Fact Check: पवन खेड़ा ने शंकराचार्य के खिलाफ नहीं, भाजपा के खिलाफ दिया था विवादित बयान
विश्वास न्यूज की जांच में वायरल दावा फर्जी साबित हुआ। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ किसी भी आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल नहीं किया था।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Sep 4, 2026 at 04:28 PM
- Updated: Sep 4, 2026 at 04:45 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी शेयर हो रहा है। इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और प्रवक्ता पवन खेड़ा ने ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है। पोस्ट में मौजूद वीडियो की एक क्लिप में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद राहुल गांधी को हिंदू मानने से इनकार करते हुए सुने जा सकता हैं। दूसरी क्लिप में पवन खेड़ा को ‘नमक हराम’ फिल्म का उदाहरण देते हुए सुना जा सकता है। इसको सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने विस्तार से पोस्ट की जांच की। हमें पता चला कि वायरल पोस्ट फर्जी है। दरअसल, पवन खेड़ा ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर कटाक्ष करते हुए कुछ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था।
क्या है वायरल?
फेसबुक यूजर ‘Creative Media’ ने 2 सितंबर 2026 को एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “ये है शंकराचार्य का सम्मान ! राहुल के धर्म पर शंकराचार्य ने उठाए सवाल तो ‘खेड़ा हुए लाल’! शंकराचार्य को संत शिरोमणि बताने वाले कांग्रेसी सच बोलने पर कर रहे ट्रोल।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे सच मानकर कई सोशल मीडिया यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो में इस्तेमाल दोनों क्लिप की अलग-अलग जांच की। सबसे पहले शंकराचार्य के बयान की जांच की गई। शंकराचार्य की क्लिप के कई कीफ्रेम्स निकालकर उन्हें गूगल लेंस टूल के जरिए सर्च किया गया। हमें शंकराचार्य का बयान ‘IANS’ के एक्स हैंडल पर मिला। 27 अगस्त 2026 को शंकराचार्य ने राहुल गांधी के मनुस्मृति पर दिए गए विवादित बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए वायरल बयान दिया था।
अगस्त 2026 में पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने मनुस्मृति की आलोचना करते हुए कहा था कि इसमें महिला विरोधी बातें लिखी हैं।
विश्वास न्यूज ने इसके बाद पवन खेड़ा के बयान की जांच की। इसके भी कई कीफ्रेम निकालकर गूगल लेंस से सर्च किया गया। पवन खेड़ा का असली वीडियो हमें कांग्रेस के यूट्यूब चैनल पर मिला। 19 जनवरी 2026 को इसे लाइव किया गया था। वीडियो के 4 मिनट 10 सेकंड की टाइमलाइन के बाद वायरल क्लिप वाला बयान सुना जा सकता है। पूरा वीडियो देखने से यह स्पष्ट हुआ कि पवन खेड़ा ने भाजपा सरकार पर हमला करते हुए वायरल बयान दिया था। दरअसल, प्रयागराज में माघ मेले में 18 जनवरी 2026 को मौनी अमावस्या के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को संगम में स्नान करने के लिए जाते समय उत्तर प्रदेश पुलिस ने रोक दिया था। इसके बाद वे धरने पर बैठ गए थे। इसी को लेकर शंकराचार्य के समर्थन में हुई एक प्रेसवार्ता में पवन खेड़ा भाजपा सरकार के खिलाफ बोल रहे थे।
पड़ताल के अगले चरण में हमने गूगल ओपन सर्च टूल की मदद ली। संबंधित कीवर्ड से सर्च करने पर हमें पवन खेड़ा वाला हिस्सा कांग्रेस के यूट्यूब चैनल पर शॉर्ट के रूप में भी मिला। इसे 19 जनवरी 2026 को अपलोड किया गया था।
दोनों वीडियो देखने से यह स्पष्ट हो गया कि कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ नहीं, बल्कि भाजपा सरकार पर कटाक्ष करते हुए ‘नमक हराम’ वाली बात कही थी।
विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस के प्रवक्ता अभय दुबे से संपर्क किया और उनके साथ वायरल वीडियो शेयर किया। उन्होंने भी वायरल वीडियो को फेक बताया। उन्होंने कहा कि पवन खेड़ा ने शंकराचार्य को लेकर नहीं, बल्कि भाजपा सरकार को लेकर बयान दिया था।
क्या है संदर्भ?
‘बीबीसी हिंदी’ की 28 जनवरी 2026 की एक रिपोर्ट में बताया गया कि यूपी के प्रयागराज में माघ मेले के दौरान 18 जनवरी 2026 को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को पुलिस ने रथ के साथ स्नान करने के लिए जाने समय रोक दिया था। उस दिन मौनी अमावस्या का पवित्र स्नान था। इसके बाद पुलिस से उनका टकराव हुआ था। उन्होंने आरोप लगा था कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया।
बीबीसी हिंदी की 24 अगस्त 2026 की एक खबर के अनुसार, राहुल गांधी ने पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में मनुस्मृति की आलोचना करते हुए इसे महिला विरोधी बताया था। इसके बाद राहुल गांधी का काफी विरोध हुआ था।
विश्वास न्यूज ने जांच के अंत में यूजर के प्रोफाइल की जांच की । यूजर को फेसबुक पर 1.6 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यह अकाउंट जून 2026 में बनाया गया था।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में वायरल दावा फर्जी साबित हुआ। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ किसी भी आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल नहीं किया था। दरअसल, पवन खेड़ा का वीडियो जनवरी 2026 की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का है। उस प्रेस कॉन्फ्रेंस में पवन खेड़ा ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में बोलते हुए भाजपा सरकार के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। https://www.instagram.com/p/Dcu3ifjxcGs/
https://www.facebook.com/reel/1316345017242332
- Claim Review : राहुल गांधी पर टिप्पणी के बाद पवन खेड़ा ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ दिया विवादित बयान।
- Claimed By : FB User Creative Media
- Fact Check : झूठ
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