Fact Check: अमेरिकी DEA अधिकारियों की गिरफ्त में नजर आ रहे मादुरो की यह तस्वीर वास्तविक नहीं, AI क्रिएटेड है
अमेरिकी सैन्य अभियान में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़े जाने के बाद अमेरिकी डीईए अधिकारियों के साथ नजर आ रहे मादुरो की तस्वीर असली नहीं, एआई क्रिएटेड है।
- By: Abhishek Parashar
- Published: Jan 9, 2026 at 03:51 PM
- Updated: Jan 30, 2026 at 06:34 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। वेनेजुएला की राजधानी काराकास पर हमला कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़े जाने की घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक तस्वीर को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह उन्हें पकड़े जाने के बाद की पहली तस्वीर है, जिसमें मादुरो को अमेरिकी ड्रग्स एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (डीईए) की वर्दी पहने सुरक्षा बलों की हिरासत में देखा जा सकता है।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस तस्वीर को फेक पाया, जिसे एआई की मदद से बनाया गया है। दिखने में वास्तविक जैसी नजर आ रही इस तस्वीर को कई न्यूज रिपोर्ट्स में सही तस्वीर समझकर इस्तेमाल किया गया है।
क्या है वायरल पोस्ट?
सोशल मीडिया यूजर ‘@Arfatkhan011’ ने वायरल पोस्ट (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “BREAKING: UNITED STATES HAVE CAPTURED VENEZUELAN PRESIDENT MADURO AND HIS WIFE.”
इस तस्वीर को सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कई अन्य यूजर्स ने समान संदर्भ में शेयर किया है।
पड़ताल
वायरल तस्वीर में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो अमेरिकी ड्रग्स एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (डीईए) की वर्दी पहने सुरक्षा बलों के बीच नजर आ रहे हैं। तस्वीर के ऑरिजिनल सोर्स को ढूंढने के लिए हमने रिवर्स इमेज सर्च की मदद ली और सर्च में हमें यह तस्वीर कई न्यूज रिपोर्ट्स में लगी मिली।
इंडियाटीवीन्यूज.कॉम की वेबसाइट पर तीन जनवरी 2024 की रिपोर्ट में इस तस्वीर (आर्काइव लिंक) का इस्तेमाल किया गया है। रिपब्लिक वर्ल्ड.कॉम की रिपोर्ट (आर्काइव लिंक) में भी इस तस्वीर का समान संदर्भ में इस्तेमाल किया गया है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की सात जनवरी की रिपोर्ट (आर्काइव लिंक) मनी कंट्रोल.कॉम की पांच जनवरी की रिपोर्ट (आर्काइव लिंक) और वनइंडिया.कॉम की रिपोर्ट (आर्काइव लिंक) में इस तस्वीर का समान संदर्भ में इस्तेमाल किया गया है।
वायरल तस्वीर में तीन जनवरी 2026 की तारीख का जिक्र है, जबकि निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को मैनहटन लाए जाने का पहला विजुअल पांच जनवरी को सामने आया था, जिसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया था। संबंधित विजुअल्स को वॉल स्ट्रीट जर्नल और डेलीमोशन की रिपोर्ट में यहां और यहां देखा जा सकता है।
लगभग सभी रिपोर्ट में इसके स्रोत के रूप में सोशल मीडिया का जिक्र है, जो इसकी विश्वसनीयता को संदिग्ध बनाता है। इसलिए हमने इसे एआई डिटेक्शन टूल की मदद से चेक किया। Synth ID की एनालिसिस बताती है कि इस तस्वीर को एआई की मदद से क्रिएट किया गया है।
Gemini की प्रॉम्प्ट आधारित एनालिसिस के मुताबिक, “इंटरनल डिटेक्शन टूल ने फाइल (तस्वीर) में एक SynthID डिजिटल वाटरमार्क को देखा है, जो एक ऐसी टेक्नोलॉजी है, जिसका इस्तेमाल गूगल अपने AI द्वारा बनाई या एडिट की गई इमेज को लेबल करने के लिए करता है।”
गौरतलब है कि यह वाटरमार्क इंसानी आंख से दिखाई नहीं देता, लेकिन इसे उस कंटेंट में एम्बेड किया जाता है, जिसे Google के कई AI प्रोडक्ट्स में से किसी एक से बनाया या बदला गया हो। सिंथआईडी की फुल एनालिसिस को यहां देखा जा सकता है।

