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Fact Check: छात्रों के सपोर्ट में DCP सुमित झा ने नहीं दिया इस्तीफा, फेक वीडियो वायरल

विश्वास न्यूज की जांच में दिल्ली पुलिस के डीसीपी सुमित झा का वायरल वीडियो फेक साबित हुआ। उन्होंने दिल्ली पुलिस से इस्तीफा नहीं दिया है। वायरल वीडियो में एआई का इस्तेमाल हुआ है।

  • By: Ashish Maharishi
  • Published: Jul 28, 2026 at 03:24 PM
  • Updated: Jul 29, 2026 at 03:47 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) का धरना भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन अभी भी कुछ सोशल मीडिया यूजर्स इससे जुड़ी तस्वीर और वीडियो शेयर करके झूठ और भ्रम फैला रहे हैं। अब दिल्ली पुलिस के डीसीपी सुमित झा का एक कथित वीडियो वायरल करते हुए दावा किया जा रहा है कि उन्होंने छात्र आंदोलन के समर्थन में इस्तीफा दे दिया है। इस वीडियो को सच मानकर सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स शेयर कर रहे हैं।

विश्वास न्यूज ने वायरल वीडियो की जांच की। यह फर्जी साबित हुई। जांच में पता चला कि इसे बनाने में एआई तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। डीसीपी सुमित झा ने इस्तीफा नहीं दिया है और उनका यह वायरल वीडियो फेक है। विश्वास न्यूज ने कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़े कई सोशल मीडिया पोस्ट की पड़ताल की है। इन्हें यहां पढ़ा जा सकता है।

क्या है वायरल?

फेसबुक पेज ‘News Xplain’ ने 28 जुलाई 2026 को एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “DCP Sumit Jha का इस्तीफा! ‘अब झूठ नहीं बोल सकता!’ दिल्ली पुलिस के डीसीपी सुमित झा ने इस्तीफा दे दिया है! उन्होंने कहा- “मुझे छात्र विरोध प्रदर्शनों पर झूठ बोलने के लिए मजबूर किया जा रहा है, मैं यह अब और नहीं कर सकता। मैं इस्तीफा दे रहा हूं क्योंकि मैं अब झूठ नहीं बोल सकता।” छात्रों के आंदोलन पर सच दबाने की कोशिशों का यह सबसे बड़ा खुलासा है! आपकी इस पर क्या राय है? कमेंट में बताएं!”

वायरल पोस्ट के कंटेंट को यहां ज्यों का त्यों लिखा गया है। इसके आर्काइव वर्जन को यहां देखा जा सकता है। इसे सच मानकर कई यूजर्स सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं।

पड़ताल

विश्वास न्यूज ने सबसे पहले वायरल वीडियो को ध्यान से सुना। वीडियो में दिल्ली पुलिस के डीसीपी सुमित झा को यह बोलते हुए दिखाया गया, “मैं तत्काल प्रभाव से भारतीय पुलिस सेवा से अपना इस्तीफा सौंप रहा हूं। सरकार मुझसे यह उम्मीद कर रही थी कि प्रेस के सामने आऊं और सड़कों पर अपने हक के लिए मांग कर रहे छात्रों के बारे में सरासर झूठ बोलूं। मुझसे कहा गया कि उन्हें अपराधी साबित करो। मैं ऐसी किसी भी व्यवस्था का हिस्सा नहीं रह सकता, जो मुझे सच बोलने से रोके और मासूम छात्रों को फंसाने के लिए मजबूर करे। ये छात्र कोई आतंकवादी नहीं हैं, हमारे देश का भविष्य हैं। मैंने पुलिस की नौकरी सच का साथ देने के लिए चुनी थी, झूठ बेचने के लिए नहीं। मैं सरकार के इस कृत्य का हिस्सा नहीं बन सकता। आज से मैं सरकार के साथ नहीं, इन छात्रों के साथ हूं।”

विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए गूगल ओपन सर्च टूल का इस्तेमाल किया। कीवर्ड से सर्च करने पर हमें दिल्ली पुलिस की एक ‘एक्स’ पोस्ट मिली। 26 जुलाई 2026 को दिल्ली पुलिस ने वायरल वीडियो का खंडन करते हुए लिखा कि दिल्ली पुलिस के डीसीपी सुमित झा का एक फेक और एआई-जेनरेटेड वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें छात्रों के प्रदर्शन के समर्थन में इस्तीफा देते हुए दिखाया गया है।

इसी के साथ दिल्ली पुलिस ने 23 जुलाई का सुमित झा का असली वीडियो भी शेयर किया, जिसके साथ छेड़छाड़ करके वायरल वीडियो बनाया गया है। 54 सेकंड का यह वीडियो दिल्ली पुलिस के एक्स हैंडल से 23 जुलाई 2026 को पहली बार शेयर किया गया था। इसमें डीसीपी को पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल्स के बारे में जानकारी देते हुए सुना जा सकता है।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने वायरल वीडियो को एआई डिटेक्शन टूल्स की मदद से चेक करना शुरू किया। सबसे पहले ‘डीपफेक-ओ-मीटर’ की मदद से वीडियो को स्कैन किया गया। इसके कई डिटेक्टर्स ने वीडियो के एआई-जेनरेटेड होने की संभावना की पुष्टि की। ‘AVSRDD’ (2025) के मुताबिक इस वीडियो के एआई-क्रिएटेड होने की संभावना 100 फीसदी, ‘DSP-FWA’ डिटेक्टर के मुताबिक इसकी संभावना 99.9 फीसदी और ‘LIPINC’ डिटेक्टर के मुताबिक इस वीडियो के एआई-क्रिएटेड होने की संभावना करीब 99.6 फीसदी है। इसी तरह ‘WAV2LIP-STA’ डिटेक्टर ने 99.9 फीसदी संभावना इस बात की जताई कि इस वीडियो को बनाने में एआई का इस्तेमाल हुआ है।

विश्वास न्यूज ने जांच को आगे बढ़ाते हुए ‘दैनिक जागरण’, नई दिल्ली के वरिष्ठ क्राइम रिपोर्टर राकेश कुमार सिंह से संपर्क किया। उन्होंने आंदोलन के दौरान दिल्ली पुलिस को लेकर काफी खबरें कवर की थीं। उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो फेक है। डीसीपी सुमित झा ने इस्तीफा नहीं दिया है और वायरल वीडियो एआई से बनाया गया है।

क्या है संदर्भ?

देश में परीक्षाओं में अनियमितताओं के मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू हुआ कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन उनके इस्तीफे के साथ खत्म हो गया। यह प्रदर्शन 20 जून 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुरू हुआ था। छात्रों के दबाव में आखिरकार 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दे दिया। ‘बीबीसी’ हिंदी की 25 जुलाई 2026 की एक खबर में इसके बारे में विस्तार से पढ़ा जा सकता है।

जांच के अंत में फर्जी पोस्ट करने वाले फेसबुक पेज की जांच की गई। पता चला कि इस अकाउंट को 400 से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। यह अकाउंट 2025 में बनाया गया था।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की जांच में दिल्ली पुलिस के डीसीपी सुमित झा का वायरल वीडियो फेक साबित हुआ। उन्होंने दिल्ली पुलिस से इस्तीफा नहीं दिया है। वायरल वीडियो में एआई का इस्तेमाल हुआ है।

  • Claim Review : छात्रों के आंदोलन के समर्थन में दिल्ली के DCP सुमित झा ने दिया इस्तीफा।
  • Claimed By : FB Page News Xplain
  • Fact Check : झूठ

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