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Fact Check: अकबरुद्दीन ओवैसी के पुराने वीडियो को हालिया भाषा विवाद से जोड़कर किया जा रहा शेयर

अकबरुद्दीन ओवैसी के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा भ्रामक है। वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं, बल्कि साल 2012 से सोशल मीडिया पर मौजूद है।

  • By: Pragya Shukla
  • Published: Jul 14, 2025 at 02:59 PM
  • Updated: Jul 14, 2025 at 04:39 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। उद्धव और राज ठाकरे पर तंज कसते हुए AIMIM नेता अकबरुद्दीन ओवैसी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। वीडियो में उन्हें कहते हुए सुना जा सकता है, “बड़े ठाकरे-वाकरे हैं..मैं तुम्हारे पास आया हूं। तुम मेरे पास आओ।” इस वीडियो को हाल का बताते हुए महाराष्ट्र में चल रहे भाषा विवाद से जोड़कर शेयर किया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि उन्होंने राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे को चैलेंज दिया है।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा भ्रामक है। वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं, बल्कि साल 2012 से सोशल मीडिया पर मौजूद है। इसका हालिया भाषा विवाद से कोई संबंध नहीं है, पुराने वीडियो को भ्रामक दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। 

क्या हो रहा है वायरल ?

फेसुबक यूजर Sagar Bhilwara ने वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है, “अकबरउद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र में आकर सरेआम मंच से राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे को चुनौती दी••••!* *मैं तुम्हारे पास महाराष्ट्र आया हूं तुम मेरे पास हैदराबाद आ कर दिखाओ•••कहां हैं ठाकरे- फाकरे •••अगर हिम्मत है तो मुसलमान के खिलाफ आवाज उठा कर दिखाओ!* *वासी कि जनसभा में अकबरउद्दीन ओवैसी के इस चैलेन्ज के बाद भी ठाकरे और मनसे के गुण्डे अपने बिलों में दुबके रहे कोई नजर नहीं आया!!* क्या हुआ? मनसे और शिवसैनिक कहां हैं? क्या बिलों में दुबक कर बैठ गये? कहां है मराठी बुलवाने की हेकड़ी? कहीं ये वो **** तो नहीं हैं ना जिनका जिक्र स्वर्गीय श्री बाला साहेब ठाकरे जी करते थे? क्योंकि वो जब तक थे, किसी की मां ने वो लाल नहीं जना था जो महाराष्ट्र में आकर ऐसा चैलेंज दे सके। आप लोगों ने एक साथ होकर भी इतनी बातें कैसे सुन लीं? जवाब क्यों नहीं दिया? या सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई? शर्म से डूब मरो और नेतागिरी छोड़कर घर में बैठ जाओ।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने  अकबरुद्दीन ओवैसी के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स को खंगालना शुरू किया। हमें वायरल वीडियो का लंबा वर्जन 20 अगस्त 2018 को शेयर हुआ मिला। वीडियो में 4.44 मिनट से वायरल वीडियो वाले हिस्से को सुना जा सकता है। ऐसे में ये साफ होता है कि वायरल वीडियो पुराना है और इसका हालिया विवाद से कोई संबंध नहीं है।

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें वायरल स्पीच से जुड़ी कई अन्य वीडियो Ahmed bin naser नामक यूट्यूब अकाउंट और My Deccan नाम के फेसबुक अकाउंट पर साल 2013 और 2012 में शेयर हुए मिले। मौजूद जानकारी के मुताबिक, वीडियो महाराष्ट्र के नांदेड़ में दी गई स्पीच का है।

दैनिक जागरण की वेबसाइट पर 13 जुलाई 2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, हिंदी भाषा बोलने वालों के साथ शिवसेना (उद्धव गुट) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ता मारपीट कर रहे हैं और उन्हें मराठी बोलने के लिए कह रहे हैं। ऐसे कई मामले महाराष्ट्र में देखने को मिल रहे हैं।

अधिक जानकारी के लिए हमने महाराष्ट्र के पत्रकार वरुण सिंह से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल वीडियो पुराना है। 

अंत में हमने वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर ने प्रोफाइल पर खुद को महाराष्ट्र का रहने वाला बताया है। यूजर एक विचारधारा से प्रेरित पोस्ट को शेयर करता है। 

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि अकबरुद्दीन ओवैसी के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा भ्रामक है। वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं, बल्कि साल 2012 से सोशल मीडिया पर मौजूद है। इसका हालिया भाषा विवाद से कोई संबंध नहीं है, पुराने वीडियो को भ्रामक दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। 

  • Claim Review : भाषा विवाद को लेकर अकबरुद्दीन ओवैसी ने उद्धव और राज ठाकरे को दी चुनौती।
  • Claimed By : FB User Sagar Bhilwara
  • Fact Check : भ्रामक

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