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Fact Check: बांग्लादेश नहीं, पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर में खंडित की गई महात्मा गांधी की प्रतिमा, भ्रामक दावा वायरल

विश्वास न्यूज की पड़ताल में पाया गया कि वायरल दावा गलत है। गांधी जी की खंडित प्रतिमा की तस्वीर बांग्लादेश की नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर की है। वहां एक हिंसक प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया था।

विश्वास न्यूज (नई दिल्ली): सोशल मीडिया पर महात्मा गांधी की एक खंडित प्रतिमा की तस्वीर वायरल हो रही है। यूजर्स इसे हालिया बांग्लादेश हिंसा से जोड़ते हुए दावा कर रहे हैं कि वहां उपद्रवियों ने गांधी जी की प्रतिमा का सिर तोड़कर अलग कर दिया।

विश्वास न्यूज की जांच में यह दावा गलत निकला। वायरल तस्वीर बांग्लादेश की नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के चकुलिया की है, जहां एक स्थानीय विरोध प्रदर्शन के दौरान बीडीओ कार्यालय में तोड़फोड़ की गई थी।

क्या है वायरल पोस्ट में?

फेसबुक यूजर ‘Anuj Porwal‘ (आर्काइव लिंक) ने एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, “आज बांग्लादेशियों ने गांधी जी की प्रतिमा से उनका सिर काट कर प्रतिमा के पास रख दिया। बापू जी ने इनको 55 करोड़ रुपये देने के लिए भूख हड़ताल की थी। उन्होंने हिंदुओं से पूर्ण अहिंसा की मांग की थी और मुसलमानों को अपने धर्म की रक्षा के अधिकारों का समर्थन किया था। कितने दयालु हैं बंग्लादेशी।”

पड़ताल

दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने सबसे पहले संबंधित कीवर्ड्स के जरिए गूगल सर्च किया। हमें ‘The Telegraph‘ की 17 जनवरी 2026 की एक रिपोर्ट मिली, जिसमें वायरल पोस्ट वाला स्क्रीनशॉट देखा जा सकता है।  रिपोर्ट के अनुसार, 15 जनवरी 2026 को पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर में ‘Special Intensive Revision’ (SIR) की सुनवाई चल रही थी। चुनाव आयोग ने त्रुटियों के कारण हजारों मतदाताओं को दोबारा भौतिक सत्यापन के लिए बुलाया था। स्थानीय निवासियों का आरोप था कि उन्हें ‘दूसरी सुनवाई’ के नाम पर परेशान किया जा रहा है। इसी विरोध के चलते लगभग 300 लोगों की उग्र भीड़ ने ग्वालपोखर-II के BDO कार्यालय पर हमला कर दिया।

पड़ताल के दौरान हमें BJP West Bengal के आधिकारिक X (ट्विटर) हैंडल पर भी इस घटना से संबंधित पोस्ट मिली, जिसमें पश्चिम बंगाल की कानून व्यवस्था पर निशाना साधा गया था। यहां भी इसे पश्चिम बंगाल का बताया गया।

इस मामले में अधिक जानकारी के लिए हमने इस्लामपुर जिले के पुलिस अधीक्षक जॉबी थॉमस से संपर्क किया। उन्होंने पुष्टि की, “यह घटना ग्वालपोखर-II ब्लॉक के बीडीओ कार्यालय में हुई थी। बीडीओ कार्यालय में तोड़फोड़, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिस पर हमला करने के आरोप में 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।”

वायरल पोस्ट को शेयर करने वाले यूजर अनुज पोरवाल के 9 हजार से अधिक फेसबुक फॉलोअर्स हैं।

निष्कर्ष: विश्वास न्यूज की पड़ताल में पाया गया कि वायरल दावा गलत है। गांधी जी की खंडित प्रतिमा की तस्वीर बांग्लादेश की नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर की है। वहां एक हिंसक प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया था।

  • Claim Review : बांग्लादेश में उपद्रवियों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा को खंडित किया।
  • Claimed By : FB user 'Anuj Porwal'
  • Fact Check : झूठ

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