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Fact Check: तोंद पर भटूरे बेलने का वायरल वीडियो निकला फर्जी, AI से किया गया तैयार

तोंद पर भटूरे बेलने का वायरल वीडियो एआई टूल की मदद से बनाया गया है। इसमें कोई सच्‍चाई नहीं है।

नई दिल्‍ली (विश्‍वास न्‍यूज)। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें एक शख्‍स को अपनी तोंद पर भटूरे बेलते हुए दिखाया गया है। इस वीडियो को सच समझकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं। इतना ही नहीं, इस वीडियो के माध्‍यम से एक विशेष जाति और धर्म पर भी सवाल उठाया जा रहा है।

विश्‍वास न्‍यूज ने विस्‍तार से इसकी जांच की। वीडियो फर्जी साबित हुआ। इसे एआई की मदद से बनाया गया है। इसमें कोई सच्‍चाई नहीं है।

क्‍या हो रहा है वायरल

फेसबुक यूजर ‘अशोक यादव’ ने 6 जनवरी 2026 को वीडियो को पोस्‍ट करते हुए लिखा, “शुद्ध शाकाहारी ब्राह्मण भोजनालय…..। यहां साफ सफाई का एकस्ट्रा ध्यान रखा जाता हैं बिना प्याज लहसुन वाले सात्विक भोजन के लिए जरूर पधारे….आपका अपना शुद्ध शाकाहारी भोजनालय..।”

विश्‍वास न्‍यूज ने वायरल पोस्‍ट के कंटेंट को यहां ज्‍यों का त्‍यों लिखा है। इसका आर्काइव वर्जन यहां देखा जा सकता है।

पड़ताल

विश्‍वास न्‍यूज ने तोंद पर भटूरे बेलने वाले वायरल वीडियो को ध्‍यान से देखा, तो इसमें शख्‍स के कुछ मूवमेंट हमें अजीब-से नजर आए। भटूरे बेलते समय कोहनी के पास हाथ का मूवमेंट सामान्‍य नहीं था। इसी तरह कड़ाही के गर्म तेल में हाथों से भटूरे को निकाला भी सामान्‍य नहीं दिखा। इसके आधार पर हमें इस वीडियो की सत्‍यता पर शंका हुई। इसी तरह से भटूरे बेलते समय अचानक से बेलन गायब हो जाता है, जो कि असामान्‍य घटना है।

जांच को आगे बढ़ाते हुए वीडियो के अंत में लिखे @STRANGERR_HUB नाम के इंस्‍टाग्राम हैंडल पर गए। वहां हमें यह वीडियो कहीं भी नजर नहीं आया। लेकिन इस हैंडल को स्‍कैन करने पर हमें कई फर्जी वीडियो नजर आए।

पड़ताल के अगले चरण में हमने एआई डिटेक्शन टूल की मदद ली। सबसे पहले हमने हाइव मॉडरेशन टूल पर वायरल वीडियो को अपलोड किया। इसके नतीजों में वायरल वीडियो के एआई होने की 95.8% संभावना व्‍यक्‍त की गई।

इसी तरह वीडियो को हमने ट्रूथ स्कैन नाम के टूल के जरिए स्‍कैन किया। इसने वीडियो के 99 फीसदी एआई टूल से बने होने की संभावना जताई।

वहीं, अनडिटेक्टेबिल की एनालिसिस में इस वीडियो के एआई से क्रिएटेड होने की संभावना करीब 99 फीसदी है। हमारी जांच से स्पष्ट है कि यह वीडियो वास्तविक नहीं, बल्कि एआई क्रिएटेड है।

विश्‍वास न्‍यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए एआई एक्‍सपर्ट एसके साहिद से संपर्क किया। उनके साथ वायरल वीडियो को शेयर किया। उन्‍होंने बताया कि वायरल वीडियो पूरी तरह से एआई निर्मित है।

जांच के अंत में हमने फर्जी वीडियो अपलोड करने वाले यूजर की जांच की । अशोक यादव की प्रोफाइल के अनुसार, वह हरियाणा के पलवल के रहने वाले हैं। इन्‍हें फेसबुक पर आठ हजार से ज्‍यादा लोग फॉलो करते हैं।

निष्‍कर्ष: विश्‍वास न्‍यूज की जांच में वायरल वीडियो फर्जी साबित हुई। तोंद पर भटूरे बेलने का वायरल वीडियो एआई टूल की मदद से बनाया गया है। इसमें कोई सच्‍चाई नहीं है।

  • Claim Review : तोंद पर भटूरे बेलने का वीडियो
  • Claimed By : FB User Ashok Yadav
  • Fact Check : झूठ

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