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Fact Check : MP के CM ने इटावा की घटना के बाद नहीं दिया ब्राह्मणों के खिलाफ बयान, अधूरी‍ क्लिप गलत संदर्भ के साथ वायरल

मुख्‍यमंत्री मोहन यादव ने 23 मई को भिंड के लहार में चंबल के लोगों की तारीफ करते हुए भाषण दिया था। उसी भाषण के एक अधूरे हिस्‍से को गलत संदर्भ के साथ वायरल किया जा रहा है।

नई दिल्‍ली (Vishvas News)। मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री मोहन यादव की एक क्लिप वायरल हो रही है। इसे वायरल करते हुए दावा किया जा रहा है कि यूपी के इटावा में जून में कथावाचक के साथ हुई मारपीट के बाद मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री ने ब्राह्मणों के खिलाफ बयान दिया है।

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल क्लिप की जांच की। यह अधूरी साबित हुई। दरअसल वायरल क्लिप सीएम मोहन यादव के 23 मई को भिंड के लहार में दिए गए भाषण की अधूरी क्लिप है। जिसे इटावा मारपीट कांड से जोड़कर गलत संदर्भ के साथ वायरल किया जा रहा है।

मुख्‍यमंत्री मोहन यादव ने 23 मई को भिंड के लहार में चंबल के लोगों की तारीफ करते हुए भाषण दिया था। उसी भाषण के एक अधूरे हिस्‍से को गलत संदर्भ के साथ वायरल किया जा रहा है, जबकि इटावा के एक गांव में 21 जून को कथावाचक मुकुट मणि यादव और उनके सहयोगी संत कुमार यादव के साथ बदसलूकी और मारपीट की घटना हुई थी। हमारी जांच में सीएम मोहन यादव का बयान इटावा की घटना से एक महीने पहले का साबित हुआ।

क्‍या हो रहा है वायरल

फेसबुक यूजर शुकुल पंकज ने 29 जून को मुख्‍यमंत्री मोहन यादव की अधूरी क्लिप को गलत संदर्भ के साथ अपलोड करते हुए लिखा, “इटावा की घटना में, जिस व्यक्ति ने जबरन किसी का सर मुड़वाया, उस व्यक्ति के खिलाफ सख्त सजा होनी चाहिए, अखिलेश यादव ने इस मुददे को, अपने सोए वोटरों को जगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी और राजनीति पर उतारू हो गए मामले की जातीय गंध ऐसी रही की अन्य राज्य भी यादव Vs पंडित प्रभाव छोड़ने लग गए। राज्य का मुखिया, राज्य का पिता होता है विधानसभाओ की बहुमत से वो मुख्यमंत्री जैसे पद पर आसीन हो सुशोभित होता है, पर ऐसे बयान देना एक मुखिया के लिए उचित नहीं….।”

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल पोस्‍ट के दावे को यहां ज्‍यों का त्‍यों ही लिखा है। इसका आर्काइव वर्जन यहां देखा जा सकता है।

पड़ताल

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल पोस्‍ट की सच्‍चाई जानने के लिए सबसे पहले असली वीडियो को सर्च करना शुरू किया। कीवर्ड से सर्च करने पर हमें कई जगह पूरा वीडियो मिला। द सूत्र नाम के एक यूट्यूब चैनल पर सीएम मोहन यादव के भाषण का वीडियो मिला। 23 मई को मुख्‍यमंत्री भिंड जिले के लहार कस्बे में स्व सहायता समूहों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

25 मिनट की टाइम लाइन पर सीएम को यह बोलते हुए सुना जा सकता है, “यहां का तो अतीत ही बहुत गौरवशाली है। लहार महाभारत कालीन वो लाक्षाग्रह की घटना। ऐसा बोलते हैं कि पांडवों के लिए कौरवों ने जो षड्यंत्र किया था, वो लाक्षा ग्रह यहां बनाया गया था। अब मुझे मालूम नहीं बनाया या नहीं, लेकिन ये बात पक्का है कि भिंड में कोई किसी के साथ अन्याय नहीं कर सकता, ये न्याय करने वाला क्षेत्र है। न्याय करने वालों के साथ खड़ा होता है। जहां अन्याय होता है, वहां हमारे चंबल, भिंड का जवान कितने सलीके से व्यवहार करता है। अगर, दुश्मनी भी हो जाए और वो बडे़ हैं, तो पंडित जी पांय लागूं और धम्म से… भारत माता की जय। ये कहीं नहीं मिलेगा, ये हमारे संस्कार हैं कि हमारी शत्रुता है, तो सलीका भी है। हमारा प्रेम है, तो जीवन न्योछावर है। इससे बढ़कर कहां कोई लोग मिलेंगे।”

https://www.youtube.com/live/6jw7mwnzyzI?si=VshchEgxqSQkSTgH

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए यूपी के इटावा में कथावाचक के साथ हुई मारपीट की घटना के बारे में सर्च किया गया। गूगल ओपन सर्च टूल के जरिए हमें कई मीडिया रिपोर्ट मिली। एनडीटीवी की वेबसाइट पर प्रकाशित एक खबर में बताया गया, “इटावा के दादरपुर गांव में 21 जून को कथावाचक मुकुट मणि यादव और उनके सहयोगी संत कुमार यादव के साथ बदसलूकी और मारपीट की घटना हुई थी. आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने कथावाचक का सिर मुंडवाकर उनका अपमान किया और उन पर “गांव को अपवित्र” करने का आरोप लगाया. मारपीट का वीडियो 23 जून को वायरल हुआ.”

अब तक की पड़ताल से यह साबित हो गया कि मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री मोहन यादव के बयान का इटावा की घटना से कोई संबंध नहीं है। सीएम ने यह बयान 23 मई को दिया था,जबकि इटावा की घटना उसके एक महीने बाद हुई थी।

जांच को आगे बढ़ाते हुए विश्‍वास न्‍यूज ने नईदुनिया, भोपाल के राज्‍य ब्‍यूरो प्रमुख धनंजय प्रताप सिंह से संपर्क किया। उनके साथ वायरल क्लिप को शेयर किया। उन्‍होंने भी पुष्टि करते हुए बताया कि सीएम के भाषण की वायरल क्लिप अधूरी है। वैसे भी उन्‍होंने क्लिप वाली बात संदर्भ के साथ इटावा वाली घटना से एक महीने पहले कही थी।

पड़ताल के अंत में शुकुल पंकज नाम के फेसबुक यूजर की जांच की गई। इसे 27 हजार से ज्‍यादा लोग फॉलो करते हैं। यूजर सतना का रहने वाला है।

निष्‍कर्ष : विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में वायरल पोस्‍ट भ्रामक साबित हुई। मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री मोहन यादव के बयान का यूपी के इटावा में कथावाचक के साथ हुई मारपीट से कोई संबंध नहीं है। सीएम का अधूरा बयान गलत संदर्भ के साथ वायरल किया जा रहा है।

  • Claim Review : इटावा की घटना के बाद मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री मोहन यादव ने दिया वायरल बयान
  • Claimed By : FB User Shukul Pankaj
  • Fact Check : भ्रामक

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