Fact Check: जावेद अख्तर ने नहीं किया हिजाब विवाद में नीतीश कुमार का समर्थन, वीडियो फर्जी दावे से वायरल
विश्वास न्यूज की पड़ताल में पाया कि वायरल पोस्ट में किया जा रहा दावा फर्जी है। जावेद अख्तर का वीडियो और बयान नीतीश कुमार के समर्थन या इस घटना को सही ठहराने वाला नहीं है। 29 नवंबर का यह वीडियो उस वक्त का है, जब वह एक इवेंट में पहुंचे थे और एक सवाल के जवाब में चेहरा ढकने की सामाजिक धारणा पर अपना पक्ष रखा था। हालांकि, नीतीश कुमार के हिजाब विवाद पर उन्होंने माफी मांगने को कहा है।
- By: Umam Noor
- Published: Dec 20, 2025 at 06:43 PM
नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। बिहार में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वहां मौजूद एक मुस्लिम महिला का हिजाब हटा दिया था। जिसके बाद सड़क से लेकर सोशल मीडिया पर यह मामला तूल पकड़ लिया। इसी बीच मशहूर गीतकार और पटकथा लेखक जावेद अख्तर का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह चेहरे को ढकने को लेकर अपना पक्ष रखते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि जावेद अख्तर ने नीतीश कुमार का हिजाब मामले में समर्थन किया है।
विश्वास न्यूज की पड़ताल में पाया कि वायरल पोस्ट में किया जा रहा दावा फर्जी है। जावेद अख्तर का वीडियो और बयान नीतीश कुमार के समर्थन या इस घटना को सही ठहराने वाला नहीं है। 29 नवंबर का यह वीडियो उस वक्त का है, जब वह एक इवेंट में पहुंचे थे और एक सवाल के जवाब में चेहरा ढकने की सामाजिक धारणा पर अपना पक्ष रखा था। हालांकि, नीतीश कुमार के हिजाब विवाद पर उन्होंने माफी मांगने को कहा है।
क्या है वायरल पोस्ट में?
फेसबुक यूजर रविंद्र भारतीय ने 18 दिसंबर को वायरल वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “नीतीश कुमार ने जो किया सही किया, चेहरा ढकने की क्या ज़रूरत: जावेद अख्तर (गीतकार और पटकथा लेखक)।”
पोस्ट के आर्काइव वर्जन को यहां देखें।

पड़ताल
अपनी पड़ताल को शुरू करते हुए सबसे पहले हमने वायरल वीडियो को गौर से सुना। वीडियो में एक महिला जावेद अख्तर से सवाल करती हैं कि खुद को ढकना आपको कमजोर महिला कैसे बना सकता है? इसपर जावेद अख्तर जवाब देते हैं। (हिंदी अनुवाद), “अपने चेहरे से शर्म क्यों करनी चाहिए? वो मैंने माना कि बहुत रिवीलिंग कपड़े चाहे वो मर्द पहने, चाहे औरत पहने, वो सभ्य नहीं लगते. अगर एक मर्द शॉर्ट और स्लीवलेस टीशर्ट पहनकर ऑफिस में आए या कॉलेज आए, तो ये अच्छी बात नहीं है। सभ्य कपड़े पहनने चाहिए और एक महिला को भी ऐसा ही करना चाहिए। लेकिन उसे अपना चेहरा क्यों छुपाना चाहिए? एक महिला के चेहरे में ऐसा क्या है, जो आपत्तिजनक है? क्यों ये वजह क्या है? ये एक दबाव है। उसका ब्रेनवॉश किया गया है, अगर वो कहती है कि वो अपनी मर्जी से कर रही है। क्योंकि उसे पता है कि कुछ लोग इसकी सराहना करेंगे। अगर आप उसे छोड़ देंगे, तो कोई भी आदमी अपना चेहरा कवर क्यों करेगा, उसे अपने चेहरे से नफरत है क्या? क्यों?”
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमे वायरल वीडियो के की फ्रेम को गूगल लेंस कर जरिए सर्च किया। सर्च करने पर हमें इस कार्यक्रम का पूरा वीडियो SOA लिटरेरी फेस्टिवल’ के यूट्यूब चैनल पर 29 नवंबर 2025 को अपलोड किया हुआ मिला। यहां 45 सेकंड पर महिला को सवाल करते और फिर जवाब अख्तर को मुंह ढकने को जवाब देते हुए सुना जा सकता है।
‘SOA लिटरेरी फेस्टिवल’ 2025 के उद्घाटन समारोह के इस वीडियो को इसी नाम से बने यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया गया है। पूरा वीडियो यहां देखा जा सकता है।
पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने यह जानने की कोशिश की कि क्या नीतीश कुमार के हिजाब विवाद पर जावेद अख्तर ने कोई बयान दिया है। सर्च में हमें 18 दिसंबर 2025 को जावेद अख्तर के एक्स हैंडल पर शेयर किया हुआ पोस्ट मिला, जिसमे जावेद अख्तर ने यह लिखा है कि वे पारंपरिक पर्दा/हिजाब के खिलाफ हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह नीतीश कुमार के व्यवहार का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को उस महिला से माफी मांगनी चाहिए। एक्स पोस्ट नीचे देखी जा सकती है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, 15 दिसंबर 2025 को पटना में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान नियुक्ति पत्र वितरण समारोह चल रहा था। इसी दौरान मंच पर मौजूद एक मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा हटाने की घटना सामने आई है। यह घटना कैमरों में रिकॉर्ड हो गई, जिसके बाद राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम जनता की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिलीं हैं। कई लोगों ने इसे महिला की निजता और धार्मिक स्वतंत्रता के प्रति असंवेदनशील बताया है। इस मामले से जुड़ी पूरी खबर यहां पढ़ी जा सकती है।
वायरल पोस्ट से जुड़ी पुष्टि के लिए हमने हमने हमारे साथी दैनिक जागरण में बॉलीवुड को कवर करने वाली सीनियर पत्रकार स्मिता श्रीवास्तव से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि जावेद अख्तर का ये वीडियो विवाद से पहले का है और उन्होंने विवाद की आलोचना करते हुए एक्स पोस्ट भी शेयर की है।
अब बारी थी फर्जी पोस्ट को शेयर करने वाले फेसबुक यूजर की सोशल स्कैनिंग करने की। फेसबुक यूजर रवींद्र भारतीय को साढ़े चार हजार से ज्यादा लोग फॉलो करते हैं।
निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की पड़ताल में पाया कि वायरल पोस्ट में किया जा रहा दावा फर्जी है। जावेद अख्तर का वीडियो और बयान नीतीश कुमार के समर्थन या इस घटना को सही ठहराने वाला नहीं है। 29 नवंबर का यह वीडियो उस वक्त का है, जब वह एक इवेंट में पहुंचे थे और एक सवाल के जवाब में चेहरा ढकने की सामाजिक धारणा पर अपना पक्ष रखा था। हालांकि, नीतीश कुमार के हिजाब विवाद पर उन्होंने माफी मांगने को कहा है।
- Claim Review : जावेद अख्तर ने नितीश कुमार का हिजाब मामले में समर्थन किया है।
- Claimed By : फेसबुक यूजर रविंद्र भारतीय
- Fact Check : झूठ
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