Fact Check: ‘GST कभी सफल नहीं होगा’ के दावे से वायरल पीएम मोदी का वीडियो आधा-अधूरा और एडिटेड है
नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर जीएसटी का विरोध किए जाने के दावे से वायरल हो रहा वीडियो आधा-अधूरा और ऑल्टर्ड है। अपने मूल बयान में नरेंद्र मोदी ने यह कहा था कि देश में आईटी नेटवर्क (इन्फ्रास्ट्रक्चर के संदर्भ में) के बिना जीएसटी सफल नहीं होगा। वायरल वीडियो क्लिप में आईटी नेटवर्क के संदर्भ को गायब कर दिया गया है, जिससे यह प्रतीत हो रहा है कि नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर जीएसटी का विरोध किया था।
- By: Abhishek Parashar
- Published: Sep 26, 2025 at 02:38 PM
- Updated: Sep 26, 2025 at 06:04 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। जीएसटी 2.0 के लागू होने के बाद सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो वीडियो कोलाज को शेयर किया जा रहा है। वीडियो के साथ यह दावा किया जा रहा है कि नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर जहां तत्कालीन संयुक्त प्रगितशील गठबंधन (यूपीए) के वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू किए जाने के फैसले का विरोध करते हुए कथित तौर पर कहा था कि जीएसटी कभी सफल नहीं होगा, वहीं अब प्रधानमंत्री बनने के बाद वे इस टैक्स सुधार का फायदा बताने में लगे हुए हैं।
विश्वास न्यूज ने अपनी जांच में इस दावे को फेक पाया। जिस वायरल वीडियो के आधार पर दावा किया जा रहा है कि नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर जीएसटी का विरोध किया था, वह आधा-अधूरा और ऑल्टर्ड है। अपने मूल बयान में नरेंद्र मोदी ने यह कहा था कि देश में आईटी नेटवर्क (इन्फ्रास्ट्रक्चर के संदर्भ में) के बिना जीएसटी सफल नहीं होगा। वायरल वीडियो क्लिप में आईटी नेटवर्क के संदर्भ को गायब कर दिया गया है, जिससे यह प्रतीत हो रहा है कि नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर जीएसटी का विरोध किया था।
क्या है वायरल?
सोशल मीडिया यूजर ‘Seema Jain’ ने वायरल वीडियो (आर्काइव लिंक) को शेयर करते हुए लिखा है, “पलटू राम…सत्ता मे आने से पहले GST कभी सफल नहीं हो सकती…सत्ता मे आने के बाद GST लागू कर देश हित के फायदे बताए
अब जनता को GST कम होने की बधाई दे रहे। “
कई अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स ने इस वीडियो को समान संदर्भ में शेयर किया है।
पड़ताल
वायरल पोस्ट में नरेंद्र मोदी का दो अलग-अलग वीडियो क्लिप है। पहले वीडियो क्लिप में उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है, “जहां तक जीएसटी का सवाल है, जीएसटी कभी सफल नहीं हो सकता।”
इसके बाद दूसरा वीडियो प्ले होता है, जिसमें मोदी को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “8 वर्ष पहले जब जीएसटी लागू हुआ, तो कई दशकों का सपना साकार हुआ था। यह आजाद भारत के सबसे बड़े आर्थिक सुधारों में से एक था।”
वीडियो के साथ यह दावा किया जा रहा है कि गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर जहां नरेंद्र मोदी जीएसटी के विरोधी थे, वहीं प्रधानमंत्री बनने के बाद वह इसके समर्थक हो गए।
इसलिए हमने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी के जीएसटी पर दिए गए ऑरिजिनल बयान को खंगाला और सर्च में हमें यह वीडियो नरेंद्र मोदी के आधिकारिक यू-ट्यूब चैनल पर मिला, जो 14 साल पुराना है।
