X
X

साइबर सुरक्षित: फिशिंग लिंक्स स्कैम्स को पहचानने का यह है तरीका, ऐसे की जाती है ठगी

  • By: Jyoti Kumari
  • Published: Oct 17, 2025 at 03:36 PM
  • Updated: Nov 7, 2025 at 05:40 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। फिशिंग लिंक्स स्कैम्स से धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। त्यौहार, चुनाव, शादी के कार्ड और बड़े-बड़े इवेंट्स के नाम पर साइबर अपराधी लोगों को फ्री ऑफर, पैसों,फ्री रिचार्ज और लॉटरी जीतने का लालच देकर धोखाधड़ी करते हैं। इन फिशिंग लिंक्स के साथ आपको लुभावने ऑफर देते है, ताकि आपकी निजी जानकारी चुराई जा सके। आज इस रिपोर्ट में हम बताने जा रहे हैं कि किस तरह से आप इन लिंक्स को पहचानकर नुकसान से बच सकते हैं।

क्या होता है फिशिंग लिंक्स स्कैम?

फिशिंग लिंक स्कैम में साइबर अपराधी आपको ईमेल, टेक्स्ट या संदेश भेजते हैं, जो किसी विश्वसनीय कंपनी,बैंक और किसी विश्वसनीय व्यक्ति के नाम पर होते हैं। यह देखने में हूबहू असली वेबसाइट  के जैसे होते।इनका मकसद आपकी निजी जानकारी जैसे पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड नंबर या ओटीपी चुराना होता है।  तो चलिए सबसे पहले जानते हैं कि आखिर फिशिंग लिंक्स स्कैम्स क्या होता है और कैसे इसके जरिए साइबर अपराधी लोगों के साथ ठगी करते हैं।

फिशिंग लिंक्स स्कैम्स के प्रकार

फिशिंग लिंक्स स्कैम्स कई तरह के होते हैं।

घटनाएं

फिशिंग लिंक्स स्कैम्स के शिकार कई लोग हो चुके हैं। इनके कुछ केस देखते हैं।

ऐसे बचें!

तो चलिए अब जानते हैं कि फिशिंग लिंक्स स्कैम्स से होने वाले फ्रॉड से कैसे बचा जा सकता है। इससे बचने के लिए हमें किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

ऐसे रखें ईमेल को सुरक्षित

साइबर अपराधी आपको ज्यादातर ईमेल के जरिये ठगने की कोशिश करते हैं। आपको ऐसे ऑफर और लुभावने मैसेज भेजे जाते हैं, जो देखने में लगते हैं की आधिकारिक वेबसाइट ने भेजे हैं। इसका शीर्षक काफी लुभावना हो सकता है। इसके जरिए मैलवेयर भी भेजा जा सकता है।

कहां करें शिकायत?

अगर आप भी ऐसी ठगी का शिकार हुए हैं और इसकी शिकायत करना चाहते हैं। तो आइये जानते हैं आपको इसके लिए क्या करना होगा और आप इसकी कहां पर शिकायत कर सकते हैं।

पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं

सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...

टैग्स

अपनी प्रतिक्रिया दें

No more pages to load

संबंधित लेख

Next pageNext pageNext page

Post saved! You can read it later