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Fact Check: कंगना रनौत ने सीजेपी के समर्थन में नहीं किया प्रदर्शन, वायरल दावा गलत

कंगना रनौत के सीजेपी के समर्थन में प्रदर्शन  करने का दावा फर्जी है। असल में उनके पुराने और असंबंधित वीडियो को गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।

  • By: Pragya Shukla
  • Published: Jul 21, 2026 at 03:36 PM
  • Updated: Jul 22, 2026 at 12:01 PM

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन को लेकर संसद में जारी घमासान के बीच वायरल एक वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी की सांसद कंगना रनौत भी अब इस प्रदर्शन के पक्ष में उतर आई हैं। वायरल वीडियो में संसद परिसर में उन्हें नारेबाजी करते हुए देखा जा सकता है।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा गलत है। असल में वायरल वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं, बल्कि अप्रैल 2026 का है। दरअसल, 131वां संविधान संशोधन विधेयक गिरने के बाद संसद के बाहर बीजेपी की महिला सांसदों ने विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन किया था। यह वीडियो उसी प्रदर्शन का है, जिसे अब गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। 

क्या हो रहा है वायरल ?

एक्स यूजर ‘Shiva Yadav’ ने 20 जुलाई 2026 को वायरल वीडियो शेयर करते हुए अंग्रेजी में कैप्शन लिखा, “बीजेपी सांसद मैडम कंगना रनौत ने बीजेपी के खिलाफ विरोध करना शुरू कर दिया है!”

पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहां देखा जा सकता है।

पड़ताल 

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के कई कीफ्रेम निकाले और उन्हें गूगल रिवर्स इमेज के जरिए सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी एक पोस्ट ‘जी न्यूज’ के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर मिली। पोस्ट को 17 अप्रैल 2026 को शेयर किया गया था। मौजूद जानकारी के मुताबिक, 131वां संविधान संशोधन विधेयक गिरते ही संसद के बाहर NDA ने जोरदार प्रदर्शन किया।

प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर संबंधित कीवर्ड्स की मदद से सर्च किया। हमें दावे से जुड़ी न्यूज रिपोर्ट ‘आजतक’ की वेबसाइट पर मिली। इस रिपोर्ट को 17 अप्रैल 2026 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका। ऐसे में बीजेपी की महिला सांसदों ने विपक्ष के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। 

‘बीबीसी’ की वेबसाइट पर 17 अप्रैल 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, “लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन विधेयक वोटिंग के बाद गिर गया। यह विधेयक महिला आरक्षण कानून में संशोधन के लिए लाया गया था। एनडीए विधेयक के पक्ष में दो तिहाई वोट हासिल करने में नाकाम रहा। विधेयक के पक्ष में 298 वोट मिले, जबकि इसके विरोध में 230 वोट पड़े।”

131वां संविधान संशोधन विधेयक, 2026 का उद्देश्य लोकसभा की सीटों की संख्या को 550 से बढ़ाकर 850 करना और महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू करने में तेजी लाना था। 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में जरूरी दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने की वजह से यह विधेयक पारित होने में विफल रहा। गौरतलब है कि महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिए जाने का विधेयक 29 सितंबर 2023 को भारत के राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद अब कानून (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) बन चुका हैं।

बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, “2023 में भारत ने एक कानून पारित किया था, जिसमें लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण सुनिश्चित किया गया, लेकिन इसे जनगणना और उसके बाद होने वाले परिसीमन के बाद ही लागू होना था। प्रस्तावित संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 में प्रस्ताव था कि सीटों के परिसीमन में यह आरक्षण “ताजा प्रकाशित जनगणना के आंकड़ों” के आधार पर लागू किया जाए।”

हमने दिल्ली दैनिक जागरण के पॉलिटिकल एडिटर और संसद कवर करने वाले आशुतोष झा से वायरल वीडियो को लेकर बातचीत की। उन्होंने दावे को गलत और वीडियो को पुराना बताया है।

अधिक जानकारी के लिए हमने सीजेपी का प्रदर्शन कवर कर रहे दैनिक जागरण, दिल्‍ली के रिपोर्टर नेमिश हेमंत से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि वायरल दावा गलत है। कंगना रनौत ने सीजेपी के समर्थन में कोई प्रदर्शन नहीं किया है।

क्या है संदर्भ?

सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने पर पुलिस ने 18 जुलाई 2026 को उन्हें जंतर मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था। सोनम वांगचुक के अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने 20 जुलाई को संसद तक मार्च निकाला था। इसे लेकर दिल्ली पुलिस हाई अलर्ट पर थी। जंतर मंतर के पास 5000 जवान तैनात किए गए थे। इसके अलावा धरनास्थल क्षेत्र में धारा 163 लागू की गई थी। पूरी रिपोर्ट को यहां और यहां पढ़ा जा सकता है।

सीजेपी के ‘सौरव दास’ ने 20 जुलाई को केन्‍द्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ मुलाकात की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, “हमने अपनी मांगें बता दी हैं, जिनमें धर्मेंद्र प्रधान का तुरंत इस्तीफा या उन्हें पद से हटाना शामिल है। उन्होंने हमें भरोसा दिलाया है कि वे इस मामले पर सही स्तर पर बातचीत करेंगे। हालांकि, अभी तक कोई पक्का वादा नहीं किया गया है। जब तक हमारी मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी चैन से नहीं बैठेंगे।”

https://twitter.com/SauravDassss/status/2079155844982432196

‘जागरण डॉट कॉम’ की 12 जुलाई 2026 की एक खबर के अनुसार, देश में परीक्षाओं में अनियमितताओं के मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जून 2026 को दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना-प्रदर्शन शुरू किया था। इसके बाद सोनम वांगचुक 28 जून 2026 को इसमें शामिल हुए थे। सोनम वांगचुक जंतर मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे थे। 

अंत में हमने वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर करने वाले एक्स यूजर के अकाउंट को स्कैन किया। हमने पाया कि यूजर को एक हजार से अधिक लोग फॉलो करते हैं। यूजर ने प्रोफाइल में खुद को यूपी का रहने वाला बताया है।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि कंगना रनौत के सीजेपी के समर्थन में प्रदर्शन  करने का दावा फर्जी है। असल में उनके पुराने और असंबंधित वीडियो को गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है। वायरल वीडियो अप्रैल 2026 का है, जब उन्होंने 131वां संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं होने के बाद संसद के बाहर विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन किया था।

  • Claim Review : भाजपा सांसद कंगना रनौत ने सीजेपी के समर्थन में किया प्रदर्शन।
  • Claimed By : X User Shiva Yadav
  • Fact Check : झूठ

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