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Fact Check: जापान में बौद्ध मंदिर की मूर्तियों को मैसूर के चामराजेश्वर मंदिर का बताकर किया जा रहा है वायरल

विश्वास न्यूज़ की जांच में यह दावा गलत निकला। असल में यह कलाकृतियां जापान के काटो शहर में नेनबुत्सुशु सम्पोजन मुरोजुजी मंदिर में हैं, मैसूर के चामराजेश्वर मंदिर में नहीं।

  • By Vishvas News
  • Updated: October 28, 2021

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज़)। सोशल मीडिया पर वायरल एक तस्वीर में बहुत-से हिन्दू देवी-देवताओं जैसी दिखने वाली मूर्तियों को देखा जा सकता है। पोस्ट के साथ दावा किया जा रहा है कि यह कलाकृतियां मैसूर के चामराजेश्वर मंदिर में हैं। विश्वास न्यूज़ ने अपनी पड़ताल में पाया कि यह दावा गलत है। असल में यह कलाकृतियां जापान के काटो शहर में नेनबुत्सुशु सम्पोजन मुरोजुजी मंदिर में हैं।

क्या है वायरल पोस्ट में ?

वायरल पोस्ट के साथ दावा किया जा रहा है, “वो हमारी विरासतों का मजाक उड़ा सकते हैं …..लेकिन उसके आर्किटेक्चर को मैच नहीं कर सकते …. सिर्फ मूर्तियों को मत देखिए, उनके कपड़ों की लहरों को भी देखिए, बारीकी को देखिए। कपड़े हवा से लहराते हुए मालूम होते हैं। (चमराजेश्वर मंदिर, मैसूर)”

इस पोस्ट के आर्काइव्ड लिंक को यहां देखा जा सकता है।

पड़ताल

पड़ताल शुरू करने के लिए हमने इस तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज सर्च किया। हमें यह तस्वीरें जापान के कोटो शहर में स्थित नेनबुत्सुशु मंदिर के आधिकारिक फेसबुक एकाउंट पर मिलीं।

हमें यह तस्वीरें फ्लिकर पर भी इसी डिस्क्रिप्शन के साथ मिली कि यह जापान के कोटो शहर में स्थित नेनबुत्सुशु मंदिर की हैं।

इसके बाद हमने मैसूर के चामराजेश्वर मंदिर के बारे में ढूंढा। हमने पाया कि वहां बहुत-सी अद्भुत कलाकृतियां हैं। मगर वायरल तस्वीर में दिखने वाली कलाकृति वहां नहीं है।

हमने इस विषय में कर्नाटक के पुरातत्व विभाग के डिप्टी डायरेक्टर कृष्णम स्वामी से संपर्क साधा। उन्होंने भी कन्फर्म किया कि यह तस्वीर मैसूर के चामराजेश्वर मंदिर की नहीं है।

वायरल वीडियो को साझा करने वाले यूजर ‼️ खुशी गिरि की सोशल स्कैनिंग से पता चला है कि यूजर के ट्विटर पर 4,193 फ़ॉलोअर्स हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज़ की जांच में यह दावा गलत निकला। असल में यह कलाकृतियां जापान के काटो शहर में नेनबुत्सुशु सम्पोजन मुरोजुजी मंदिर में हैं, मैसूर के चामराजेश्वर मंदिर में नहीं।

  • Claim Review : वो हमारी विरासतों का मजाक उड़ा सकते हैं ..... लेकिन उसके आर्किटेक्चर को मैच नहीं कर सकते .... सिर्फ मूर्तियों को मत देखिए, उनके कपड़ों की लहरों को भी देखिए, बारीकी को देखिए। कपड़े हवा से लहराते हुए मालूम होते हैं। (चमराजेश्वर मंदिर, मैसूर)
  • Claimed By : KhushiK38109533
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