Fact Check : 2020 में लखनऊ में हुआ था लाठीचार्ज, वीडियो अब सपा समर्थकों पर लाठीचार्ज के नाम पर वायरल
विश्वास न्यूज ने इस दावे की विस्तार से जांच की। पता चला कि वायरल पोस्ट में किया गया दावा भ्रामक है।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Apr 18, 2025 at 10:40 AM
नई दिल्ली (Vishvas News)। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें पुलिस को कुछ लोगों पर लाठीचार्ज करते हुए देखा जा सकता है। 27 सेकंड के इस वीडियो को अभी का बताकर वायरल किया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि सपा समर्थकों पर यूपी पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
विश्वास न्यूज ने इस दावे की विस्तार से जांच की। पता चला कि वायरल पोस्ट में किया गया दावा भ्रामक है। दरअसल, वर्ष 2020 में लखनऊ में NEET-JEE की परीक्षा को स्थगित करने को लेकर समाजवादी पार्टी की छात्र सभा के सैकड़ों कार्यकर्ता गवर्नर हाउस के सामने इकट्ठा हो गए थे। जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। उसी वक्त के वीडियो को अभी का बताकर गलत दावे के साथ वायरल किया गया।
क्या हो रहा है वायरल
फेसबुक यूजर ‘जितेंद्र कुमार’ ने 2 अप्रैल 2025 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “नामजवादियों की कुटाई जिन्हें रंग से दिक्कत थी बाबा जी की पुलिस उन्हें अब बिना रंग के लाल कर रही है..!!”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों ही लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले इस वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले। फिर इन्हें गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च किया।
हमें वायरल वीडियो से जुड़ी रिपोर्ट यूपी तक नाम के एक यूट्यूब चैनल पर मिला। वीडियो को 7 अगस्त 2020 को अपलोड किया गया था। यहां दी गई जानकारी के अनुसार, ‘लखनऊ में NEET-JEE की परीक्षा को स्थगित करने को लेकर बवाल। समाजवादी पार्टी की छात्र सभा के सैकड़ों कार्यकर्ता गवर्नर हाउस के सामने इकट्ठा हो गए और बैनर-पोस्टर लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे।’
इस वीडियो से यह कन्फर्म हो गया कि वायरल किया गया दावा गलत है। वीडियो अगस्त 2020 का है। पड़ताल के दौरान हमें वायरल पोस्ट का खंडन यूपी पुलिस के फैक्ट चेक एक्स हैंडल पर भी मिला। इसमें बताया गया, ‘यह वीडियो सन् 2020 में JEE और NEET की परीक्षा को स्थगित करने की मांग को लेकर कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाले व्यक्तियों पर पुलिस द्वारा किए गए आवश्यक बल प्रयोग का है। कृपया बिना सत्यापन के भ्रामक पोस्ट कर अफवाह न फैलाएं।’
जांच को आगे बढ़ाते हुए हमने गूगल ओपन सर्च टूल का इस्तेमाल किया। यहां पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट नवभारत टाइम्स की वेबसाइट पर मिली। 27 अगस्त 2020 की इस रिपोर्ट में वायरल वीडियो वाले हिस्से को भी देखा जा सकता है।
रिपोर्ट में बताया गया, ‘लखनऊ में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है। JEE और NEET परीक्षा टालने की मांग करते हुए एसपी कार्यकर्ता राज भवन के पास इकट्ठा हुए थे। इस दौरान पुलिस की कार्यकर्ताओं से भिड़ंत हो गई। पुलिस ने लाठियां बरसाते हुए उन्हें वहां से हटाया। कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। एसपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने पुलिस की कार्रवाई को निर्मम और निंदनीय करार दिया है।’
अधिक जानकारी के लिए हमने लखनऊ के चीफ रिपोर्टर राजीव बाजपेई से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल वीडियो पुराना है।
जांच के अंत में पुराने वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि फेसबुक यूजर जितेंद्र कुमार मथुरा में रहता है। इसे पांच हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में वायरल पोस्ट को भ्रामक पाया। 2020 के लाठीचार्ज के वीडियो अब सपा समर्थकों पर लाठीचार्ज के दावे से वायरल किया गया।
- Claim Review : नामजवादियों की कुटाई जिन्हें रंग से दिक्कत थी बाबा जी की पुलिस उन्हें अब बिना रंग के लाल कर रही है..!!
- Claimed By : FB User Jitendra Kumar
- Fact Check : भ्रामक
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