Fact Check: NIA के नाम पर फिर फैलाया जा रहा फर्जी मैसेज, एजेंसी ने नहीं जारी की कोई ऐसी सूचना
विश्वास न्यूज की जांच में यह पोस्ट पूरी तरह फर्जी साबित हुई। वायरल मैसेज में शामिल सभी नंबर भले ही NIA हेडक्वार्टर के वास्तविक संपर्क नंबर हों, लेकिन किसी विशेष समुदाय से जुड़ी शिकायतों के लिए एजेंसी ने ऐसा कोई संदेश जारी नहीं किया है।
- By: Umam Noor
- Published: Nov 20, 2025 at 06:18 PM
- Updated: Nov 21, 2025 at 04:16 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक बार फिर से NIA के नाम से एक भ्रामक संदेश तेजी से घूम रहा है। दावा किया जा रहा है कि एजेंसी ने कुछ फोन नंबर जारी करके ‘मुस्लिम समुदाय द्वारा लगाए जा रहे कथित आपत्तिजनक नारों’ की शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था शुरू की है।
विश्वास न्यूज़ की जांच में यह पोस्ट पूरी तरह फर्जी साबित हुई। वायरल मैसेज में शामिल सभी नंबर भले ही NIA हेडक्वार्टर के वास्तविक संपर्क नंबर हों, लेकिन किसी विशेष समुदाय से जुड़ी शिकायतों के लिए एजेंसी ने ऐसा कोई संदेश जारी नहीं किया है।
क्या है वायरल पोस्ट में?
फेसबुक यूजर ने वायरल पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, “*NIA ने जारी किया महत्वपूर्ण नंबर सेव करें.. असामाजिक तत्वों द्वारा कोई भी गलत हरकत जैसे आतंकी साजिश, लवजिहाद, मजार निर्माण, सोशल मीडिया पोस्ट आदि की रिपोर्ट करने के लिए निम्न विशेष फोन नंबर पर तुरंत सूचित करें… Landline No.: 011-24368800 Mobile No.: 9654447345 WhatsApp No.: 8585931100 Fax No.: 011-24368801 Email Id of NIA : info.nia@gov.in जो दानव सर तन से जुदा का नारा लगाता दिखाई दे, फेसबुक- ट्विटर और सोशल मीडीया में कहीं भी, सीधा उसका स्क्रीनशॉट लें, लिंक कॉपी करें और वोटसएप नंबर पर भेज दीजिए या काॅल करें।”
पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल
पड़ताल शुरू करते हुए सबसे पहले हमने ‘NIA नंबर मुस्लिम’ जैसे कीवर्ड के साथ ओपन सर्च किया। इसी सर्च के जरिए हमें 7 जुलाई 2022 की NIA की एक आधिकारिक प्रेस रिलीज मिली। इस प्रेस रिलीज में साफ कहा गया कि एनआईए के नाम से कई भ्रामक संदेश सोशल मीडिया पर वायरल हैं।
प्रेस रिलीज में लिखा है, “यह देखने में आया है कि एनआईए द्वारा कथित तौर पर जारी किए गए कुछ भ्रामक संदेश विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर प्रसारित किए जा रहे हैं। सभी को सूचित किया जाता है कि एनआईए ने ऐसा कोई संदेश जारी नहीं किया है। ऐसे संदेश पूरी तरह से फर्जी और दुर्भावनापूर्ण हैं और जनता को गुमराह करने की शरारतपूर्ण साजिश का हिस्सा हैं। पिछले साल एनआईए की जांच के दौरान यह पता चला था कि आईएस (इस्लामिक स्टेट) भोले-भाले युवाओं को निशाना बना रहा है और अपने हिंसक मंसूबों को आगे बढ़ाने के लिए झूठे प्रचार के जरिए उन्हें कट्टरपंथी बना रहा है। तदनुसार, सितंबर 2021 में एक अपील की गई थी कि ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना एनआईए सहित अधिकारियों को उसके लैंडलाइन नंबर: 011-24368800 पर दी जा सकती है। हम लोगों से अपील करते हैं कि ऐसे फर्जी और झूठे मैसेज से गुमराह न हों। हालांकि , आतंकवादी गतिविधियों और तत्वों के बारे में जानकारी साझा करके हमारे देश और इसके लोगों को आतंकवाद से बचाने के लिए एनआईए के साथ हाथ मिलाने के लिए उनका स्वागत है।”

इसके बाद हमने वायरल मैसेज में दिए गए नंबरों की जानकारी को एनआईए की आधिकारिक वेबसाइट पर चेक किया। Contact Us के सेक्शन में मौजूद नंबर वही थे, जो वायरल पोस्ट में लिखे गए हैं। हालांकि, वेबसाइट पर कहीं भी यह मेंशन नहीं था कि ये नंबर किसी समुदाय से जुड़े नारों या ऑनलाइन पोस्ट की शिकायत करने के लिए जारी किए गए हों। वेबसाइट पर साफ़ तौर पर लिखा था कि यह संपर्क पोर्टल केवल उन मामलों के लिए है, जो संदिग्ध आतंकी गतिविधियों, उनसे जुड़े व्यक्तियों या फेक करेंसी नेटवर्क से संबंधित हों।

यह पोस्ट इससे पहले 2023 में भी वायरल हो चुकी है और तब हमने पुष्टि के लिए उस वक्त के एनआईए की सीनियर अधिकारी डीआईजी डॉ. संयुक्ता पराशर से संपर्क किया था और उनका कहना था, “यह मैसेज एनआईए ने नहीं भेजा है”
अब बारी थी फर्जी पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर पीसफुल शिवम् शुक्ला की सोशल स्कैनिंग करने की। हमने पाया कि यूजर को 29 हजार लोग फॉलो करते हैं। वहीं, इस प्रोफाइल से विचारधारा प्रेरित पोस्ट शेयर की जाती है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में यह पोस्ट पूरी तरह फर्जी साबित हुई। वायरल मैसेज में शामिल सभी नंबर भले ही NIA हेडक्वार्टर के वास्तविक संपर्क नंबर हों, लेकिन किसी विशेष समुदाय से जुड़ी शिकायतों के लिए एजेंसी ने ऐसा कोई संदेश जारी नहीं किया है।
- Claim Review : NIA ने कुछ फोन नंबर जारी करके ‘मुस्लिम समुदाय द्वारा लगाए जा रहे कथित आपत्तिजनक नारों’ की शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था शुरू की है।
- Claimed By : फेसबुक यूजर पीसफुल शिवम् शुक्ला
- Fact Check : झूठ
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