X
X

Explainer: प्रयागराज महाकुंभ में जा रहे हैं, तो बुकिंग कराते समय रहें सतर्क

प्रयागराज महाकुंभ की शुरुआत 13 जनवरी से हो जाएगी। इस बीच साइबर ठग भी सक्रिय हो गए हैं। अपराधी होटल, टेंट, टूर पैकेज और टिकट बुकिंग के नाम पर लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं। आइए, प्रयागराज साइबर थाना प्रभारी से इनसे बचने के तरीके जानते हैं।

prayagraj mahakumbh 2025, prayagraj, mahakumbh 2025, cyber fraud, cyber crime, cyber awareness,

नई दिल्‍ली (विश्‍वास न्‍यूज)। प्रयागराज में 13 जनवरी से महाकुंभ की शुरुआत होगी। इसकी तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। 26 फरवरी तक होने वाले इस महाआयोजन के लिए एक अस्थायी शहर बसाया गया है।

आंकड़ों की बात करें तो मेला क्षेत्र में करीब डेढ़ लाख टेंट लगाए गए हैं। 1800 से ज्यादा हेक्टेयर क्षेत्र पार्किंग एरिया को दिया गया है। इसमें 2600 क्राउड मॉनिटरिंग कैमरे सेट किए गए हैं और 10 डिजिटल लॉस्ट एंड फाउंड सेंटर बनाए गए हैं।

10 दिसंबर 2024 को दैनिक जागरण की वेबसाइट पर छपी खबर के अनुसार, अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार प्रयागराज महाकुंभ में 40 से 45 करोड़ श्रद्धालु इसका हिस्सा बनेंगे।

अब करोड़ों लोगों के आने की स्थिति में साइबर अपराधी भी सक्रिय हो गए हैं। इसके लिए फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को टूर पैकेज और होटल बुकिंग के नाम पर ठगा जा रहा है। 27 दिसंबर को दैनिक जागरण में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, प्रयागराज पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने महाकुंभ के नाम से फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को कॉटेज, होटल व टेंट आदि की बुकिंग के लिए फंसाया था। वे लोगों को सस्ते में बुकिंग का लालच देकर फंसाते थे। होटलों की फर्जी वेबसाइट तैयार कर लोगों को आकर्षक ऑफर देते थे और लिंक भेजते थे। इनमें से https://mahakumbhfestival.com/ अभी भी सक्रिय है।

ठगी के तरीके

यात्रा टिकट: महाराष्ट्र के एक कारोबारी ने म​हाकुंभ के लिए टिकट बुक करने के लिए एक वेबसाइट पर दिए गए नंबर पर कॉल किया। ठग ने उनसे तीन लोगों के रहने की व्यवस्था के लिए 14 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद पीड़ित से मुंबई से प्रयागराज की फ्लाइट के लिए 87 हजार रुपये ले लिए गए।

टूर पैकेज: महाकुंभ में टूर पैकेज के नाम से भी ठग लोगों को निशाना बना सकते हैं। इसके लिए अधिकृत या प्रमाणिक वेबसाइट से टूर पैकेज को बुक कराएं।

क्यूआर कोड: साइबर अपराधी नामी होटलों के नाम से फर्जी वेबसाइट बनाकर क्यूआर कोड के जरिए लोगों से ठगी कर रहे हैं। ऐसी 50 से ज्यादा फर्जी वेबसाइट बंद कराई गई हैं।

होटल बुकिंग: महाकुंभ के नाम पर ठगी करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद खुलासा हुआ कि इन लोगों ने महाकुंभ की असली वेबसाइट की नकल करते हुए फर्जी वेबसाइट बनाई थी। इस पर लग्जरी काटेज का रेंट बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाता था और फिर उस पर 20 से 25 फीसदी की छूट का लालच दिया जाता था।

संगम स्नान और वीआईपी दर्शन: ठग इस फर्जी वेबसाइटों के जरिए लोगों को भीड़ से बचाकर संगम स्नान और वीआईपी दर्शन का भी प्रलोभन देते हैं।

इससे आगाह करते हुए यूपी पुलिस की तरफ से एक वीडियो भी पोस्ट किया गया है। 6 जनवरी को साइबर पुलिस यूपी के एक्स हैंडल से पोस्ट किए मैसेज में कहा गया है कि कुंभ की आधिकारिक वेबसाइट से http://Kumbh.gov.in से होटल आदि की जानकारी लेकर बुकिंग करने को कहा गया है।

यूपी पुलिस के एक्स हैंडल से 5 जनवरी को एक वीडियो पोस्ट करते हुए प्रयागराज महाकुंभ में अधिकृत होटलों व पीजी की लिस्ट जारी की गई है, जिसमें होटल, धर्मशाला और गेस्ट लॉज के नाम, पते और फोन नंबर दिए गए हैं।

इस बारे में हमने प्रयागराज में साइबर क्राइम थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर राजीव कुमार तिवारी से बात की। उनका कहना है कि महाकुंभ में बुकिंग के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर कुंभ डॉट जीओवी डॉट इन पर क्लिक करें। वहां होटल और लॉज की सारी जानकारी मिल जाएगी। इसके अलावा प्रमाणिक वेबसाइट पर जाकर ही होटल की बुकिंग करें।

उन्होंने कहा कि किसी भी नई वेबसाइट पर पर भरोसा मत करें। इसके लिए हू डॉट इज पर जाकर उसकी जानकारी पता की जा सकती है। इस तरह की वेबसाइट के अबाउट अस या कॉन्टैक्ट सेक्शन को भी देखना चाहिए। अक्सर फर्जी वेबसाइट में यह जानकारी नहीं दी जाती हैं। https से शुरू होने वाली वेबसाइट सुरक्षित होती है। यूपी पुलिस की तरफ से होटलों और गेस्ट हाउस की लिस्ट भी जारी की गई, जिसमें फोन नंबर भी दिए गए हैं। उनसे सीधे बात करके भी बुकिंग की जा सकती है। कोशिश करें कि होटल देखने के बाद मौके पर ही भुगतान करें।

उन्होंने जानकारी दी कि महाकुंभ मेले के लिए हेल्पलाइन नंबर 1920 भी शुरू किया गया है। इसके अलावा कोई भी साइबर फ्रॉड होने पर नेशनल हेल्पलाइन नंबर 1930 या साइबर क्राइम डॉट जीओवी डॉट इन पर शिकायत कर सकते हैं। अपने नजदीकी साइबर सेल में भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

पूरा सच जानें... किसी सूचना या अफवाह पर संदेह हो तो हमें बताएं

सब को बताएं, सच जानना आपका अधिकार है। अगर आपको ऐसी किसी भी मैसेज या अफवाह पर संदेह है जिसका असर समाज, देश और आप पर हो सकता है तो हमें बताएं। आप हमें नीचे दिए गए किसी भी माध्यम के जरिए जानकारी भेज सकते हैं...

टैग्स

अपनी प्रतिक्रिया दें

No more pages to load

संबंधित लेख

Next pageNext pageNext page

Post saved! You can read it later