Fact Check: नोएडा की सोसायटी में हुई मारपीट की घटना का यह वीडियो हालिया नहीं है
विश्वास न्यूज़ की पड़ताल में यह दावा भ्रामक साबित हुआ। नोएडा की महागुन मॉडर्न सोसायटी में घरेलू सहायकों के हिंसक विरोध प्रदर्शन का यह मामला हालिया नहीं, बल्कि 2017 का है। वर्तमान में नोएडा की महागुन सोसायटी में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।
- By: Pallavi Mishra
- Published: Jul 16, 2025 at 02:52 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज) सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक रेजिडेंशियल सोसायटी में कुछ सिक्योरिटी गार्ड्स को गेट के पास पत्थरबाजी करते देखा जा सकता है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह घटना नोएडा की एक सोसायटी की है, जहां हाल में एक घर में काम करने वाली बांग्लादेशी मुस्लिम नौकरानी के चोरी करते पकड़े जाने के बाद सोसायटी के लोगों ने उसकी बस्ती से आने वाली बाकी काम करने वाली महिलाओं को भी काम पर आने से मना कर दिया। इसके बाद बस्ती से आने वाली कई महिलाएं सोसायटी में घुस आयीं और लूटपाट के नारे लगाते हुए हंगामा करने लगीं।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह दावा भ्रामक है। यह घटना हालिया नहीं है। असल में यह वीडियो 2017 में नोएडा सेक्टर-78 की महागुन मॉडर्न सोसायटी में हुई थी।
क्या है वायरल पोस्ट में ?
फेसबुक यूजर विनय पंवार ने 16 जुलाई 2025 को वायरल पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, “नोएडा की पॉश कालोनी महागुन सोसाइटी। एक परिवार जिसके यहां एक बांग्लादेशी मुस्लिम महिला घरेलू नौकरानी का काम करती थी,उन्होंने नौकरानी से शक के आधार पर पिछले काफी दिनों से घर से गायब हो रही छुटपुट वस्तुओं और पिछले दिन गायब हुए 10000 रूपये के विषय में पूछताछ की….पहले तो नौकरानी ने साफ़ मना कर दिया पर जब परिवार ने चोरी करते हुए उसकी CCTV रिकार्डिंग का सबूत अपने पास होने की बात कही तो उसने 10000 रूपये चोरी करना स्वीकार कर लिया….और अगले दिन पैसे लेकर आने को कहकर अपने घर लौट गयी… परंतु परिवार ने यह बात सोसाइटी में बता दी पूरी सोसाइटी में पास की बांग्लादेशी बस्ती की बहुत सारी महिलाएं काम करती हैं पूरी सोसाइटी ने कल से उन्हें काम पर आने से मना कर दिया फलस्वरूप…आज 12 जुलाई को प्रातः 6 बजे वह औरत अपनी पास ही में बसी बांग्लादेशियों की बस्ती से सैंकड़ो लोगों की भीड़ लेकर महागुन सोसाइटी में पहुँचती है और वो भीड़ पूरी सोसाइटी में आतंक मचा देती है “लूट लो मार दो” की आवाजें आने लगती हैं घरों और गाड़ियों में तोड़फोड़ शुरू हो जाती है…..बाकि आप वीडियो में देख सकते हैं। कुल मिलाकर अगर आप इस घटना से सबक लेते हैं तो अपने घरों से इन बांग्लादेशी और जेहादी तत्वों को निकालिये वर्ना किसी दिन आप भी भुगतेंगे। हम लोग ही इन्हें अपने घरों में घुसाते हैं।”
पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल
विश्वास न्यूज ने पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले कीवर्ड्स से सर्च किया। हमें नोएडा की महागुन सोसायटी में हाल में हुई ऐसी किसी घटना की कोई खबर नहीं मिली, मगर 2017 की कई खबरें मिलीं, जिनमें इस घटना का जिक्र था। इंडिया टुडे की 13 जुलाई 2017 की खबर के अनुसार “नोएडा की महागुन मॉडर्न सोसायटी में एक घरेलू कामगार, ज़ोहरा बीबी और उसके नियोक्ताओं के बीच विवाद सामने आया। ज़ोहरा ने आरोप लगाया कि उसके नियोक्ताओं ने उसे दो महीने का 12,000 रुपये का वेतन देने के बजाय 17,000 रुपये चोरी करने का आरोप लगाया और दावा किया कि उसे पीटा गया और बंधक बनाकर रखा गया। कथित तौर पर उसके बारे में पूछताछ करने पर उसके परिवार पर भी हमला किया गया।इसके विपरीत, ज़ोहरा के नियोक्ता, हर्षु सेठी ने कहा कि ज़ोहरा का चोरी का इतिहास रहा है और सीसीटीवी फुटेज की धमकी दिए जाने के बाद उसने 10,000 रुपये लेने की बात कबूल की थी। हर्षु का दावा है कि ज़ोहरा अपना फोन छोड़कर भाग गई थी और अगली सुबह एक भीड़ उनके अपार्टमेंट में घुस गई। हालांकि, पुलिस जांच से पता चला है कि सीसीटीवी फुटेज से पता चलता है कि ज़ोहरा को बंधक नहीं बनाया गया था।”
इसके अलावा हमें यह वायरल वीडियो जुलाई 2017 की कई सोशल मीडिया पोस्ट्स में भी मिला।

इस मामले में ज्यादा पुष्टि के लिए हमने 2017 में इस खबर को कवर करने वाले पत्रकार अरविंद उत्तम से बात की। उन्होंने बताया कि यह मामला 2017 का था और हाल में महागुन मॉडर्न सोसायटी में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।
अब बारी थी फर्जी पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर Sachin Bhatia की सोशल स्कैनिंग करने की। यूजर को 11 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज़ की पड़ताल में यह दावा भ्रामक साबित हुआ। नोएडा की महागुन मॉडर्न सोसायटी में घरेलू सहायकों के हिंसक विरोध प्रदर्शन का यह मामला हालिया नहीं, बल्कि 2017 का है। वर्तमान में नोएडा की महागुन सोसायटी में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।
- Claim Review : नोएडा की महागुन सोसाइटी में एक बांग्लादेशी मुस्लिम घरेलू नौकरानी द्वारा ₹10,000 की चोरी कबूलने और CCTV फुटेज का सबूत दिखाए जाने के बाद, उसे काम से निकाले जाने पर उसने सैकड़ों लोगों के साथ सोसाइटी पर हमला कर दिया, जिसमें तोड़फोड़ और हिंसा हुई।
- Claimed By : Facebook user Vinay Pawar
- Fact Check : भ्रामक
पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं
सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...












