Fact Check: सनी देओल ने दिमागी नक्सल और भाजपा को लेकर नहीं दिया वायरल बयान, फेक पोस्ट हुई वायरल
सनी देओल ने भाजपा को लेकर कोई विवादित बयान नहीं दिया है। वायरल पोस्ट फर्जी है।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Oct 16, 2026 at 04:13 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल के नाम पर एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उनकी एक तस्वीर का इस्तेमाल करते हुए दावा किया जा रहा है कि सनी देओल ने कहा कि अच्छा हुआ उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) छोड़ दी नहीं तो वह भी दिमागी नक्सल बन जाते। पार्टी में ज्यादातर नेता दिमागी नक्सल हैं। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने विस्तार से इस बयान की जांच की। यह दावा झूठा साबित हुआ। सनी देओल ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है और उनके संबंध में सोशल मीडिया पर किया जा रहा यह दावा फर्जी है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं पर भी ऐसा कोई आरोप नहीं लगाया है।
क्या हो रहा है वायरल?
फेसबुक पेज ‘सुरेंद्र किशोर’ ने 30 सितंबर 2026 को एक ग्राफिक शेयर किया। इसमें सनी देओल के हवाले से लिखा गया, “अच्छा हुआ मैंने भाजपा छोड़ दी, नहीं तो मैं भी दिमाग़ी नक्सली बन जाता। इस पार्टी में ज़्यादातर नेता दिमाग़ी नक्सली हैं।”

पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसे फेसबुक, एक्स और वॉट्सऐप पर भी वायरल किया जा रहा है। इसका आर्काइव वर्जन यहां देखें।
पड़ताल
विश्वास न्यूज ने सनी देओल के नाम पर वायरल बयान की जांच के लिए सबसे पहले गूगल ओपन सर्च टूल का इस्तेमाल किया। कीवर्ड के जरिए सर्च करने पर हमें ऐसी कोई खबर नहीं मिली, जिससे इस बात की पुष्टि हो सके कि सनी देओल ने इस प्रकार का कोई बयान दिया है।
जांच के अगले चरण में हमने ‘प्रजातंत्र टीवी’ के सोशल मीडिया हैंडल को स्कैन किया क्योंकि वायरल फोटो में उनका लोगो लगा है । सर्च के दौरान हमें प्रजातंत्र टीवी के फेसबुक पेज पर एक पोस्ट मिली। 18 अगस्त 2026 की इस पोस्ट में बताया गया कि एक्टर सनी देओल ने एक पॉडकास्ट में कहा, “मेरा जमीर नहीं मानता कि मैं पान और गुटखा का प्रचार करूं।” उन्होंने आगे कहा कि ‘गदर 2’ के बाद ऐसा लगा जैसे भगवान उनके पास आ गए हैं।

विश्वास न्यूज ने जांच के दौरान सनी देओल के सभी सोशल मीडिया हैंडल्स भी चेक किए। वायरल बयान न तो हमें उनके एक्स हैंडल पर मिला और न ही फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट पर।
विश्वास न्यूज ने जांच के अंत में सनी देओल के निजी सचिव पंकज जोशी से संपर्क किया। उन्होंने भी वायरल बयान को फेक बताया और कहा कि सनी देओल ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।
क्या है संदर्भ?
सनी देओल 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हुए थे। उन्होंने पंजाब की गुरदासपुर सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और विजयी हुए थे। 22 अगस्त 2023 की ‘जागरण डॉट कॉम’ की एक खबर में बताया गया, “सनी देओल ने एक चैनल को दिए इंटरव्यू में स्पष्ट किया कि वह गुरदासपुर से दोबारा चुनाव नहीं लड़ेंगे। सिर्फ गुरदासपुर से ही नहीं, बल्कि किसी भी हलके से कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे। उनके इस बयान से साफ है कि उन्होंने अब राजनीति से किनारा कर लिया है। उन्होंने कहा कि वह एक्टिंग के क्षेत्र में ही बने रहना चाहते हैं।”
खबर में आगे लिखा गया, “सनी देओल ने यह भी कहा कि वह राजनीति के लिए नहीं बने हैं। उन्होंने कहा कि वह देश सेवा के जिस उद्देश्य के लिए राजनीति में आए थे, वह काम अदाकारी में रहकर किया जा सकता है और अपनी एक्टिंग के माध्यम से वह देश की सेवा करते रहेंगे।”
अंत में हमने फर्जी पोस्ट शेयर करने वाले फेसबुक यूजर की सोशल स्कैनिंग की। इसे पांच हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यह अकाउंट नवंबर 2021 में बनाया गया था।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल पोस्ट फर्जी साबित हुई। सनी देओल ने भाजपा को लेकर कोई विवादित बयान नहीं दिया है। वायरल पोस्ट फर्जी है।
- Claim Review : सनी देओल ने कहा कि अच्छा हुआ उन्होंने भाजपा छोड़ दी नहीं तो वह भी दिमागी नक्सल बन जाते।
- Claimed By : FB User Surander Kishor
- Fact Check : झूठ
- Post of FB@Prajatantratv, Dated 18 Aug 2026
- Social Media Account of Sunny deol
- News Report by jagran, Dated 22 Aug 2023
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