Fact Check: इटली में बुर्का बैन के दावे के साथ वायरल बस ड्राइवर का वीडियो AI जेनरेटेड है
विश्वास न्यूज़ ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह पोस्ट भ्रामक है। हालांकि, यह सच है कि इटली की सत्ताधारी पार्टी ने सार्वजनिक स्थानों पर बुर्का और नकाब पहनने पर प्रतिबंध लगाने के लिए संसद में एक विधेयक पेश किया है, लेकिन अभी यह कानून के रूप में लागू नहीं हुआ है। वीडियो में दिख रही घटना वास्तविक नहीं है। इसे AI द्वारा बनाया गया है।
- By: Pallavi Mishra
- Published: Jan 9, 2026 at 04:58 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है, जिसमें एक बस ड्राइवर एक मुस्लिम महिला को बुर्क़े की वजह से बस में चढ़ने से रोकता है। इस पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि इटली में अब बुर्के को बैन कर दिया गया है। वीडियो को असली समझ कई लोग शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज की जांच में पाया गया कि वायरल वीडियो वास्तविक नहीं है, बल्कि AI द्वारा बनाया गया है। हालांकि, यह सच है कि इटली की सत्ताधारी पार्टी ने सार्वजनिक स्थानों पर बुर्का और नकाब पहनने पर प्रतिबंध लगाने के लिए संसद में एक विधेयक पेश किया है, लेकिन अभी यह कानून के रूप में लागू नहीं हुआ है।
क्या है वायरल पोस्ट में?
फेसबुक यूजर ‘Pushpendra Kulshrestha Fans’ ने 2 जनवरी 2025 को वायरल वीडियो (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, ”बुर्का हटाओ, चेहरा खोलो, या बस से उतरो।
ड्राइवर-“आप इस तरह बस में नहीं जा सकतीं ”
महिला-“यह मेरा धर्म है”
ड्राइवर -“यहाँ नियमों का पालन करना पड़ेगा”
ड्राइवर ने खातून को बस में ही नहीं चढ़ाया
इटली अब बुर्के को बैन कर रहा है।”
पड़ताल
कीवर्ड सर्च से हमें पता चला कि इटली में सार्वजनिक जगहों पर बुर्का और नकाब पहनने पर रोक लगाने के लिए एक नया कानून लाया जा रहा है। सरकार ने इस बिल को अक्टूबर 2025 में पेश किया था और फिलहाल यह बिल संसद की मंजूरी के आखिरी दौर में है। इस नए नियम के मुताबिक, अगर कोई चेहरा ढंककर सार्वजनिक जगह पर निकलता है, तो उस पर 300 से 3,000 यूरो तक का जुर्माना लग सकता है। इटली में चेहरा छिपाने पर पाबंदी तो बहुत पहले (1975) से है, लेकिन अब यह नया कानून खास तौर पर बुर्के जैसे धार्मिक पर्दों पर रोक लगाने के लिए बनाया जा रहा है।
इससे ये तो साफ़ था कि इटली में बुर्के पर सम्पूर्ण बैन अभी लागू नहीं हुआ है।
अब हमें वायरल वीडियो की पड़ताल करनी थी। वीडियो में कई चीज़ें अटपटी-सी हैं। जैसे इसमें ड्राइवर और महिला के हावभाव रोबोटिक लग रहे हैं। साथ ही आवाज़ भी आर्टिफिशियल लग रही है। हमें शक हुआ कि हो सकता है इसे एआई की मदद से बनाया गया हो।
हमने पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए वीडियो को एआई की मदद से बने मल्टीमीडिया की जांच करने वाले टूल्स की मदद से सर्च किया।
हमने हाइव मॉडरेशन टूल की मदद से वीडियो को सर्च किया। इस टूल ने वीडियो के 99 फीसदी तक एआई जेनरेटेड होने की संभावना बताई।

हमने एक अन्य टूल की मदद से भी इस तस्वीर को सर्च किया। हमने ट्रुथ स्कैन की मदद से वीडियो को जांचा। इस टूल ने वीडियो के 69 फीसदी तक एआई जेनरेटेड होने की संभावना जताई।

इसके बाद होने हमने वीडियो में इस्तेमाल ऑडियो को एडवांस ऑडियो डीपफेक डिटेक्शन इंजन वाली स्विस डीप-टेक कंपनी, Aurigin.ai की मदद से चेक किया। टूल ने ऑडियो के AI द्वारा निर्मित होने की 84 प्रतिशत संभावना जताई।

एआई टेक्नोलॉजी में काम कर रहे एक्सपर्ट अजहर माचवे ने भी वीडियो को बस के अंदर लगी स्क्रीन पर जिबरिश भाषा और ड्राइवर के गायब होते हाथ का हवाला देते हुए वीडियो को AI निर्मित बताया। ।
अंत में हमने पोस्ट को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले फेसबुक यूजर Pushpendra Kulshrestha Fans के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि इस अकाउंट को 51000 यूजर फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज़ ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह पोस्ट भ्रामक है। हालांकि, यह सच है कि इटली की सत्ताधारी पार्टी ने सार्वजनिक स्थानों पर बुर्का और नकाब पहनने पर प्रतिबंध लगाने के लिए संसद में एक विधेयक पेश किया है, लेकिन अभी यह कानून के रूप में लागू नहीं हुआ है। वीडियो में दिख रही घटना वास्तविक नहीं है। इसे AI द्वारा बनाया गया है।
- Claim Review : इटली में बुर्का बैन के चलते बस ड्राइवर ने मुस्लिम महिला को बस में चढ़ने से रोका।
- Claimed By : FB User 'Pushpendra Kulshrestha Fans’
- Fact Check : झूठ
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