Fact Check: जवाहरलाल नेहरू का AI से बनाया गया भाषण वायरल
विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की जांच की और इस वीडियो को डीपफेक पाया। जवाहर लाल नेहरू ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया था।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Oct 14, 2025 at 05:09 PM
- Updated: Oct 14, 2025 at 05:59 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के भाषण के नाम पर सोशल मीडिया पर एक रील वायरल हो रही है। इस वीडियो में उन्हें आने वाले समय में लोगों को सांप्रदायिकता के बारे में आगाह करते हुए सुना जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि नेहरू ने बहुत पहले ही देश में होने वाले कथित सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की भविष्यवाणी कर दी थी। इस वीडियो को पीएम मोदी, गृह मंत्री और योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए शेयर किया जा रहा है।
विश्वास न्यूज ने वायरल पोस्ट की जांच की और इस वीडियो को डीपफेक पाया। जवाहर लाल नेहरू ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया था। इस वीडियो को उनकी आवाज वाले ऑडियो क्लोन में एआई की मदद से क्रिएट किया गया है।
क्या हो रहा है वायरल
Baba Shaikh नाम के एक इंस्टाग्राम हैंडल ने 12 अक्टूबर को एक क्लिप अपलोड किया। इसमें पूर्व पीएम जवाहरलाल नेहरू को कथित रूप से यह बोलते हुए देखा जा सकता है, “ इस देश को संभाल लेना वरना 75 साल कोई गंवार इसको धर्म के नाम पर बांट देगा।”
वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों ही लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखा जा सकता है।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने जवाहरलाल नेहरू के बयान से जुड़ी क्लिप की सच्चाई जानने के लिए इसे गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च किया। हमें यह वीडियो इंटरनेट पर कहीं भी मौजूद नहीं मिला। इसी तरह गूगल ओपन सर्च टूल के जरिए कीवर्ड से सर्च करने पर भी हमें पं. नेहरू का कथित वायरल बयान कहीं भी नहीं मिला।
जांच के अगले चरण में ज्यादा पुष्टि के लिए हमने हमारे सहयोगी एमसीए की पहल डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट (डीएयू) से संपर्क किया। वायरल मल्टीमीडिया में इस्तेमाल ऑडियो को जांच के लिए हमने इसे डीएयू के साथ शेयर किया। डीपफेक डिटेक्शन टूल्स की मदद से डीएयू ने इसे चेक किया। उन्होंने अपनी जांच में इस ऑडियो ट्रैक के एआई से क्रिएटेड होने की संभावना की पुष्टि की।

Aurigin.ai नाम की एक स्विस डीप-टेक कंपनी के टूल से चेक करने पर पूरा ऑडियो ट्रैक AI द्वारा जनरेट पाया गया। Aurigin.ai के पास एक उन्नत ऑडियो डीपफेक डिटेक्शन इंजन है।
विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए एआई एक्सपर्ट एसके साहिद से संपर्क किया। उन्होंने वीडियो की जांच करके बताया कि जवाहरलाल नेहरू का वायरल वीडियो एआई तकनीक से बनाया गया है। यदि वीडियो में नेहरू जी के होंठों पर बोलते वक्त नजर रखी जाए तो साफ देखा जा सकता है कि यह नेचुरल नहीं है।
पड़ताल के अंत में फर्जी पोस्ट करने वाले यूजर की जांच की गई। पता चला कि बाबा शेख नाम का यह इंस्टाग्राम हैंडल जनवरी 2021 को बनाया गया था। इसे एक लाख से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष : विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नाम पर वायरल हो रहा वीडियो एआई निर्मित है। नेहरू ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया था और इस फेक वीडियो को पीएम मोदी और गृह मंत्री के खिलाफ दुष्प्रचार की मंशा से शेयर किया जा रहा है।
- Claim Review : जवाहर लाल नेहरू के भाषण अंश
- Claimed By : IG User Baba Shaikh
- Fact Check : झूठ
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