Fact Check: हाईवे पर ‘ओवरहेड साइनबोर्ड’ में फंसी थार गाड़ी का वीडियो निकला एआई निर्मित
विश्वास न्यूज की पड़ताल में यह स्पष्ट हुआ कि हाईवे के ओवरहेड साइनबोर्ड में फंसी थार का वीडियो पूरी तरह से फर्जी और एआई निर्मित है।
- By: Pallavi Mishra
- Published: Feb 19, 2026 at 02:09 PM
- Updated: Feb 20, 2026 at 12:27 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक हैरान करने वाला वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिंद्रा थार गाड़ी सड़क के ऊपर लगे ओवरहेड साइनबोर्ड के लोहे के ढांचे के बीच फंसी हुई दिखाई दे रही है। दावा किया जा रहा है कि यह NH 48 पर हुई एक वास्तविक दुर्घटना है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह वीडियो पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा बनाया गया है। यह किसी असली सड़क हादसे का वीडियो नहीं है।
क्या हो रहा है वायरल?
X (ट्विटर) यूजर ‘Ramesh Meena‘ ने 18 फरवरी 2026 को इस वीडियो को साझा करते हुए लिखा:
“यह वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक थार गाड़ी है जो सीधे बोर्ड में घुसी हुई दिख रही है..! वीडियो में देखकर लग रहा है यह NH 48 है.. शायद ये थार गाड़ी जयपुर की तरफ जा रही थी लेकिन सीधा ही जयपुर पहुंचा दिया..”
वीडियो में थार गाड़ी जमीन से कई फीट ऊपर लगे भारी भरकम साइनबोर्ड के पैनल को चीरकर फंसी हुई नजर आ रही है।
पड़ताल
हमने NH 48 और दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे पर ऐसी किसी भी घटना को लेकर कीवर्ड्स की मदद से मीडिया रिपोर्ट्स ढूंढी। भारत के सबसे व्यस्त हाईवे में से एक पर अगर कोई गाड़ी उड़कर साइनबोर्ड में घुसती, तो यह अंतरराष्ट्रीय खबर बन जाती। लेकिन हमें पुलिस या प्रशासन की ओर से ऐसी किसी भी घटना की पुष्टि नहीं मिली।
वीडियो को ध्यान से देखने पर हमें इसमें कई तकनीकी कमियां नजर आईं। जैसे, ओवरहेड बोर्ड के दाहिनी ओर लिखे अक्षरों का कोई मतलब नहीं बनता। एआई अक्सर टेक्स्ट जनरेट करने में ऐसी गलतियां करता है। इसके अलावा, थार जैसी भारी गाड़ी के बोर्ड में टकराने पर पूरा ढांचा गिर जाना चाहिए था, लेकिन वीडियो में बोर्ड बिल्कुल स्थिर है।
पुष्टि के लिए हमने वीडियो की जांच एआई डिटेक्शन टूल्स से की।
Hive Moderation ने इस वीडियो के 99.9% आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बने होने का संकेत दिया।

एक दूसरे टूल Sightengine ने इसके 89% एआई होने की संभावना जताई।

यूनिवर्सिटी एट बफ़ेलो के बनाए डीपफेक-ओ-मीटर (DeepFake-o-meter) टूल के इंडिकेटर AVSRDD (2025) ने वीडियो के 99.9% AI होने की पुष्टि की।

एआई एक्सपर्ट अजहर माचवे ने भी पुष्टि की कि यह वीडियो “सिंथेटिक मीडिया” का उदाहरण है। उन्होंने बताया कि इसे बनाने के लिए वीडियो जनरेटिव एआई टूल का उपयोग किया गया है।
‘ऑटो इनोवेटर और शैलसंग इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड’ के एमडी शैलेन्द्र गौर ने इस वीडियो को लेकर हमें बताया, “एक महिंद्रा थार का वजन (Curb Weight) लगभग 1750 किलोग्राम से 2100 किलोग्राम के बीच होता है। इसकी तुलना में एक औसत हैचबैक कार (जैसे मारुति ऑल्टो या स्विफ्ट) का वजन केवल 800-1000 किलोग्राम होता है। इतनी भारी गाड़ी को हवा में उछालने के लिए अत्यधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर ओवरहेड साइनबोर्ड की ऊंचाई सड़क से कम से कम 5.5 मीटर (लगभग 18 फीट) होती है। 2 टन वजन वाली थार को 18 फीट की ऊंचाई तक पहुंचाकर बोर्ड में फंसाने के लिए जो संवेग और गति चाहिए, वह सामान्य सड़क दुर्घटना या रैंप जंप से संभव नहीं है। यदि गाड़ी इतनी गति से टकराती, तो बोर्ड का एल्युमीनियम पैनल उसे रोकने के बजाय पूरी तरह टूट जाता या पूरा गेंट्री स्ट्रक्चर नीचे गिर जाना चाहिए था।”
वीडियो पोस्ट करने वाले यूजर ‘Ramesh Meena’ के X पर 45,000 फॉलोअर्स हैं।
एआई से संबंधित अन्य फैक्ट चेक विश्वास न्यूज के पेज पर यहां पढ़ सकते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की पड़ताल में यह स्पष्ट हुआ कि हाईवे के ओवरहेड साइनबोर्ड में फंसी थार का वीडियो पूरी तरह से फर्जी और एआई निर्मित है।
- Claim Review : हाईवे पर 'ओवरहेड साइनबोर्ड' में फंसी थार गाड़ी
- Claimed By : X (Twitter) user 'Ramesh Meena'
- Fact Check : झूठ
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