Fact Check: इंडोनेशिया में आए भूकंप का नहीं, एआई-निर्मित है यह वायरल वीडियो
इंडोनेशिया में आए भूकंप के नाम पर वायरल वीडियो वास्तविक घटना का नहीं है। इस वीडियो को एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से बनाया गया है।
- By: Pragya Shukla
- Published: Apr 3, 2026 at 02:31 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। इंडोनेशिया में 2 अप्रैल 2026 को आए भूकंप से जोड़ते हुए एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में लोगों को भागते और जमीन पर दरार पड़ते हुए देखा जा सकता है। यूजर्स इस वीडियो को इंडोनेशिया में आए भूकंप का बताते हुए शेयर कर रहे हैं।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को फेक पाया। वायरल वीडियो वास्तविक घटना का नहीं है। इस वीडियो को एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से बनाया गया है।
क्या हो रहा है वायरल?
इंस्टाग्राम यूजर ‘ajitsinghrathi_’ ने 2 अप्रैल 2026 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन लिखा, “इंडोनेशिया में 7.8 मैग्नीट्यूड का भूकंप। धरती फट गई और बड़ी संख्या में इमारतें जमीदोंज हो गई। चारों ओर धूल का गुबार और भागते लोग वीडियो में दिख रहे है. भूकंप के बाद अब सुनामी की चेतावनी जारी की गयी है।”
आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के कई कीफ्रेम निकालकर उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वीडियो से जुड़ी कोई जानकारी नहीं मिली। साथ ही हमने पाया कि वीडियो में कई चीजें अटपटी हैं। वीडियो में हिंदी भाषा में बात की जा रही है। साथ ही नजर आ रहे लोग एक दूसरे के शरीर के आर पार गुजर रहे हैं। ऐसे में हमें वीडियो के एआई से बने होने का संदेह हुआ।
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए वायरल वीडियो को अन्य एआई डिटेक्शन टूल्स के जरिए भी सर्च किया गया। हमने ‘Hive Moderation’ टूल का इस्तेमाल किया और इस टूल ने वीडियो के 96 फीसदी एआई से बने होने की संभावना जताई।

हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को अन्य एआई डिटेक्शन टूल्स की मदद से भी सर्च किया। हमने ‘Sight Engine’ का इस्तेमाल किया और इस टूल ने 82 फीसदी तक कीफ्रेम्स के एआई से बने होने के संकेत दिए।

एआई डिटेक्शन टूल्स ‘WasItAI’ ने भी वीडियो के कीफ्रेम्स के एआई से बने होने की संभावना जताई।

अधिक जानकारी के लिए हमने एआई टेक्नोलॉजी में काम कर रहे एक्सपर्ट अजहर माचवे से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वीडियो में जिस तरह लोग चल और भाग रहे हैं वह काफी रोबोटिक और अस्वाभाविक नजर आ रहा है। इतना ही नहीं, कई जगह पर लोग एक-दूसरे में से निकलते हुए दिख रहे हैं। साथ ही, कई लोगों के चेहरे की बनावट अटपटी नजर आ रही है। इन सभी संकेतों से समझा जा सकता है कि वीडियो एआई-निर्मित है।
क्या है संदर्भ?
‘Al jazeera’ की वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, “इंडोनेशिया के टेरनाटे शहर के तट से दूर उत्तरी मोलुक्का सागर में 7.4 तीव्रता का भूकंप आया । इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई। यूनाइटेड स्टेट जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, शुरुआत में भूकंप की तीव्रता 7.8 दर्ज किया गया। यह भूकंप 35 किलोमीटर (22 मील) की गहराई पर आया था।”

अंत में हमने वीडियो को गलत जानकारी के साथ शेयर करने वाले यूजर के इंस्टाग्राम अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को 36 हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में पाया कि इंडोनेशिया में आए भूकंप के नाम पर वायरल वीडियो वास्तविक घटना का नहीं है। इस वीडियो को एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से बनाया गया है।
- Claim Review : इंडोनेशिया में आए भूकंप के बाद जमीन में पड़ी दरार।
- Claimed By : Inst ajitsinghrathi_
- Fact Check : झूठ
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