Fact Check: धूं-धूंकर जलते ताजमहल के वीडियो में नहीं है कोई सच्चाई, AI से बनाया गया फेक वीडियो
ताजमहल में ऐसी कोई आग नहीं लगी है, जैसा कि वायरल वीडियो में दिखाया गया है।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Nov 5, 2025 at 03:24 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। दुनिया में मोहब्बत की निशानी ताजमहल को लेकर एक बार फिर से झूठ फैलाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो को तेजी से शेयर करते हुए दावा किया गया है कि ताजमहल में आग लग गई है। इसे सच्ची घटना समझकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं। वीडियो में ताजमहल की मुख्य इमारत के गेट और गुंबद को धूं- धूंकर जलते हुए दिखाया गया है।
विश्वास न्यूज ने विस्तार से इसकी जांच की। यह फर्जी साबित हुआ। इसे ऑटिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से बनाया गया है। ताजमहल में ऐसी कोई आग नहीं लगी है, जैसा कि वायरल वीडियो में दिखाया गया है।
क्या हो रहा है वायरल
Shaikh Abdul Narsi नाम के एक इंस्टाग्राम हैंडल ने 31 अक्टूबर को वीडियो को अपलोड करते हुए दावा किया कि आज रात ताजमहल में भीषण आग लग गई है।

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों देखा जा सकता है। इसका आर्काइव वर्जन यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो की जांच के लिए सबसे पहले गूगल ओपन सर्च टूल की मदद से सर्च किया। आजतक की वेबसाइट पर 13 अक्टूबर को पब्लिश एक खबर से पता चला कि ताजमहल के दक्षिणी गेट पर शॉर्ट सर्किट से आग लगने की घटना हुई थी। कुछ ही देर में इसे कंट्रोल कर लिया गया था। खबर में इस्तेमाल की गई तस्वीर से यह स्पष्ट था कि आग ताजमहल में नहीं, दक्षिणी गेट के पास लगी थी। यह मुख्य इमारत से दूर है।
विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए दैनिक जागरण, आगरा के ईपेपर को खंगालना शुरू किया। हमें 5 नवंबर को प्रकाशित एक खबर मिली। इसमें वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट का इस्तेमाल करते हुए इसे फेक बताया गया। खबर के अनुसार, ताजमहल में आग लगने का फेक वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो को एड्रियन गी के फेसबुक एकाउंट पर शेयर किया गया है। इनके 2.1 मिलियन फॉलोअर हैं।

जांच को आगे बढ़ाते हुए हमने एड्रियन गी के फेसबुक अकाउंट को सर्च किया। हमें उनके अकाउंट पर 29 सितंबर 2025 को अपलोड असली वीडियो मिला। इनके अकाउंट पर हमें कई दूसरे एआई निर्मित वीडियो भी मिले।

जांच के अगले चरण में एआई डिक्टेशन टूल हाइव मॉडरेशन का इस्तेमाल किया गया। यहां वीडियो को स्कैन किया। हाइव मॉडरेशन टूल ने कुल स्कोर में वीडियो के 99.9 फीसदी तक एआई से बने होने की संभावना जताई।

इसी तरह वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट को हमने एआई डिटेक्शन टूल वाज इट एआई से चेक किया। इसमें इसके एआई निर्मित होने की संभावना जताई गई है।

इसी साल मई में भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव का फायदा उठाते हुए ताजमहल से जुड़ा एक फर्जी वीडियो वायरल किया गया था। इसमें दावा किया गया था कि पाकिस्तान ने ताजमहल पर हमला कर दिया। आगरा पुलिस ने इस तरह की पोस्ट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी।
विश्वास न्यूज ने पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए अपने सहयोगी दैनिक जागरण, आगरा के वरिष्ठ संवाददाता प्रतीक गुप्ता से संपर्क किया। उन्होंने वायरल वीडियो को फेक बताते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर ताजमहल को लेकर फर्जी पोस्ट वायरल हो रही है। ताजमहल में आग नहीं लगी है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में ताजमहल में आग लगने का दावा फर्जी साबित हुआ। वायरल वीडियो को एआई तकनीक की मदद से बनाया गया था। इसमें कोई सच्चाई नहीं है।
- Claim Review : ताजमहल में भीषण आग लग गई
- Claimed By : IG User Shaikh Abdul Narsi
- Fact Check : झूठ
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