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Fact Check: 15 मई 2018 को वाराणसी में हुए हादसे के सभी आठ आरोपी हो गए थे गिरफ्तार, ठेकेदार के फरार होने की बात अफवाह

वायरल फोटो मई 2018 में वाराणसी में हुए पुल हादसे की है, लेकिन मामले में सभी आठ आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। ठेकेदार को भी पुलिस ने पकड़ लिया था। इस केस में अब कोई आरोपी फरार नहीं है।

  • By Vishvas News
  • Updated: February 3, 2022
Varanasi 2018 Bridge Collapse

नई दिल्ली (विश्वास न्यूज)। यूपी चुनाव 2022 से पहले कई फर्जी और भ्रामक पोस्ट वायरल हो रही हैं। सोशल मीडिया पर इसी तरह की एक पोस्ट शेयर की जा रही है। इसमें एक फोटो पोस्ट करके दावा किया जा रहा है कि 15 मई 2018 वाराणसी पुल हादसे के मामले में ठेकेदार अब भी फरार है।

विश्वास न्यूज ने अपनी पड़ताल में पाया कि मई 2018 में वाराणसी कैंट में हुए पुल हादसे में सभी आठ आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए थे। इसमें पुलिस फाइनल रिपोर्ट भी लगा चुकी है। ठेकेदार के फरार होने की बात गलत है।

क्या है वायरल पोस्ट में

फेसबुक यूजर ‘दिनेश प्रकाश गुप्ता’ ने 2 फरवरी 2022 को स्क्रीनशॉट को शेयर किया। इस पर फोटो के साथ लिखा है,
15 मई 2018 वाराणसी पुल हादसा याद है
वो ठेकेदार योगी को आज तक नही मिल पाया

फेसबुक पेज Unofficial: Arvind Kejriwal और अंधभक्तो का DNA समेत कई फेसबुक यूजर्स ने इस फोटो को पोस्ट करते हुए ऐसा दावा किया है।

ट्विटर यूजर Mohammad Akbar Jafri (आर्काइव) ने भी 1 फरवरी 2022 को इस तरह की पोस्ट की है।

पड़ताल

वायरल दावे की पड़ताल के लिए सबसे पहले फोटो को गूगल रिवर्स इमेज से सर्च किया। इसमें हमें 16 मई 2018 को अमर उजाला में छपी फोटो गैलरी मिली।इसमें वायरल फोटो भी मिल गई। खबर के मुताबिक, मंगलवार शाम को वाराणसी में निर्माणाधीन पुल गिर गया।फ्लाईओवर गिरने से कई लोगों की मौत हो गई। इसके नीचे कई वाहन दब गए। शहर के मुख्य मार्ग पर ओवरब्रिज का एक हिस्सा एक रोडवेज बस और कई वाहनों के ऊपर गिर गया है।

16 मई को 2018 को jagran में छपी खबर के अनुसार, हादसा कैंट रेलवे स्टेशन के पास हुआ है। रोडवेज बस, दो कार, बोलेरो, ऑटो रिक्शा और चार बाइकें बीम की चपेट में आ गई हैं। दोनों बीमों को नौ क्रेन की मदद से उठाने में करीब चार घंटे लग गए। इसके पीछे प्रथम दृष्टया उत्तर प्रदेश सेतु निर्माण निगम की लापरवाही बताई जा रही है।

इस मामले में कार्रवाई के बारे में पड़ताल करने पर हमें 28 जुलाई 2018 को आज तक में छपी रिपोर्ट मिली। इसके मुताबिक, करीब ढाई माह बाद इस मामले में गिरफ्तारी हुई है। सात इंजीनियरों और एक ठेकेदार समेत आठ लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जांच में पुल निर्माण में कई खामियां मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है। ठेकेदार का नाम साहेब हुसैन है।

इसके बारे में और छानबीन करने पर हमें 28 जुलाई 2018 का POLICE COMMISSIONERATE VARANASI का ट्वीट मिला। इसमें कार्रवाई के बारे में जानकारी दी गई है।

सिगरा थाने के इंचार्ज इंस्पेक्टर धनंजय पांडे का कहना है कि इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। ठेकेदार साहेब हुसैन को भी पकड़ लिया गया था। मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई है। इस केस में किसी ठेकेदार के फरार होने की बात अफवाह है।

वाराणसी पुल हादसे की तस्वीर को भ्रामक दावे के साथ वायरल करने वाले फेसबुक यूजर ‘दिनेश प्रकाश गुप्ता’ की प्रोफाइल को हमने स्कैन किया। वह एक राजनीतिक विचारधारा से प्रेरित हैं।

निष्कर्ष: वायरल फोटो मई 2018 में वाराणसी में हुए पुल हादसे की है, लेकिन मामले में सभी आठ आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। ठेकेदार को भी पुलिस ने पकड़ लिया था। इस केस में अब कोई आरोपी फरार नहीं है।

  • Claim Review : 15 मई 2018 को वाराणसी में हुए पुल हादसे का ठेकेदार फरार है
  • Claimed By : FB User- दिनेश प्रकाश गुप्ता
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