Fact Check: अयोध्या के राम मंदिर में मोर ने नहीं चढ़ाई माला, AI वीडियो वायरल
भगवान राम की प्रतिमा को माला चढ़ाते हुए मोर का वीडियो एआई की मदद से बनाया गया है। इसमें कोई सच्चाई नहीं है।
- By: Ashish Maharishi
- Published: Jan 6, 2026 at 05:54 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें एक मोर को अपनी चोंच में पकड़ी माला को भगवान राम की प्रतिमा के सामने चढ़ाते हुए देखा जा सकता है। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स दावा कर रहे हैं कि यह वीडियो अयोध्या के राम मंदिर का है। वहां यह अनोखा नजारा देखने को मिला। वीडियो को सच समझकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो की जांच की। यह एआई निर्मित साबित हुआ। राम मंदिर में ऐसी कोई घटना नहीं हुई, जैसा कि वायरल पोस्ट में दावा किया गया। वीडियो में कोई सच्चाई नहीं है।
क्या हो रहा है वायरल
फेसबुक यूजर सिया वर्मा ने 31 दिसंबर 2025 को एक वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया, “अयोध्या राम मंदिर में रामलला के दर्शन के लिए मोर का आगमन और चरणों में फूलों की माला बहुत ही अद्भुत भव्य दिव्य दृश्य। जय श्रीराम। इंसान तो इंसान पशु पक्षी भी मोहित है आप पर, फिर हमारी आंखें हमारा दिल कैसे बच सकता है आपके रुप से।”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों ही लिखा गया है। इसे सच मानकर कई यूजर्स शेयर कर रहे हैं। पोस्ट का आर्काइव वर्जन यहां देखें।
पड़ताल
यूपी के अयोध्या में राम मंदिर बनने के बाद से ही देशभर से भक्तों के आने सिलसिला जारी है। नए साल के अवसर पर भी लाखों की तादाद में भक्त अयोध्या पहुंचे थे। अयोध्या से जुड़ी खबरें लगातार मीडिया में आती रहती हैं। यदि वायरल वीडियो जैसी कोई घटना राम मंदिर में होती, तो वह जरूर खबरों में आती। लेकिन गूगल ओपन सर्च टूल के जरिए सर्च करने पर हमें एक भी ऐसी खबर नहीं मिली।
सर्च के दौरान हमें असली वीडियो एक इंस्टाग्राम हैंडल पर मिला। आशीष सक्सेना नामक एक इंस्टाग्राम यूजर ने इस वीडियो को सबसे पहले पोस्ट किया था। वीडियो के साथ कैप्शन में #sora2 #sora लिखा हुआ था। यह एक ऐसा एआई टूल है, जिसकी मदद से एआई जेनरेटेड कंटेंट बनाया जा सकता है। इसके अलावा यूजर का बायो चेक करने पर पता चला कि यूजर एआई क्रिएटर है। मतलब यूजर एआई से जुड़ा कंटेंट बनाता है।
जांच को आगे बढ़ाते हुए विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो को एआई चेक करने वाले टूल्स से चेक किया। बफलो यूनिवर्सिटी के डीपफेक-ओ-मीटर की मदद से हमने वायरल वीडियो को चेक किया। इसके कई डिटेक्टर्स तस्वीर में एआई छेड़छाड़ की संभावना की पुष्टि करते हैं। AVSRDD (2025) डिटेक्टर ने वीडियाे के 100 फीसदी एआई क्रिएटेड होने की पुष्टि की। वहीं, AltFreezing (2023) डिटेक्टर ने करीब 96 फीसदी एआई मैनिपुलेशन की संभावना की पुष्टि की।

साइटइंजन.कॉम की एनालिसिस भी इस वीडियो के 88 फीसदी एआई से बनाए जाने की संभावना की पुष्टि करता है। इसकी एनालिसिस के मुताबिक, इस वीडियो को सोरा टूल से बनाए जाने की सर्वाधिक संभावना है।

इसी तरह ट्रूथ स्कैन टूल से चेक करने पर भी वायरल वीडियो एआई निर्मित साबित हुआ।

विश्वास न्यूज ने पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए दैनिक जागरण, अयोध्या के संपादकीय प्रभारी रमा शरण अवस्थी से संपर्क किया। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि राम मंदिर के नाम पर वायरल वीडियो फर्जी है। यहां ऐसी कोई घटना नहीं हुई है, जैसा कि वीडियो में दिखाया गया है।
जांच के अंत में फर्जी वीडियो पोस्ट करने वाली यूजर की जांच की गई। पता चला कि यूजर को 180 से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। प्रोफाइल लॉक्ड होने के कारण ज्यादा जानकारी नहीं मिली।
निष्कर्ष : विश्वास न्यूज की पड़ताल में वायरल पोस्ट फेक साबित हुई। भगवान राम की प्रतिमा को माला चढ़ाते हुए मोर का वीडियो एआई की मदद से बनाया गया है। इसमें कोई सच्चाई नहीं है।
- Claim Review : राम मंदिर में मोर ने चढ़ाई माला
- Claimed By : FB User Siya Verma
- Fact Check : झूठ
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