Fact Check: जाति विवाद का नहीं, किसान के मुआवजे में हुई देरी से संबंधित है यह वीडियो
जाति के नाम पर हुई मारपीट वाले वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में यह वीडियो कर्नाटक के बागलकोट में मुआवजा वितरण में हुई देरी को लेकर हुए विवाद से संबंधित है।
- By: Pragya Shukla
- Published: Aug 24, 2026 at 05:48 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। किसी की पिटाई करते हुए एक शख्स का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक शख्स घटनास्थल पर मौजूद एक अन्य शख्स को पहले चप्पल से मारता है, फिर उसका कॉलर पकड़कर उसे दोबारा पीटने का प्रयास करता है। इसे शेयर कर दावा किया जा रहा है कि दोनों लोगों के बीच जाति को लेकर विवाद हुआ था, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गया।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। असल में वायरल वीडियो कर्नाटक का है। दरअसल, कर्नाटक के बागलकोट में एक किसान ने नगर विकास प्राधिकरण के एक अधिकारी को चप्पल से मारा था। किसान का आरोप था कि मुआवजा वितरण करने में देरी के साथ-साथ उसके साथ भेदभाव भी किया जा रहा था।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘Abhi Jatav’ ने 20 अगस्त 2026 को वायरल वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “जाती को लेकर हुआ विवाद जाती वादी मानसिकता रखने वाले के साथ ऐसे ही होना चाहिए . . #jatavektazindabad #jatavekta #jatavboys।”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल लेंस की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो ‘एनडीटीवी’ के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर मिला। इस वीडियो को 13 जून 2026 को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा गया, “कर्नाटक के बागलकोट में मुआवजा वितरण में देरी और कथित भेदभाव के आरोप को लेकर एक किसान ने नगर विकास प्राधिकरण के एक अधिकारी को चप्पल मार दिया। कहासुनी के बाद किसान अधिकारी पर भड़क गया और झूमाझटकी के दौरान किसान ने अधिकारी के मुंह पर चप्पल जड़ दिया। इससे कार्यालय में हंगामा हो गया। कुछ देर चली बहसबाजी के बाद अफसर ने खुद को कमरे में बंद कर लिया।”

प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट ‘just kannada’ की वेबसाइट पर मिली। इस रिपोर्ट को 13 जून 2026 को प्रकाशित किया गया था। कन्नड़ भाषा में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, मुआवजे के मामले में भेदभाव का आरोप लगाते हुए एक बुजुर्ग किसान ने फर्स्ट-डिविजन कर्मचारी को चप्पल मारी। यह घटना बागलकोट टाउन डेवलपमेंट अथॉरिटी के ऑफिस में हुई थी। आरोप है कि बसप्पा नाम के एक किसान ने अंकडा नाम के फर्स्ट डिवीजन कर्मचारी के साथ बदसलूकी की और उन्हें चप्पल से मारा। कर्मचारी ने किसान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया था।

अन्य न्यूज रिपोर्ट को यहां पर देखें।
अधिक जानकारी के लिए हमने कर्नाटक के स्थानीय पत्रकार यासीर खान से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल दावा गलत है। वायरल वीडियो कर्नाटक के बागलकोट में मुआवजे को लेकर हुए विवाद से संबंधित है।
क्या है संदर्भ?
जातिगत विवाद में मारपीट के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में एक ऐसा ही मामला देखने को मिला, जहां देवी पूजा के दौरान जाति को लेकर विवाद हुआ और फिर मारपीट शुरू हो गई। पूरी रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है।
अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले फेसबुक यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को करीब दो लाख लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि जाति के नाम पर हुई मारपीट वाले वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में यह वीडियो कर्नाटक के बागलकोट में मुआवजा वितरण में हुई देरी को लेकर हुए विवाद से संबंधित है।
- Claim Review : जाति को लेकर हुआ विवाद, जाटवों ने की पिटाई।
- Claimed By : FB User Abhi Jatav
- Fact Check : झूठ
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