Fact Check : नौसैनिक अभ्यास की पुरानी तस्वीर जासूसी के संदेह में ईरान में गिरफ्तार हुए भारतीय शख्स के दावे के साथ वायरल
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल की जा रही तस्वीर 2023 की नौसैनिक अभ्यास से जुड़ी हुई हैं। वहीं, खबरों के अनुसार, ईरान ने मोसाद के लिए जासूसी के संदेह में दर्जनों लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, गिरफ्तार हुए लोगों की पहचान के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि ईरान की तरफ से नहीं की गई है। ऐसे में भारतीय जासूस का दावा भ्रामक है।
- By: Umam Noor
- Published: Jun 20, 2025 at 04:49 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया के अलग- अलग प्लेटफॉर्म पर एक तस्वीर वायरल हो रही है। वायरल तस्वीर में एक शख्स को कथित तौर पर पुलिस की हिरासत में देखा जा सकता है। तस्वीर को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि यह तस्वीर इजरायल के मोसाद के लिए जासूसी कर रहे भारतीय शख्स की है, जिसे ईरान में गिरफ्तार किया गया है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल की जा रही तस्वीर 2023 की नौसैनिक अभ्यास से जुड़ी हुई हैं। वहीं, खबरों के अनुसार, ईरान ने मोसाद के लिए जासूसी के संदेह में दर्जनों लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, गिरफ्तार हुए लोगों की पहचान के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि ईरान की तरफ से नहीं की गई है। ऐसे में भारतीय जासूस का दावा भ्रामक है।
क्या है वायरल पोस्ट में ?
फेसबुक यूजर ने 17 जून को वायरल पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, “ईरान में इस्राइल मोसाद के लिये जासूसी करने के आरोप में 73 भारतीय गिरफ्तार और यहां सैकड़ो भारतीय गोबर भक्त इसराइल का झंडा लेकर घूम रहे हैं..??”
पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल
अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने गूगल के जरिए वायरल फोटो को सर्च किया। सर्च किये जाने पर हमें यह तस्वीर विकीमीडिया की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, ईरान, चीन और रूस ने मिलकर हिंद महासागर में एक अभ्यास किया। इसमें उन्होंने अपहरण किए गए जहाज को छुड़ाने का ड्रिल किया। तीनों देशों के जहाज और विमानों ने इसमें हिस्सा लिया।”
इसी बुनियाद पर हमने अपनी पड़ताल को आगे बढ़ाया और हमें तसनीम न्यूज़ नाम की वेबसाइट पर वायरल तस्वीर मिली। यहां दी गई जानकारी के अनुसार, उत्तरी हिंद महासागर में ईरान, चीन और रूस ने मिलकर एक सैन्य अभ्यास (Maritime Security Belt 2023) किया। इसमें उनकी नौसेना और वायुसेना ने अपहृत जहाज को छुड़ाने का प्रशिक्षण दिया।”इस फोटो गैलरी में वायरल तस्वीर के साथ- साथ इस मॉक ड्रिल की और भी तस्वीरें मिलीं।

17 जून की सीएनएन की खबर के मुताबिक, “ईरान ने जासूसी के संदेह में दर्जनों लोगों को गिरफ्तार किया है।इस्लामी गणराज्य में इजरायल की मोसाद खुफिया सेवा द्वारा घुसपैठ की आशंका बढ़ रही है।” हालांकि, हमें कहीं भी गिरफ्तार हुए लोगों से जुड़ी कोई पहचान नहीं मिली।
वायरल दावे से जुड़ी पुष्टि के लिए हमने हमारे सहयोगी दैनिक जागरण में अंतरराष्ट्रीय खबरों को कवर करने वाले सीनियर कॉरेस्पॉन्डेंट जेपी रंजन से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया, ईरान की सरकार ने गिरफ्तार हुए संदिग्ध जासूसों की पहचान को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ऐसे में ‘भारतीय जासूस’ का दावा बिल्कुल गलत है।
अब बारी थी फर्जी पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि यूजर पुष्पेंद्र श्रीवास्तव के बायो के अनुसार, यूजर एक राजनीतिक दल से जुड़ा हुआ है। लखनऊ में रहता है। वहीं, फेसबुक पर उन्हें 7 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल की जा रही तस्वीर 2023 की नौसैनिक अभ्यास से जुड़ी हुई हैं। वहीं, खबरों के अनुसार, ईरान ने मोसाद के लिए जासूसी के संदेह में दर्जनों लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, गिरफ्तार हुए लोगों की पहचान के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि ईरान की तरफ से नहीं की गई है। ऐसे में भारतीय जासूस का दावा भ्रामक है।
- Claim Review : यह तस्वीर इजरायल के मोसाद के लिए जासूसी कर रहे भारतीय शख्स की है, जिसे ईरान में गिरफ्तार किया गया है।
- Claimed By : FB User- Pushpendra Srivastava
- Fact Check : झूठ
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