एक अन्य एआई डिटेक्शन टूल इमेज व्हिस्परर की एनालिसिस भी इस तस्वीर में एआई मैनिपुलेशन की पुष्टि करता है।

सीएनएन.कॉम की रिपोर्ट में व्हाइट हाउस और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के हवाले से मादुरो को पकड़े जाने के बाद की तस्वीरों को साझा किया गया है और इन तस्वीरों में हमें वैसी कोई तस्वीर नहीं दिखी, जो वायरल इमेज से मेल खाती है।
एबीसी7 के आधिकारिक यू-ट्यूब हैंडल पर मौजूद वीडियो में हथकड़ी के साथ नजर आ रहे मादुरो की नई तस्वीर को देखा जा सकता है। यह तस्वीर पांच जनवरी की रॉयटर्स की रिपोर्ट में भी मौजूद है।

कई अन्य रिपोर्ट्स (1, 2, 3) में मादुरो को न्यूयॉर्क लाए जाने का फुटेज या विजुअल्स मौजूद है, जिसमें वह ब्लू रंग की स्वेटशर्ट में अमेरिकी अधिकारियों से घिरे नजर आ रहे हैं और उनके बैकग्राउंड में प्लेन नजर आ रहा है और यह तस्वीर वायरल तस्वीर से बिलकुल अलग है।
हमारी जांच से स्पष्ट है कि वायरल हो रही तस्वीर वास्तविक नहीं, बल्कि एआई क्रिएटेड है। वायरल तस्वीर को लेकर हमने विदेश मामलों को कवर करने वाले सीनियर जर्नलिस्ट उमाशंकर सिंह से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि करते हुए बताया कि यह तस्वीर मादुरो को पकड़े जाने के बाद सामने आई किसी भी आधिकारिक तस्वीरों में शामिल नहीं है। उन्होंने कहा कि ब्रेकिंग न्यूज जैसी स्थिति में सामने आ रही तस्वीरों के मामले में वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पर उतना ध्यान नहीं रहता लेकिन अगर बाद में इन गलतियों को सुधारा जा सकता है।
न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, तीन जनवरी 2026 की सुबह वेनेजुएला की राजधानी काराकास में ‘ऑपरेशन एब्सॉल्यूट रिजॉल्व’ के तहत वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को उनके घर से पकड़ लिया गया था और फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस सैन्य अभियान की जानकारी दी थी। मादुरो और उनकी पत्नी अब अमेरिका की एक अदालत में हथियार और ड्रग्स तस्करी से जुड़े मामलों का सामना कर रहे हैं।
छह जनवरी की रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने सोमवार को ड्रग्स के आरोपों में खुद को निर्दोष बताया है। मैनहट्टन की फेडरल कोर्ट में 63 वर्षीय मादुरो ने एक इंटरप्रेटर के ज़रिए कहा, “मैं निर्दोष हूं। मैं दोषी नहीं हूं। मैं एक शरीफ आदमी हूं। मैं अब भी अपने देश का राष्ट्रपति हूं।”
अमेरिकी ‘ऑपरेशन एब्सॉल्यूट रिजॉल्व’ की कार्रवाई से संबंधित अन्य वायरल दावों की जांच करती फैक्ट चेक रिपोर्ट्स को यहां और यहां देखा जा सकता है।
निष्कर्ष: अमेरिकी सैन्य अभियान में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़े जाने के बाद अमेरिकी डीईए अधिकारियों के साथ नजर आ रहे मादुरो की तस्वीर असली नहीं, एआई क्रिएटेड है।
- Claim Review : अमेरिकी सैन्य अभियान में पकड़े गए वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की पहली तस्वीर।
- Claimed By : X User-Arfat Khan
- Fact Check : झूठ
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