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Fact Check: हिजाब उतार विरोध जताती महिला का वीडियो ईरान का नहीं, फ्रांस में हुए प्रदर्शन का है

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो (सार्वजनिक रूप से हिजाब उतार कर फेंकती महिला) ईरान का नहीं, बल्कि ईरान के प्रदर्शनकारियों के समर्थन में पेरिस में आयोजित एक एकजुटता रैली का है। हालांकि वीडियो वास्तविक है, लेकिन इसे गलत स्थान (ईरान) का बताकर साझा किया जा रहा है।

  • By: Abhishek Parashar
  • Published: Jan 13, 2026 at 09:08 AM
  • Updated: Jan 30, 2026 at 06:29 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। ईरान में सत्ता विरोधी प्रदर्शन के बीच सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर वायरल एक वीडियो में सार्वजनिक स्थल पर एक महिला को अपना हिजाब उतार और उसे फेंक कर विरोध जताते हुए देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो ईरान में हो रहे प्रदर्शन का है।

विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इसे भ्रामक पाया। वायरल वीडियो ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शन के समर्थन में फ्रांस की राजधानी पेरिस में हुई रैली का है, जिसे ईरान का बताकर शेयर किया जा रहा है। गौरतलब है कि ईरानी प्रदर्शनकरियों के समर्थन में फ्रांस, ब्रिटेन समेत अन्य यूरोपीय देशों में रैली हुई है।

क्या है वायरल?

सोशल मीडिया यूजर ‘Shubhadra Mishra’ ने वायरल वीडियो (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “6 दशक तक ईरान में कठमुल्ला शासन ने वहां की महिलाओं और लड़कियों पर दमन और अत्याचार किया है इसका उदाहरण कहीं और नही है. ईरान में बलात्कार पीड़ित तमाम लड़कियों को फांसी दे दी जाती थी क्योंकि वह शरिया कानून के अनुसार कोई गवाह नहीं ला पाती थी. शरिया कानून में बलात्कार के लिए मेडिकल जांच डीएनए टेस्ट मायने नहीं रखता बल्कि गवाह मायने रखते है. फिर थक कर ईरान में महिलाओं ने बलात्कार के बाद पुलिस के पास जाना ही छोड़ दिया जिससे वहां के पुरुषों का मन और ज्यादा बढ़ गया. महिलाओं पर कोड़े बरसाना महिलाओं को तंबू से ढक देना मतलब की कठमुल्ला राज की पूरी बहादुरी सिर्फ महिलाओं और लड़कियो पर ही दिख रही थी. अब इलास्टिसिटी इफेक्ट देखिए लड़कियों के अंदर से मौत का डर खत्म हो चुका है क्योंकि रोज-रोज मरने से अच्छा है एक दिन मरना. वह खुलेआम अपना बुर्का हिजाब उतार कर फेंक रही है जला रही है. उनके टी शर्ट पर लिखा रहता है फक खुमैनी।”

सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कई अन्य यूजर्स (आर्काइव लिंक) ने इस वीडियो को समान और मिलते-जुलते दावे के साथ शेयर किया है।

https://twitter.com/jpsin1/status/2010572766114947438

पड़ताल

वायरल वीडियो में एक महिला को सार्वजनिक मंच पर अपना हिजाब उताकर फेंकते हुए देखा जा सकता है और बैकग्राउंड में इजरायल और ईरान समेत अन्य देशों के झंडे को देखा जा सकता है। वायरल वीडियो के स्रोत की जांच के लिए हमने इसके की-फ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च किया। सर्च में हमें यह वीडियो @CarinaBelome के नाम से मौजूद वेरिफाइड एक्स हैंडल (आर्काइव लिंक) पर मिला।

दी गई जानकारी के मुताबिक, “यह फ्रांस के पेरिस में हुई प्रदर्शन का वीडियो है।” यूजर ने इस वीडियो में कैमिली इरोज नाम की महिला को टैग किया है, जिन्होंने इसे रिट्वीट किया है और इस पोस्ट पर टिप्पणी करते हुए इसे पेरिस में हुई रैली का बताया है।

हमें यह वीडियो कैमिली इरोज के वेरिफाइड इंस्टाग्राम हैंडल (आर्काइव लिंक) और एक्स हैंडल (आर्काइव लिंक) पर भी मिला। दी गई जानकारी के मुताबिक, यह पेरिस में ईरान की ‘तानाशाही’ के खिलाफ हुए प्रदर्शन का वीडियो है।

हमारी जांच से स्पष्ट है कि वायरल हो रहा वीडियो पेरिस में हुए प्रदर्शन का है। सर्च में हमें यूरोन्यूज.कॉम की वेबसाइट पर 12 जनवरी को प्रकाशित रिपोर्ट मिली, जिसमें पेरिस में ईरानी प्रदर्शनकारियों और निर्वासित क्राउन प्रिंस के समर्थन में हुई रैली का जिक्र है।

न्यूज एजेंसी एपी की रिपोर्ट में भी इस प्रदर्शन का जिक्र है। रिपोर्ट के मुताबिक, पेरिस के अलावा लंदन में भी ईरान में जारी प्रदर्शनों  के समर्थन में रैली हुई।

हमें एक फ्रेम में नजर आ रही बिल्डिंग के एक हिस्से पर एलसीएल लोगो वाला बैनर नजर आया। एलसीएल, फ्रांस का दिग्गज बैंक है और वायरल वीडियो इसी भवन के बाहर हो रहे प्रदर्शन का है, जिसमें कई अलग-अलग देशों के झंडे नजर आ रहे हैं। गूगल मैप के स्ट्रीट व्यू में भी इस जगह को देखा जा सकता है।

वायरल वीडियो को लेकर हमने फ्रांस के पूर्व फैक्ट चेकर एंटनी मैवी से संपर्क किया और उन्होंने बताया कि यह वीडियो फ्रांस में हो रहे प्रदर्शन का प्रतीत होता है।इसमें नजर आ रहे रिपोर्टर के हाथ में सी न्यूज के लोगो वाला माइक्रोफोन नजर आ रहा है, जो फ्रांस का चैनल है।

वायरल वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर को फेसबुक पर करीब दो लाख से अधिक लोग फॉलो करते हैं।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में अब तक करीब 500 से अधिक लोगों के मारे जाने की सूचना है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान में सात जनवरी  तक 24 प्रांतों में विरोध प्रदर्शनों की खबरें सामने आई थीं, लेकिन अब 31 में से 24 प्रांतों के 80 से अधिक जिलों में विरोध प्रदर्शन हो रहा है।

निष्कर्ष: सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो (सार्वजनिक रूप से हिजाब उतार कर फेंकती महिला) ईरान का नहीं, बल्कि ईरान के प्रदर्शनकारियों के समर्थन में पेरिस में आयोजित एक एकजुटता रैली का है। हालांकि वीडियो वास्तविक है, लेकिन इसे गलत स्थान (ईरान) का बताकर साझा किया जा रहा है।

  • Claim Review : ईरान में सरकार के खिलाफ हिजाब उताकर प्रदर्शन करती महिला।
  • Claimed By : FB User-Shubhadra Mishra
  • Fact Check : भ्रामक

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