Fact Check: बच्चे को बचाते और मदद करते हुए हाथी का यह वीडियो AI निर्मित है
बच्चे को बचाते हुए हाथी का वीडियो फर्जी है। असल में वायरल हो रहा वीडियो वास्तविक नहीं, बल्कि सिंथेटिक है, जिसे एआई टूल्स की मदद से तैयार किया गया है।
- By: Pragya Shukla
- Published: Aug 12, 2025 at 01:53 PM
- Updated: Mar 26, 2026 at 12:32 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। सोशल मीडिया पर एक बच्चे की मदद करते हुए हाथी का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोग चिड़ियाघर में जानवरों को देखने आये थे। तभी एक बच्चा नीचे हाथी के बाड़े में गिर जाता है और हाथी आकर उसकी मदद करता है और उसे अपनी सूंड की मदद से ऊपर उसके परिवार के पास पहुंचा देता है। वीडियो को असली घटना का बताते हुए शेयर किया जा रहा है।
विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा फर्जी है। असल में वायरल हो रहा वीडियो वास्तविक नहीं, बल्कि सिंथेटिक है, जिसे एआई टूल्स की मदद से तैयार किया गया है।
क्या हो रहा है वायरल ?
फेसबुक यूजर ‘न्यूज24 दिल्ली’ ने 8 अगस्त 2025 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “बच्चा गिरा हाथी के बाड़े में, गजराज बना फरिश्ता ,मासूम को सूंड से उठाकर परिवार को सौंपा, वीडियो ने लोगों का दिल छू लिया |dilli24|”
पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो को गौर से देखा। हमने पाया कि जब हाथी बच्चे की मदद कर रहा था। उस दौरान बच्चे के शरीर की बनावट और हाथी के पैर की बनावट लगातार बदल रही थी। ऐसे में हमें वीडियो के एआई की मदद से बने होने का संदेह हुआ।
हमने एआई डिक्टेशन टूल्स की मदद से वीडियो को स्कैन किया। हमने हाइव मोडरेशन की मदद से वीडियो को डिटेक्ट किया। टूल ने 93 फीसदी तक वीडियो के एआई से बने होने की संभावना जताई।

हमने एक अन्य टूल Bitmind मदद से वीडियो को सर्च किया। इस टूल ने 97 फीसदी तक वीडियो के एआई से बने होने की संभावना जताई।

इस एनालिसिस से स्पष्ट है कि वायरल वीडियो वास्तविक नहीं, बल्कि एआई क्रिएटेड है। अतिरिक्त पुष्टि के लिए हमने हमारे सहयोगी एमसीए की पहल डीपफेक्स एनालिसिस यूनिट (डीएयू) से संपर्क किया। डीएयू की टीम ने अन्य टूल्स की मदद से इस वीडियो का विश्लेषण किया, जिसमें इसके एआई से बने होने की संभावना की पुष्टि होती है।

हमने इनविड टूल की मदद से वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो @Funfact1min नाम के एक यूट्यूब चैनल पर मिला। वीडियो को 18 जुलाई 2025 को शेयर किया गया था। चैनल के एडमिन ने एक कमेंट का रिप्लाई करते हुए इसे एआई की मदद से बनाया हुआ बताया है।
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने @Funfact1min यूट्यूब चैनल को खंगालना शुरू किया। हमने पाया कि चैनल पर इस तरह के कई एआई वीडियो मौजूद हैं।

अधिक जानकारी के लिए हमने एआई एक्सपर्ट अजहर माचावे (Azahar machawe) से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वीडियो के कई दृश्यों को देखकर ये समझा जा सकता है कि इसे एआई की मदद से बनाया गया है। वीडियो के आखिर में जब हाथी लड़के को पकड़े हुए दिखाई देता है, उसके पैरों का आकार बदल जाता है। बच्चे के चेहरा और शरीर का आकार भी बदल जाता है। ऐसा लगता है कि बच्चा हाथी के मुँह में जा रहा है।
अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को 1.4 मिलियन लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि बच्चे को बचाते हुए हाथी का वीडियो फर्जी है। असल में वायरल हो रहा वीडियो वास्तविक नहीं, बल्कि सिंथेटिक है, जिसे एआई टूल्स की मदद से तैयार किया गया है।
- Claim Review : हाथी ने बच्चे को बचाया और की मदद।
- Claimed By : FB User News24 Delhi
- Fact Check : झूठ
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