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Fact Check: यूपी में वोट मांगने आए भाजपा नेता को भगाने के दावे से UGC के नए नियमों के विरोध का वीडियो वायरल

सितंबर 2026 में यूपी के आगरा में यूजीसी के नए नियमों के विरोध में प्रदर्शन हुआ था। उस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी। उस घटना के वीडियो को अब गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

Video of UGC protest goes viral falsely linked to a BJP leader here is truth

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सभी दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इससे जोड़कर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोगों और पुलिस के बीच झड़प को देखा जा सकता है। कुछ यूजर्स इसे शेयर कर दावा कर रहे हैं कि यूपी में वोट मांगने पहुंचे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता को लोगों ने भगा दिया।

विश्वास न्यूज ने इसकी जांच की तो पता चला कि वायरल दावा झूठा है। दरअसल, यूपी के आगरा में सितंबर 2026 में यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) के नए नियमों (फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने इन पर रोक लगाई हुई है) के विरोध में प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस में झड़प हुई थी। उस दौरान के वीडियो को अब गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

क्या है वायरल पोस्ट?

फेसबुक यूजर ‘Sehdev Yadav SP’ ने 18 अक्टूबर 2026 को एक वीडियो पोस्ट (आर्काइव लिंक) करते हुए लिखा, “यूपी – वोट की अपील करने आए बीजेपी नेता को वापस खदेड़ा गया, लगे GoBack के नारे, पुलिस ने रोकने की कोशिश की लेकिन पुलिस को भी भगा दिया गया।”

पड़ताल

वायरल दावे की जांच के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम को गूगल लेंस पर सर्च किया। फेसबुक यूजर ‘Deepak Kushwah‘ ने 1 सितंबर 2026 को वायरल वीडियो अपलोड करते हुए लिखा, “आगरा में यूजीसी के विरोध की चिंगारी अब गांव-देहात तक पहुंचती नजर आ रही है। एत्मादपुर तहसील परिसर में यूजीसी रोलबैक की मांग को लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे सवर्ण समाज के लोगों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हो गई।”

‘नवभारत टाइम्स’ के फेसबुक पेज पर भी 2 सितंबर 2026 को वायरल हो रहे वीडियो को पोस्ट करते हुए लिखा गया, “आगरा में UGC के नए नियमों के विरोध में 1 सितंबर को एत्मादपुर तहसील पहुंचे क्षत्रिय सभा और सिस्टम सुधार संगठन के कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प हो गई। धक्का लगने से इंस्पेक्टर क्राइम जेपी तिवारी गिर पड़े, जिसके बाद उन्होंने लाठी चला दी। इसमें संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अंशुमन ठाकुर घायल हो गए। नाराज कार्यकर्ताओं ने इंस्पेक्टर को घेर लिया, जिन्हें पुलिसकर्मियों ने अधिवक्ता के चेंबर में बंद कर बचाया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने हाईवे जाम कर तहसील में धरना दिया। करीब दो घंटे बाद ज्ञापन देकर वे लौटे। मामले में डीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य सिंह ने जेपी तिवारी को लाइन हाजिर कर दिया।”

‘नवभारत टाइम्स’ की वेबसाइट पर 2 सितंबर 2026 को छपी एक रिपोर्ट में भी लिखा है कि आगरा के एत्मादपुर में यूजीसी के नए नियमों के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई। इसमें लाठी चलाने वाले इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर कर दिया गया था।

बता दें कि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भेदभाव रोकने के लिए यूजीसी की तरफ से 13 जनवरी 2026 को नए नियम जारी किए गए थे। इनमें ‘जाति‑आधारित भेदभाव’ को जोड़ा गया था, जिसका मतलब जाति के आधार पर अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी) के छात्रों के विरुद्ध किया जाने वाला भेदभाव था। इन नियमों को लेकर देशभर में काफी विरोध हुआ था, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इसके दुरुपयोग की आशंका जताते हुए 29 जनवरी 2026 को इन नियमों पर रोक लगा दी थी।

इस बारे में हमने आगरा में दैनिक जागरण के रिपोर्टर अली अब्बास से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि यह वीडियो पुराना है और यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ हुए प्रदर्शन का है। यह भाजपा नेता को भगाने का मामला नहीं है।

क्या है संदर्भ?

यूपी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए सभी दल तैयारी में जुट गए हैं। ‘एबीपी लाइव‘ की वेबसाइट पर ‘पीटीआई’ के हवाले से 13 अक्टूबर 2026 को छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, 25 मार्च 2022 को यूपी में मौजूदा सरकार का गठन हुआ था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उस दिन सीएम पद की शपथ ली थी, जबकि विधानसभा का पहला सत्र 23 मई 2022 को हुआ था। मतलब राज्य में 22 मई 2027 से पहले नई सरकार का गठन होना है।

आगरा के पुराने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले फेसबुक यूजर की प्रोफाइल को अंत में हमने स्कैन किया। यूजर एक राजनीतिक दल से जुड़े हैं और बदायूं के रहने वाले हैं। 6 अगस्त 2023 को बनी इस प्रोफाइल के करीब 3,800 फॉलोअर्स हैं।

निष्कर्ष: सितंबर 2026 में यूपी के आगरा में यूजीसी के नए नियमों के विरोध में प्रदर्शन हुआ था। उस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी। उस घटना के वीडियो को अब गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

  • Claim Review : यूपी में वोट देने की अपील करने आए भाजपा नेता को लोगों ने खदेड़ दिया।
  • Claimed By : FB User- Deepak Kushwah
  • Fact Check : झूठ

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