडियो 2020 का है। इस मामले में हजरतगंज थाना पुलिस ने कार्रवाई की थी। इसके साथ में पुलिस ने वीडियो को भ्रामक तरीके से फैलाने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

कीवर्ड से सर्च करने पर एबीपी गंगा के यूट्यूब चैनल पर 13 अक्टूबर 2020 को इससे संबंधित वीडियो न्यूज मिली। इसमें वायरल वीडियो को भी देखा जा सकता है। इसके अनुसार, एक महिला ने लखनऊ में विधानसभा के सामने ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह करने की कोशिश की। वहां मौजूद पुलिसवालों ने आग बुझाई। महिला को गंभीर हालत में सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
14 अक्टूबर 2020 को नवभारत टाइम्स पर छपी खबर के मुताबिक, “लखनऊ में बीजेपी दफ्तर के सामने आत्मदाह का कोशिश करने वाली अंजलि तिवारी की मौत हो गई। वह महाराजगंज की रहने वाली थी। महिला ने महाराजगंज पुलिस को नोटिस देकर आत्मदाह किया था। पुलिस के अनुसार, अंजलि की दो साल पहले अखिलेश से शादी हुई थी। अखिलेश से अलग होने के बाद उसने कथित रूप से धर्म परिवर्तन कर आसिफ रजा से निकाह कर लिया। इसके बाद आसिफ सऊदी अरब भाग गया तो अंजलि उसके घर में रहने की जिद करने लगी। वह आसिफ के घर के सामने धरने पर बैठ गई। पुलिस उसे महिला थाने ले गई थी, लेकिन इस मामले का हल नहीं निकला था। इस मामले में पुलिस ने साजिश के शक में पूर्व राज्यपाल सुखदेव प्रसाद के बेटे आलोक को हिरासत में लिया था।”

14 अक्टूबर 2020 को न्यूज 18 में छपी खबर के अनुसार, “महिला ने कहा था कि महाराजगंज थाने की पुलिस उसकी सुनवाई नहीं कर रही है। वह सीएम योगी से मिलना चाहती थी, लेकिन मुलाकात नहीं होने पर उसने आत्मदाह का प्रयास किया था।”

15 अक्टूबर 2020 को पत्रिका डॉट कॉम में छपी खबर में लिखा है कि हजरत गंज पुलिस ने आलोक प्रसाद और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिये उकसाने, साजिश रचने समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।

इस बारे में लखनऊ में दैनिक जागरण के सिटी चीफ अजय श्रीवास्तव का कहना है कि यह वीडियो पुराना है, हाल का नहीं।
पुराने वीडियो को शेयर करने वाले यूजर के बायो में लिखा है कि वह अधिवक्ता सुरक्षा परिषद उत्तर प्रदेश (भारत) के प्रदेश अध्यक्ष हैं। यूजर के आठ हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: अक्टूबर 2020 में लखनऊ में भाजपा कार्यालय के बाहर महिला ने आत्मदाह किया था। उस घटना के वीडियो को हाल का बताकर शेयर किया जा रहा है। पुलिस ने पुराना वीडियो शेयर करने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
- Claim Review : लखनऊ में भाजपा कार्यालय के बाहर महिला ने आत्मदाह की कोशिश की है।
- Claimed By : X User- dbabuadvocate
- Fact Check : भ्रामक
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