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Fact Check: इस्तीफा देने और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में सरकार के साथ न देने की बात करते पूर्व CDS अनिल चौहान का वीडियो डीपफेक है

‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भारत सरकार की नीतियों की आलोचना करता पूर्व सीडीएस जनरल अनिल चौहान का वायरल वीडियो डीपफेक है। ओरिजिनल वीडियो उनके कार्यकाल समाप्ति के दौरान का है। असली वीडियो में पूर्व सीडीएस ने यह कहा था कि उनका कार्यकाल 'बेहद संतोषजनक' था। वायरल वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर दुष्प्रचार की मंशा से इसे शेयर किया जा रहा है।

  • By: Pragya Shukla
  • Published: Jun 4, 2026 at 05:50 PM
  • Updated: Jun 4, 2026 at 06:47 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में उन्हें कथित तौर पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को पूरा न कर पाने और सेना में राजनीतिक दखल के बारे में कहते हुए सुना जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि उन्होंने  केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान की तरह भारत की सेना को राजनीतिक सपोर्ट नहीं दिया गया और वह राजनीतिक दबाव के चलते इस्तीफा दे रहे हैं।

विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को फेक पाया। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भारत सरकार की नीतियों की आलोचना करता पूर्व सीडीएस जनरल अनिल चौहान का यह वीडियो डीपफेक है। वायरल वीडियो में छेड़छाड़ कर दुष्प्रचार की मंशा से इसे शेयर किया जा रहा है। ओरिजिनल वीडियो उनके कार्यकाल समाप्त होने के दौरान का है। असली वीडियो में पूर्व सीडीएस ने यह कहा था कि उनका कार्यकाल ‘बेहद संतोषजनक’ था और उन्होंने तीनों सेनाओं का आभार व्यक्त किया था। पहले भी सोशल मीडिया पर भारतीय सेना के शीर्ष अधिकारियों के एआई-मैनिपुलेटेड वीडियो शेयर किए गए हैं। विश्वास न्यूज ने ऐसे दावों की पड़ताल कर सच्चाई सामने रखी है। 

क्या हो रहा है वायरल?

फेसबुक यूजर ‘मीनु कुन्डू ढा़कल’ ने एक जून 2026 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “सेना को राजनैतिक दखल झेलना पड़ रहा है। सेना को वोट बटोरने का साधन बना लिया सरकार ने ।। #cockroachjantaparty”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखा जा सकता है।

पड़ताल 

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें असली वीडियो ‘एएनआई’ के आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज पर मिला। इस वीडियो को 30 मई 2026 को शेयर किया गया था। असली वीडियो में पूर्व सीडीएस अनिल चौहान कह रहे हैं, “I thank the three services and Headquarters IDS for it. With the conclusion of the guard of honour, I bid farewell to my colleagues in uniform, comrades in arms forever. I just laid the wreath at the War Memorial for the last time in uniform, as a humble tribute to those who laid down their lives in the line of duty. After the wreath-laying, I was welcomed by friends, relatives, and well-wishers. This is symbolic of my transition from uniform to civilian life. I had a very satisfying and excellent tenure. Thank you. Jai Hind.” 

हिंदी अनुवाद , “तीनों सेनाओं के गार्ड ऑफ ऑनर के साथ सेवानिवृत्त होना मेरे लिए अत्यंत गौरव की बात है। इसके लिए मैं तीनों सेनाओं और मुख्यालय आईडीएस का आभारी हूं। गार्ड ऑफ ऑनर के समापन के साथ, मैं अपने साथियों और अपने हथियारबंद सहयोगियों को विदाई देता हूं। मैंने अभी-अभी वर्दी में अंतिम बार युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की, उन लोगों को विनम्र श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने कर्तव्य की राह में अपने प्राणों की आहुति दी। पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद, मेरे मित्रों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने मेरा स्वागत किया। यह वर्दी से नागरिक जीवन में मेरे संक्रमण का प्रतीक है। मेरा कार्यकाल अत्यंत संतोषजनक और उत्कृष्ट रहा।”

असली वीडियो हमें कई अन्य न्यूज पेजों पर भी मिला। हमें पूर्व प्रमुख सी‍डीएस जनरल अनिल चौहान के कार्यकाल समाप्त होने की सेरेमनी की कई न्यूज रिपोर्ट भी मिलीं, लेकिन किसी में इस बात का जिक्र नहीं मिला कि उन्होंने सरकार की आलोचना की है।

‘पीआईबी फैक्ट चेक’ ने भी इस दावे का खंडन करते हुए इसे डीपफेक बताया है। 

वीडियो में एआई-मैनिपुलेशन की संभावना की जांच के लिए हमने इसे डीपफेक डिटेक्शन टूल्स की मदद से चेक किया। ‘Hiya’ ने ऑडियो के 51 फीसदी तक एआई से बने होने की संभावना जताई। 

हमने एक अन्य टूल ‘undetectable’ से ऑडियो को सर्च किया। इस टूल ने 44 फीसदी तक ऑडियो के एआई की मदद से बने होने के संकेत दिए। 

अधिक जानकारी के लिए हमने एआई टेक्नोलॉजी में काम कर रहे एक्सपर्ट अजहर माचवे से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल ऑडियो को अलग से वीडियो के साथ जोड़ा गया है। वीडियो में कहीं-कहीं ऑडियो और लिप के बीच में सिंकिंग नहीं हो रही है। लिप पहले चल रहे हैं, जबकि आवाज कुछ सेकंड बाद सुनाई दे रही है। ऐसा अक्सर उन्हीं वीडियो में देखने को मिलता है, जिन्हें एआई की मदद से मैनिपुलेटे किया जाता है।

अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले फेसबुक यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को दो हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं। यूजर ने प्रोफाइल में खुद को हरियाणा का रहने वाला बताया है। यह यूजर एक खास विचारधारा से जुड़ी पोस्ट शेयर करता है।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में पाया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भारत सरकार की नीतियों की आलोचना करता पूर्व सीडीएस जनरल अनिल चौहान का वायरल वीडियो डीपफेक है। ओरिजिनल वीडियो उनके कार्यकाल समाप्ति के दौरान का है। असली वीडियो में पूर्व सीडीएस ने यह कहा था कि उनका कार्यकाल ‘बेहद संतोषजनक’ था। वायरल वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर दुष्प्रचार की मंशा से इसे शेयर किया जा रहा है।

  • Claim Review : पूर्व सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने कहा कि सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में नहीं दिया साथ।
  • Claimed By : FB User मीनु कुन्डू ढा़कल
  • Fact Check : झूठ

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