Fact Check: राजनाथ सिंह ने नहीं की RSS और तालिबान की तुलना, यह वीडियो डीपफेक है
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो पूरी तरह से फर्जी और डीपफेक है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का असली वीडियो नागपुर का है, जहाँ भाषण में उन्होंने तालिबान का कोई उल्लेख नहीं किया था, बल्कि उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को एक “सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन” बताया था। यह वीडियो मुख्य रूप से पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल्स द्वारा भ्रामक नैरेटिव और सांप्रदायिक तनाव फैलाने के उद्देश्य से साझा किया जा रहा है।
- By: Pallavi Mishra
- Published: Jan 22, 2026 at 03:26 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी हैंडल्स द्वारा एक वीडियो साझा किया जा रहा है, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कथित तौर पर कह रहे हैं कि RSS और तालिबान की विचारधारा एक है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह एक डीपफेक वीडियो है, जिसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से एडिट किया गया है। असली भाषण में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तालिबान को लेकर कुछ नहीं बोला था।
क्या है वायरल?
जांच के दौरान हमें निम्नलिखित हैंडल्स और लिंक्स मिले, जो इस प्रोपेगेंडा का हिस्सा हैं:
X प्रोफाइल @Aamir_Aali ने 20 जनवरी 2026 को वायरल वीडियो को शेयर किया और लिखा “RSS और अफगान तालिबान की एक ही विचारधारा है, हमारा एक ही विश्वास है, हमारा एक ही गठबंधन है, हमारा साझा दुश्मन पाकिस्तान है। इजरायल भारत का रणनीतिक साझेदार है और अफगान तालिबान का पूर्ववर्ती है। हमें पाकिस्तान को खत्म करने के लिए हाथ मिलाना चाहिए।” भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह।”
प्रोफ़ाइल के अनुसार, यूज़र आइसलैंड में रहता है। यह प्रोफाइल अक्सर भारत विरोधी सामग्री और सैन्य सूचनाओं के साथ छेड़छाड़ किए गए वीडियो साझा करता है।
पाकिस्तान बेस्ड फेसबुक अकाउंट _VeteransAffair ने भी इस फर्जी वीडियो को 21 जनवरी को शेयर किया।
एक दूसरे पाकिस्तान बेस्ड फेसबुक ग्रुप अथर रहमान ने भी इस फर्जी वीडियो को गलत नैरेटिव फैलाने की मंशा से 21 जनवरी 2026 को शेयर किया।
पड़ताल
इस पोस्ट की पड़ताल करने के लिए हमने कीवर्ड्स की मदद से ढूंढा। हमें कहीं भी तालिबान को लेकर राजनाथ सिंह का ऐसा कोई बयान नहीं मिला।
इसके बाद हमने राजनाथ सिंह का असली वीडियो ढूंढना शुरू किया। वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल लेंस पर सर्च करने पर हमें यह पूरा वीडियो 18 जनवरी 2026 को उनके ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर अपलोड मिला। यहाँ बैकग्राउंड बिल्कुल वायरल वीडियो वाला ही है। पोस्ट के अनुसार, यह नागपुर में मीडियम कैलिबर गोला-बारूद सुविधा के उद्घाटन समारोह का वीडियो है।
youtube.com/watch?si=cYjV4J0-PhFyRAJd&v=2rsxpYXF9FI&feature=youtu.be
इस वीडियो में 2 मिनट 6 सेकंड के बाद वायरल वीडियो वाला हिस्सा देखा जा सकता है। मगर यहाँ ऑडियो बिल्कुल अलग था। यहाँ राजनाथ सिंह ने आरएसएस का तो जिक्र किया था, मगर तालिबान का कोई जिक्र नहीं किया था।
जांच को आगे बढ़ाते हुए हमने वीडियो को ध्यान से देखा। वायरल वीडियो में होंठों के आसपास का हिस्सा ब्लर है। साथ ही ऑडियो भी काफी रोबोटिक लग रहा है। हमें शक हुआ कि यह वीडियो एआई की मदद से एडिट किया गया हो सकता है।
बफलो यूनिवर्सिटी के डिटेक्शन टूल डीपफेक-ओ-मीटर के 3 डिटेक्टर ने वीडियो में AI मैनिपुलेशन की संभावना बताई।

एआई डिटेक्शन टूल truth scan ने ऑडियो के एआई से बने होने की संभावना 98 प्रतिशत बताई।

पुष्टि के लिए हमने अपने पार्टनर, डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट (DAU) से संपर्क किया, जो ट्रस्टेड इन्फॉर्मेशन एलायंस (TIA) की एक पहल है। टीम ने वीडियो को Hive AI डीपफेक डिटेक्टर की मदद से चेक किया। वीडियो के कई हिस्सों में AI की छेड़छाड़ पाई गई।

हमने इस बारे में पुष्टि के लिए एआई और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी में काम कर रहे अजहर माचवे से भी बात की। उन्होंने भी वीडियो के AI की मदद से बने होने की पुष्टि की।
वायरल वीडियो को पाकिस्तान के सोशल मीडिया एकाउंट्स पर शेयर किया जा रहा है।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल वीडियो पूरी तरह से फर्जी और डीपफेक है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का असली वीडियो नागपुर का है, जहाँ भाषण में उन्होंने तालिबान का कोई उल्लेख नहीं किया था, बल्कि उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को एक “सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन” बताया था। यह वीडियो मुख्य रूप से पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल्स द्वारा भ्रामक नैरेटिव और सांप्रदायिक तनाव फैलाने के उद्देश्य से साझा किया जा रहा है।
- Claim Review : राजनाथ सिंह ने कहा कि RSS और तालिबान की विचारधारा एक ही है।
- Claimed By : FB User _VeteransAffair
- Fact Check : झूठ
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