इसमें नरेंद्र मोदी को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “…जहां तक आर्थिक सुधार का सवाल है, इकोनॉमिक रिफॉर्म का सवाल है, जीएसटी का सवाल है, भारतीय जनता पार्टी का और गुजरात का रवैया प्रारंभ से ही बहुत साफ है। आज से एक वर्ष पूर्व श्रीमान प्रणव मुखर्जी जी, भारत के वित्तमंत्री, उनके साथ मेरी मीटिंग गुजरात में हुई थी और तब मैंने उनसे कहा था कि जब तक आप आईटी नेटवर्क खड़ा नहीं करते, जीएसटी कभी सफल नहीं हो सकता। और मेरी बात को उन्होंने स्वीकार किया था और मेरी हाजिरी में अपने प्रिंसिपल सेक्रेटरी को सूचना दी थी कि एक टास्क फोर्स बनाया जाए और तत्काल आईटी बैकअप की व्यवस्था का प्रबंध किया जाए। तभी जाकर के जीएसटी सफल हो सकता है।”
हमें अन्य रिपोर्ट्स में भी मोदी का यह बयान समान संदर्भ में मिला। ईटी की 30 जून 2017 की रिपोर्ट के मुताबिक,”जीएसटी लागू होने से कुछ घंटे पहले, कांग्रेस पार्टी ने आज नरेंद्र मोदी के पुराने वीडियो ट्वीट किए, जिनमें वे कह रहे हैं कि “जीएसटी कभी सफल नहीं हो सकता” और आवश्यक बुनियादी ढांचे के बिना इसका कार्यान्वयन “असंभव” है।

हमारी जांच से साफ है कि मोदी ने वाजिब इन्फ्रास्ट्रक्चर के बिना जीएसटी को लागू किए जाने के फैसले का विरोध किया था। गौरतलब है कि एक जुलाई 2017 को देश में जीएसटी लागू हुआ था।
इसके बाद जीएसटी 2.0 (जिसमें टैक्स स्लैब में व्यापक सुधार किया गया) 22 सितंबर 2025 से लागू हुआ, जो 2017 में लागू किए गए मूल जीएसटी में सबसे बड़ा बदलाव है। न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, पहले के मुकाबले जीएसटी 2.0 में चार के मुकाबले दो टैक्स स्लैब कर दिया गया है, वहीं विलासिता की वस्तुओं पर 40 फीसदी टैक्स लगाया गया है। साथ ही व्यक्तिगत स्वास्थ्य और जीवन बीमा पॉलिसियों को जीएसटी के दायरे से बाहर कर दिया गया है।
जीएसटी 2.0 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए इस व्यापक सुधार के फायदे और प्रभाव के बारे में बताया था। सरकार की तरफ से जीएसटी में किया गया यह सुधार भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड को लेकर तनातनी के बीच किया गया फैसला था।
वायरल वीडियो को लेकर हमने बिजनेस स्टैंडर्ड के डिप्टी न्यूज एडिटर नीलकमल सुंदरम से संपर्क किया और उन्होंने बताया कि वीडियो में नरेंद्र मोदी का बयान आधा-अधूरा और पुराना है।
वायरल वीडियो फेक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर को फेसबुक पर करीब सात हजार लोग फॉलो करते हैं। बिजनेस और अर्थव्यवस्था से संबंधित अन्य वायरल दावों की फैक्ट चेक रिपोर्ट्स को विश्वास न्यूज के बिजनेस सेक्शन और इससे संबंधित एक्सप्लेनर वीडियो को विश्वास न्यूज के यू-ट्यूब चैनल पर देखा जा सकता है।
निष्कर्ष: नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर जीएसटी का विरोध किए जाने के दावे से वायरल हो रहा वीडियो आधा-अधूरा और ऑल्टर्ड है। अपने मूल बयान में नरेंद्र मोदी ने यह कहा था कि देश में आईटी नेटवर्क (इन्फ्रास्ट्रक्चर के संदर्भ में) के बिना जीएसटी सफल नहीं होगा। वायरल वीडियो क्लिप में आईटी नेटवर्क के संदर्भ को गायब कर दिया गया है, जिससे यह प्रतीत हो रहा है कि नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर जीएसटी का विरोध किया था।
- Claim Review : CM रहते नरेंद्र मोदी ने किया था GST का विरोध, पीएम के तौर पर कर रहे इसकी तारीफ।
- Claimed By : FB User-Seema Jain
- Fact Check : झूठ
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