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Fact Check: बंगाल चुनाव के बाद अवैध निर्माण पर कार्रवाई के नाम पर बांग्लादेश का वीडियो हुआ वायरल

बुलडोजर की कार्रवाई के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में इस वीडियो का भारत से कोई संबंध नहीं है। यह वीडियो बांग्लादेश का है। 

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सरकार बनने के बाद से सोशल मीडिया पर बुलडोजर का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसे शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह पश्चिम बंगाल का है। वहां बीजेपी की सरकार बनते ही अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। असल में इस वीडियो का भारत से कोई संबंध नहीं है। यह वीडियो बांग्लादेश के सावर इलाके का है। इस इलाके में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। यह वीडियो उसी दौरान का है, जिसे अब गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।  

क्या हो रहा है वायरल?

फेसबुक यूजर ‘Vihan Singh’ ने 13 मई 2026 को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “पश्चिम बंगाल में भी बुलडोजर गरज रहा है। सब बाबा बुलडोजर का आशीर्वाद है सुवेंदु अधिकारी जी को।”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां पर देखें।

पड़ताल 

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो को गौर से देखा। हमने पाया कि वीडियो में नजर आ रहे ट्रक की नंबर प्लेट बंगाल की नहीं, बल्कि बांग्लादेश की है। इसके अलावा हमने पाया कि वीडियो में नजर आ रहे पुलिसकर्मियों ने नीले रंग की यूनिफॉर्म पहनी हुई है। सर्च करने पर हमने पाया कि यह भी बांग्लादेश के पुलिसकर्मियों से मिलती-जुलती है। 

प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें वायरल वीडियो बांग्लादेशी न्यूज ‘Jono Pokkho’ के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर मिला। वीडियो को 15 अप्रैल 2026 को शेयर किया गया था। बांग्ला भाषा में मौजूद जानकारी के मुताबिक, वीडियो सावर इलाके का है। सड़क पर अवैध रूप से कब्जा करने वाले लोगों पर बुलडोजर के जरिए यहां कार्रवाई की गई थी। 

वीडियो के कीफ्रेम निकालकर सर्च करने पर हमें वायरल वीडियो बांग्लादेश के फेसबुक पेज ‘Daily Note24’ और ‘News Desk BD’ नाम के यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया हुआ मिला। वीडियो को फेसबुक चैनल पर 5 और यूट्यूब चैनल पर 11 अप्रैल 2026 को शेयर किया गया था। यहां भी वीडियो को ढाका के सावर इलाके में हुई कार्रवाई का बताया गया है। 

पड़ताल के दौरान हमें दावे से जुड़ी एक रिपोर्ट ‘dhakapost’ की आधिकारिक वेबसाइट पर मिली। रिपोर्ट को 6 अप्रैल 2026 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन के अतिक्रमण हटाकर जाने के बाद लोगों ने फिर से सड़कों पर दुकानें लगा ली थीं।

हमने वीडियो में नजर आ रही लोकेशन को गूगल मैप पर सर्च किया। हमें लोकेशन की हूबहू तस्वीरें मिलीं। ये तस्वीरें ढाका के सावर इलाके की हैं। इसके बाद यह साफ हो गया कि वायरल वीडियो का बंगाल से कोई लेना-देना नहीं है। 

अधिक जानकारी के लिए हमने बांग्लादेशी ‘प्रोबाश टाइम्स समाचार’ के एडिटर मोहम्मद राफ्त से संपर्क किया। उन्होंने वायरल वीडियो को बांग्लादेश का बताया । साथ ही कहा कि यह सड़क पर अवैध अतिक्रमण हटाने को लेकर हुई कार्रवाई का वीडियो है। 

क्या है संदर्भ?

पश्चिम बंगाल समेत चार राज्यों और एक केंद्र शासित राज्य में चुनाव संपन्न हो चुके हैं। पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बन चुकी है। पार्टी ने शुभेंद्रु अधिकारी को मुख्यमंत्री बनाया है। पश्चिम बंगाल की 293 सीटों वाली विधानसभा में बीजेपी को 207 सीटें मिली हैं। वहीं तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर सिमटकर रह गई।

अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को पांच हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि बुलडोजर की कार्रवाई के वायरल वीडियो को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। असल में इस वीडियो का भारत से कोई संबंध नहीं है। यह वीडियो बांग्लादेश का है। 

  • Claim Review : पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई।
  • Claimed By : FB User Vihan Singh
  • Fact Check : झूठ

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