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Fact Check: बिजली लाइन को लेकर हुए विवाद के वीडियो को “वोट चोरी” से जोड़कर किया जा रहा वायरल 

विधायक की पिटाई के दावे से वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में वायरल वीडियो करीब पांच साल पुराना है। इसका एसआईआर को लेकर चल रहे विवाद से कोई संबंध नहीं है। दरअसल, साल 2020 में करनाल के मुनक में बिजली लाइन को लेकर दो गुटों में विवाद चल रहा था। इसी को लेकर  मुनक स्थित एसडीओ ऑफिस में मारपीट हुई थी। इसका भाजपा विधायक या एसआईआर से कोई संबंध नहीं है। 

  • By: Pragya Shukla
  • Published: Aug 18, 2025 at 06:17 PM
  • Updated: Aug 18, 2025 at 06:21 PM

नई दिल्ली(विश्वास न्यूज)। बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध और राहुल गांधी के “वोट चोरी” के आरोपों के बीच सोशल मीडिया पर एक शख्स को पीटने का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को हाल का बताते हुए दावा किया जा रहा है कि “वोट चोरी” के आरोपों से गुस्साए हरियाणा में लोगों ने भारतीय जनता पार्टी के विधायक को पीट दिया है।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। असल में वायरल वीडियो करीब पांच साल पुराना है। इसका एसआईआर को लेकर चल रहे विवाद से कोई संबंध नहीं है। दरअसल, साल 2020 में करनाल के मुनक में बिजली लाइन को लेकर दो गुटों में विवाद चल रहा था। इसी को लेकर  मुनक स्थित एसडीओ ऑफिस में मारपीट हुई थी। इसका भाजपा विधायक या एसआईआर से कोई संबंध नहीं है। 

क्या हो रहा है वायरल ?

फेसबुक यूजर ‘विनम्र प्रताप यादव’ ने 15 अगस्त 2025 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “वोट चोर  भाजपा विधायक की सुताई शुरू हरियाणा की जनता एक्शन में आ गई..!”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने इनविड टूल की मदद से वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट न्यूज एजेंसी एएनआई की आधिकारिक वेबसाइट पर मिली। रिपोर्ट को 23 जुलाई 2020 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, करनाल जिले के गगसीना गाँव में बिजली की लाइन बिछाई जा रही थी। इसी मुद्दे को लेकर कुछ ग्रामीण मुनक बिजली विभाग के उप-मंडल अधिकारी (एसडीओ) के पास शिकायत लेकर गए थे। उनका कहना था कि जो लाइन बिछाई जा रही है, वह उनके खेत के नीचे से गुजर रही है। एसडीओ ने मामले को संज्ञान में लेते हुए ठेकेदार को चीजें बदलने और ठीक करने के निर्देश दिये थे। जब ग्रामीण एसडीओ के कार्यालय में उनसे इस मामले पर चर्चा कर रहे थे, तभी पांच लोग घुस आए और ग्रामीणों की पिटाई शुरू कर दी। 

बिजनेस वर्ल्ड की वेबसाइट पर 23 जुलाई 2020 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार घरौंदा थाने के प्रभारी मनोज कुमार का इस मामले को लेकर कहना था कि यह दो पक्षों के बीच चल रहे आपसी मतभेद का मामला था। इस मारपीट के मामले में पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया और तीन को गिरफ्तार कर गया। 

पड़ताल के दौरान हमें वायरल वीडियो ‘ज़ी पंजाब हरियाणा हिमाचल’ और इंडिया टीवी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर मिला। वीडियो को 23 जुलाई 2020 को शेयर किया गया है। यहां पर भी इसे करनाल के मुनक स्थित बिजली निगम के एसडीओ ऑफिस में बिजली लाइन को लेकर हुई मारपीट का ही बताया गया है।

सोशल मीडिया पर पहले भी यह वीडियो अलग-अलग दावे के साथ वायरल हो चुका है। उस दौरान हमने दैनिक जागरण घरौंडा के रिपोर्टर सुशील कौशिक के साथ संपर्क किया था। उन्होंने हमें बताया था, “यह घटना करनाल के गगसीना गांव की है। गगसीना गांव के कुछ लोग एसडीओ ऑफिस में शिकायत लेकर पहुंचे थे, जिसके बाद गांव के ही दूसरे गुट के लोगों ने ऑफिस में घुसकर उनकी पिटाई कर दी थी। मामला आपसी रंजिश का था और विधायक वाली बात पूरी तरह गलत है।”

अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर एक विचारधारा से जुड़ी पोस्ट को शेयर करता है। यूजर को 12 हजार लोग फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि विधायक की पिटाई के दावे से वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में वायरल वीडियो करीब पांच साल पुराना है। इसका एसआईआर को लेकर चल रहे विवाद से कोई संबंध नहीं है। दरअसल, साल 2020 में करनाल के मुनक में बिजली लाइन को लेकर दो गुटों में विवाद चल रहा था। इसी को लेकर  मुनक स्थित एसडीओ ऑफिस में मारपीट हुई थी। इसका भाजपा विधायक या एसआईआर से कोई संबंध नहीं है। 

  • Claim Review : "वोट चोरी" के आरोपों से गुस्साए हरियाणा में लोगों ने बीजेपी के विधायक को पीटा।
  • Claimed By : FB User Vinamra Pratap Yadav
  • Fact Check : झूठ

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