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Fact Check: वाराणसी में गोंडोला के सुरक्षा ट्रायल के वीडियो को भ्रामक दावे से किया जा रहा शेयर

पड़ताल में पता चला कि वायरल वीडियो किसी प्रकार की खराबी या असुरक्षता से संबंधित नहीं है। दरअसल, रोप-वे का ट्रायल चल रहा है।

  • By: Ashish Maharishi
  • Published: Jan 7, 2026 at 05:19 PM
  • Updated: Jan 8, 2026 at 03:28 PM

नई दिल्‍ली (विश्‍वास न्‍यूज)। सोशल मीडिया के कई प्‍लेटफॉर्म पर वाराणसी के रोप-वे का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में रोपवे के गोंडोला को तेजी से हिलता हुआ देखा जा सकता है। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि रोप-वे यदि ऐसे झूलेगा, तो लोगों की जान के साथ खिलवाड़ होगी। इस वीडियो को कई यूजर्स गलत संदर्भ और भ्रामक दावे के साथ वायरल कर रहे हैं।

विश्‍वास न्‍यूज ने विस्‍तार से इसकी जांच की। वीडियो से जुड़ी वायरल पोस्‍ट फर्जी साबित हुईं। पड़ताल में पता चला कि वायरल वीडियो किसी प्रकार की खराबी या असुरक्षता से संबंधित नहीं है। दरअसल, रोप-वे का ट्रायल चल रहा है। जनता के लिए इसे चालू करने से पहले रोप-वे को कई कसौटी पर चेक किया जाता है। इसमें आपातकालीन ब्रेकिंग की जांच, तेज हवा के कारण असर, सेंसरों की सक्रियता व प्रतिक्रिया जांची जाती है। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि भ्रामक वीडियो पर ध्‍यान न दे।

क्‍या हो रहा है वायरल

फेसबुक पेज Swadesh News ने 6 जनवरी को एक वीडियो को पोस्‍ट करते हुए लिखा, “वाराणसी : रोपवे अगर ऐसे झूलेगा तो.. लोगो की जान के साथ खिलवाड़ !अगर हवा तेज है तो बंद कर देना चाहिए।”

वीडियो में रोप-वे की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए एक शख्‍स को सुना जा सकता है।

वायरल पोस्‍ट के कंटेंट को यहां ज्‍यों का त्‍यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्‍ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।

पड़ताल

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल वीडियो के बारे जानने के लिए सबसे पहले कीवर्ड का इस्‍तेमाल करते हुए गूगल ओपन सर्च टूल का इस्‍तेमाल किया। हमें कई न्‍यूज वेबसाइट पर इससे जुड़ी खबर मिलीं।

जागरण डॉट कॉम ने 6 जनवरी को पब्लिश एक खबर में वायरल वीडियो के बारे में विस्‍तार से बताते हुए लिखा, “अभी खाली गोंडोला का यह ट्रायल का ही दौर चल रहा है। वाराणसी रोप-वे से जुड़ा जो दृश्य सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है, उसे गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है और इससे भ्रम फैलाया जा रहा है। इस वीडियो का किसी भी प्रकार की खराबी, असुरक्षा या विफलता से कोई संबंध नहीं है। परीक्षणों में आपातकालीन ब्रेकिंग, तेज हवा के दबाव की स्थिति, सेंसरों की सक्रियता और अन्य सभी संभावित परिस्थितियों में प्रणाली के सुरक्षित संचालन की जाँच की जाती है। वीडियो में दिखाई देने वाली गतिविधि किसी भी संरचनात्मक, यांत्रिक या संचालन संबंधी कमी का संकेत नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है कि रोप-वे हर स्थिति में पूरी तरह सुरक्षित रूप से कार्य करे और यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहे।” जागरण डॉट कॉम के अनुसार, वायरल हो रहे वीड‍ियो को लेकर रोपवे प्रशासन ने स्‍पष्‍टीकरण भी जारी क‍िया है।

आजतक की वेबसाइट पर भी वायरल वीडियो को लेकर एक खबर प्रकाशित की गई। 6 जनवरी की इस खबर में बताया गया कि वीडियो वायरल होने के बाद रोपवे निर्माण कार्य में लगी नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड ने इस पर स्थिति स्पष्ट की है. कंपनी ने बताया कि रोपवे सिस्टम का लगातार ट्रायल रन और टेस्टिंग की जा रही है. इसी प्रक्रिया के तहत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर गोंडोला की स्विंग और मूवमेंट की जांच की जाती है. इसी कारण वीडियो में केबिन झूलते हुए दिखाई दे रहे हैं।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने दैनिक जागरण, वाराणसी के ईपेपर को स्‍कैन किया। हमें 7 जनवरी को प्रकाशित एक खबर मिली। इसमें भी वायरल वीडियो को भ्रामक बताया गया।

विश्‍वास न्‍यूज ने जांच के अगले चरण में नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड के सोशल मीडिया हैंडल्स को स्‍कैन किया। 6 जनवरी की एक पोस्‍ट में कंपनी की ओर से बताया गया, “वाराणसी रोप-वे को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा यह वीडियो भ्रामक और लोगों को असलियत से गुमराह करने वाला है। यह प्रयोग किसी भी प्रकार की खराबी या खामियों का संकेत नहीं है, बल्कि वाराणसी रोप-वे की अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप की जा रही कठोर सुरक्षा जाँच का हिस्सा है। यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिससे रोप-वे को शीघ्र ही सुरक्षित एवं आधुनिक यात्रा अनुभव के साथ जनता के लिए सुनिश्चित किया जा सके।”

विश्‍वास न्‍यूज ने दैनिक जागरण, वाराणसी के संवाददाता विकास ओझा से संपर्क किया। उन्‍होंने वाराणसी के मंडलायुक्त एस राजलिंगम से बात करके इस बात की पुष्टि की कि वायरल वीडियो के साथ किया गया दावा भ्रामक है। एस राजलिंगम ने बताया, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के साथ किया गया दावा भ्रामक है। वाराणसी में रोपवे का पहला चरण पूरा हो चुका है। उसी की टेस्टिंग चल रही है। इसमें सुरक्षा के अलग-अलग मानकों के साथ यह भी जांचा जाता है कि तेज हवा में गोंडोला कितना स्विंग कर सकता है। वायरल वीडियो उसी के ट्रायल से जुड़ा है।

निष्‍कर्ष : विश्‍वास न्‍यूज की पड़ताल में वाराणसी में गोंडोला के वायरल वीडियो के साथ किया गया दावा भ्रामक साबित हुआ। वाराणसी के रोप-वे प्रोजेक्‍ट के तहत फिलहाल इसका ट्रायल चल रहा है, जिसमें सुरक्षा के अलग-अलग मानकों (तेज हवा में गोंडोला कितना स्विंग कर सकता है समेत अन्य मानक) के अनुसार इसका परीक्षण किया जा रहा है। इसी परीक्षण के वीडियो को सोशल मीडिया पर भ्रामक दावे के साथ वायरल कर दिया गया।

  • Claim Review : वाराणसी में हवा में झूला गोंडोला।
  • Claimed By : FB Page Swadesh News
  • Fact Check : भ्रामक

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