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Fact Check : वायरल हो रहे ट्वीट प्रियंका चतुर्वेदी के नहीं हैं

नई दिल्ली (विश्‍वास टीम)। कांग्रेस छोड़ चुकी प्रियंका चतुर्वेदी के सोशल मीडिया पर कुछ फेक ट्वीट की तस्‍‍‍‍‍‍‍वीरें वायरल हो रही हैं। इन ट्वीट्स को प्रियंका चतुर्वेदी के नाम पर वायरल किए जा रहे हैं। इन फर्जी ट्वीट्स में कांग्रेस और राहुल गांधी को लेकरबयानबाजी की गई है। विश्वास न्यूज ने जब इसकी पड़ताल की तो पाया कि ये ट्वीट फेक हैं। शिवसेना ज्‍वाइन कर चुकीं प्रियंका चतुर्वेदी ने ऐसे कोई ट्वीट नहीं किए हैं।

क्या है वायरल ट्वीट में?

सबसे पहले बात करते हैं उन ट्वीट्स कि जिन्‍हें प्रियंका चतुर्वेदी के नाम पर वायरल किया जा रहा है। फेसबुक पर वायरल हो रहे इन ट्वीट्स को रविंद्र तिवारी और रविंद्र आर्य नाम के फेसबुक अकाउंट से फॉरवर्ड किया जा रहा है। इसमें प्रियंका चतुर्वेदी के नाम से लिखे गए ट्वीट के स्क्रीनशॉट लगाए गए हैं। इन्हें 19 अप्रैल 09:00PM और 20 अप्रैल 06:48AM पर पोस्ट किया गया है।

रविंद्र तिवारी ने फेसबुक पेज पर 19 अप्रैल को रात नौ बजे प्रियंका चतुर्वेदी के फर्जी ट्वीट के स्क्रीनशॉट को अपलोड किया।

रविंद्र आर्य के फेसबुक पेज से 20 अप्रैल को सुबह 6:48 बजे प्रियंका चतुर्वेदी के फर्जी ट्वीट को अपलोड किया गया।

पड़ताल

सबसे पहले पोस्ट में मौजूद स्क्रीनशॉट में लिखे प्रियंका चतुर्वेदी के ट्विटर हैंडल को हमने ट्विटर पर ढूंढा। सर्च करते ही ट्विटर पर मैसेज मिला की इस अकाउंट को सस्‍पेंड कर दिया गया है। यानी यह फर्जी अकाउंट था, लेकिन इसे अब बंद कर दिया गया है।

इसके बाद हम प्रियंका चतुर्वेदी के वेरिफाइड ट्विटर अकाउंट यानी ब्लू टिक वाली प्रोफाइल पर गए। स्क्रीनशॉट और प्रियंका चतुर्वेदी के असली ट्विटर हैंडल में एक C का फर्क है।

जहां उनके वेरिफाइड अकाउंट का एड्रेस @priyankac19 है, वहीं स्क्रीनशॉट में मौजूद ट्विटर हैंडल का एड्रेस @priyankacc19 है। @priyankac19 उनका ओरिजिनल अकाउंट है, यह कन्फर्म करने के लिए हमने InVID टूल का इस्तेमाल किया और इसके बाद इस टूल ने भी हमें सीधा उनके इसी हैंडल पर रिडाइरेक्ट किया। प्रियंका चतुर्वेदी का ओरिजिनल अकाउंट जनवरी 2009 में बनाया गया है। इस अकाउंट पर अब तक उनके 723K फॉलोअर हैं और 25K के करीब ट्वीट किए गए हैं।

इससे साफ पता चलता है कि रीडर्स को भ्रमित करने के लिए इस तरह के गलत अकाउंट का इस्तेमाल किया गया। शायद इसी कारण ट्विटर से उस फेक अकाउंट को डिलीट कर दिया गया, जहां से प्रियंका चतुर्वेदी के नाम से ट्वीट किया जा रहा था।

अब दूसरा पड़ाव था उस अकाउंट का पता लगाना, जो इस तरह की फर्जी खबरें फैला रहा था। उनकी पोस्ट की सच्चाई जाने के लिए हमने StalkScan टूल का इस्तेमाल किया। StalkScan टूल की मदद से हमें पता लगा कि रविंद्र तिवारी का झुकाव एक खास विचारधारा की ओर है। फतेहपुर उत्तर प्रदेश के रहने वाले रविंद्र तिवारी एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं।

वहीं, दूसरा अकाउंट जो रवींद्र आर्य का था, इसकी पड़ताल करने के लिए भी होने StalkScan की मदद ली। इस अकाउंट यानि रविंद्र आर्य का भी एक खास विचारधारा की ओर झुकाव उनकी पोस्ट्स से साफ पता चलता है। उनके अकाउंट में अधिकतर पोस्ट्स एक विशेष विचारधारा को दर्शाती है।

निष्‍कर्ष : विश्‍वास टीम की जांच में पता चला कि जिस ट्वीट को प्रियंका चतुर्वेदी का बताकर वायरल किया जा रहा है, वह फेक है।

रिसर्च : साक्षी पंड्या

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