Fact Check: चिराग पासवान की गिरफ्तारी का 2022 का पुराना वीडियो गलत दावे से वायरल
फरवरी 2022 में चिराग पासवान ने बिहार के मुख्यमंत्री की नीतियों के खिलाफ मार्च निकाला था। उस दौरान के वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
- By: Sharad Prakash Asthana
- Published: Nov 7, 2025 at 06:03 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का पहले चरण का मतदान हो चुका है। इस बीच केंद्रीय मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें उनको पुलिस जीप में बैठे देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इस वीडियो को शेयर कर दावा कर रहे हैं कि चिराग पासवान को ‘वोट चोरी’ के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
विश्वास न्यूज ने इसकी जांच की तो पता चला कि चिराग पासवान का वायरल वीडियो फरवरी 2022 का है, जिसे गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।
क्या है वायरल पोस्ट
इंस्टाग्राम यूजर ahiran_santu_1k ने 6 नवंबर को वीडियो को पोस्ट (आर्काइव लिंक) किया है। इसमें एक वीडियो में भारी भीड़ और दूसरे में चिराग पासवान को पुलिस की जीप में बैठे हुए दिखाया गया है। वीडियो पर लिखा है, “वोट चोरी में चिराग पासवान गिरफ्तार हुआ। पटना में EVM मशीन लगाया गया था वोट चोरी करने के लिए।”

पड़ताल
वायरल दावे की जांच के लिए हमने कीवर्ड से गूगल पर सर्च किया। बिहार तक के यूट्यूब चैनल पर 15 फरवरी 2022 को वीडियो न्यूज अपलोड की गई है। इसमें चिराग पासवान को पुलिस की गाड़ी में बैठते हुए दिखाया गया है। साथ ही जीप के पीछे भागती भीड़ भी दिख रही है। इसके अनुसार, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नीति के खिलाफ मार्च निकाल रहे चिराग पासवान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
बिहार तक के एक्स हैंडल पर भी 15 फरवरी को इस मामले की क्लिप को देखा जा सकता है। इसमें भी चिराग को पुलिस की जीप में बैठते हुए देखा जा सकता है।
जीप के पीछे भागते लोग वायरल और एक्स हैंडल पर पोस्ट किए वीडियो में देखने पर पता चलता है कि एक ही हैं। जीप में बैठे पुलिस अधिकारी और ड्राइवर को वायरल वीडियो में भी देखा जा सकता है।

प्रभात खबर के यूट्यूब चैनल पर भी इससे संबंधित वीडियो न्यूज को देखा जा सकता है। इसके मुताबिक, यह मार्च पटना में निकाला गया था। लोजपा कार्यकर्ताओं ने पटना गांधी मैदान स्थित लोक नारायण जयप्रकाश की प्रतिमा स्थल से राजभवन तक मार्च निकाला था।
9 जुलाई 2023 को बिजनेस स्टैंडर्ड पर छपी खबर के मुताबिक, 2020 के विधानसभा चुनाव में लोजपा एनडीए से अलग हो गई थी। अब लोजपा (रामविलास) फिर से एनडीए से जुड़ने जा रही है।

इस बारे में हमने पटना में दैनिक जागरण के क्राइम रिपोर्टर प्रशांत कुमार से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि फरवरी 2022 में चिराग पासवान को मार्च निकालने पर पुलिस ने पकड़ा था। वीडियो उसी दौरान का है।
दैनिक जागरण की वेबसाइट पर 7 नवंबर को छपी खबर के अनुसार, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में 64.69 फीसदी वोट पड़े हैं।
पीआईबी की जानकारी के अनुसार, बिहार चुनाव के दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होगा। इसके बाद 14 नवंबर को मतगणना होगी।
पुराने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। एक विचारधारा से प्रभावित यूजर के 4800 से अधिक फॉलोअर्स हैं।
निष्कर्ष: फरवरी 2022 में चिराग पासवान ने बिहार के मुख्यमंत्री की नीतियों के खिलाफ मार्च निकाला था। उस दौरान के वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।
- Claim Review : चिराग पासवान को 'वोट चोरी' में गिरफ्तार किया गया है।
- Claimed By : Insta User- ahiran_santu_1k
- Fact Check : झूठ
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