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Fact Check : महाराष्ट्र भाषा विवाद से जोड़कर वायरल किया जा रहा वीडियो सितंबर 2022 का है

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा वीडियो सितंबर 2022 का मुंबई में हुए एक पुराने मामले से सम्बंधित है। करीब तीन साल पुराने वीडियो को महाराष्ट्र में चल रहे भाषा विवाद के बाद भ्रामक दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।

  • By: Umam Noor
  • Published: Jul 12, 2025 at 05:32 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। महाराष्ट्र में चल रहे भाषा विवाद को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक शख्स को महिला के साथ मारपीट करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो को भाषा विवाद से जोड़कर राजनीतिक दल महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) पार्टी पर निशाना साधते हुए शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि इसी पार्टी का एक नेता बैनर लगाने का विरोध कर रही एक महिला को गाली दे रहा है और पीट रहा है।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा वीडियो सितंबर 2022 का मुंबई में हुए एक पुराने मामले से सम्बंधित है। करीब तीन साल पुराने वीडियो को महाराष्ट्र में चल रहे भाषा विवाद के बाद भ्रामक दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।

क्या है वायरल पोस्ट में ?

फेसबुक यूजर ने 10 जुलाई को वायरल पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, “मुंबई में क्या हो रहा है? यह गुंडा MNS पार्टी का एक पदाधिकारी है जो बैनर लगाने का विरोध कर रही एक बुजुर्ग महिला को गाली दे रहा है और पीट रहा है। @mnsadhikrut से उम्मीद है कि वे इन पदाधिकारियों से तुरंत माफ़ी मांगेंगे और उन्हें इस व्यवहार के लिए निलंबित करेंगे। शर्मनाक। CN ऐ विडिओ पुरा महाराष्ट्र में फेला दो एक ओरतको MNS पार्टी चे गुंडे हिझडे मारके धका देके गाली दे रहा है।”

पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल

अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने गूगल लेंस के जरिए वायरल वीडियो के की- फ्रेम्स को सर्च किया। सर्च किए जाने पर हमें यह वीडियो एएनआई के एक्स हैंडल पर 1 सितंबर 2022 को अपलोड किया हुआ मिला। यहां वीडियो के साथ मुंबई पुलिस के हवाले से बताया गया, “28 अगस्त को मुंबई के कमाठीपुरा में एक व्यक्ति द्वारा एक महिला को पीटने और धक्का देने का एक वीडियो वायरल हुआ। कथित तौर पर महिला की दुकान के सामने बिना सहमति के बांस (एक विज्ञापन के लिए) लगाने को लेकर ऐसा किया गया। नागपाड़ा थाने में असंज्ञेय अपराध दर्ज: मुंबई पुलिस।”

इसी बुनियाद पर हमने अपनी पड़ताल को आगे बढ़ाया टाइम्स नाउ के यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो 1 सितंबर 2022 को अपलोड किया हुआ मिला। वीडियो के साथ दी गई जानकारी के अनुसार, “महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के एक नेता का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें एक बुज़ुर्ग महिला को थप्पड़ मारते हुए देखा जा सकता है। महिला ने अपनी दुकान के सामने लगे एक बैनर पर आपत्ति जताई थी। मनसे कार्यकर्ता ने महिला के साथ मारपीट भी की। मुंबई के प्रसिद्ध मुंबादेवी मंदिर के पास एक महिला की दुकान है, जहाँ ये कार्यकर्ता बैनर लगाने के लिए बाँस की लकड़ियाँ लगा रहे थे। जब महिला ने यह कहते हुए विरोध किया कि यह उसका परिसर है और कोई भी ऐसा बैनर नहीं लगा सकता, जिससे उसकी दुकान का प्रवेश द्वार बंद हो जाए। बहस के बाद मनसे नेता महिला को थप्पड़ मारते और उसकी पिटाई करते हुए दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने महिला के साथ दुर्व्यवहार भी किया और उसे धक्का भी दिया।”

खबरों के अनुसार, महाराष्ट्र की सरकार ने स्कूलों में तीसरी भाषा के तौर पर हिंदी सिखाने का निर्णय लिया था, हालांकि इस फैसले का शिवसेना और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने सख्त विदोध किया और विवाद बढ़ा और इसी विवाद के बीच मुंबई में हिंदी- मराठी भाषा को लेकर कुछ घटनाएं भी सामने आईं। 29 जून 2025 को देवेंद्र फडणवीस की सरकार ने पहली कक्षा से तीसरी भाषा अनिवार्य पढ़ाने के फैसले को वापस ले लिया।

वायरल वीडियो से जुड़ी पुष्टि के लिए हमने हमारे सहयोगी अंग्रेजी अखबार मिड डे में मुंबई के सीनियर पत्रकार समीउल्लाह खान से संपर्क करते हुए वायरल वीडियो शेयर किया। उन्होंने हमें बताया कि यह वीडियो पुराना है, हालिया मामले से कोई संबंध नहीं है।

अब बारी थी फर्जी पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि यूजर को साढ़े छः हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। वहीं, यूजर के बायो के अनुसार वह कोलकाता का रहने वाला है।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल किया जा रहा वीडियो सितंबर 2022 का मुंबई में हुए एक पुराने मामले से सम्बंधित है। करीब तीन साल पुराने वीडियो को महाराष्ट्र में चल रहे भाषा विवाद के बाद भ्रामक दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।

  • Claim Review : एमएनएस पार्टी का एक नेता बैनर लगाने का विरोध कर रही एक महिला को गाली दे रहा है और पीट रहा है।
  • Claimed By : FB User- Amarnath Gupta
  • Fact Check : भ्रामक

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